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परीक्षा परिणाम: यदि नंबर आए हों कम तो न करें गम
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लखीमपुर खीरी। जिले में सीआईएससीई का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा। मगर, लॉकडाउन हो जाने के कारण दसवीं और बारहवीं के कुछ पेपर नहीं हो पाए। ऐसे में बोर्ड ने जिन विषयों के पेपर हो गए थे उनमें से सर्वाधिक नंबर वाले विषय के आधार पर पेपर न होने वाले विषयों में नंबर दिए। ऐसे मे कुछ छात्रों का रिजल्ट बेहतर रहा तो कुछ का खास नहीं रहा। छात्रों का कहना है कि यदि पेपर होते तो प्रतिशत कुछ और होता। ऐसे में नंबरों को लेकर छात्र उदास हैं। हालांकि परीक्षा के अंक भविष्य निर्धारित नहीं करते हैं जो परिणाम आया इससे सबक लेकर आगे की परीक्षाओं में और बेहतर करने का संकल्प लेकर जीवन का लक्ष्य तय करें।
अन्य छात्रों से तुलना न करें अभिभावक
रिजल्ट को लेकर बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाएं। न ही उनकी अन्य छात्रों से तुलना करें। बच्चे को भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।
-विजय सचदेवा, प्रधानाचार्य, एलपीएस एवं समन्वयक सीआईएससीई बोर्ड
बच्चों को न छोड़ें अकेला
रिजल्ट में नंबर कम रहने पर छात्र परेशान होते हैं। अभिभावक बच्चों को अकेला न छोड़ें। उनसे बात कर बताएं कि इन नंबरों से भविष्य तय नहीं होता। स्वभाव में बदलाव होने पर मनोचिकित्सक को दिखाएं।
-डॉ. अखिलेश शुक्ला, मनोचिकित्सक जिला अस्पताल
इन विषयों के नहीं हुए पेपर
बोर्ड के समन्वयक विजय सचेदवा ने बताया कि 10वीं के हिंदी, कंप्यूटर, भूगोल, बायोलॉजी के अलावा 12 वीं के बायोलॉजी विषय के पेपर लॉकडाउन के कारण नहीं हो सके थे। जिन विषय के पेपर हो गए थे, उसमें से जिस विषय में नंबर सबसे ज्यादा मिले उसके आधार पर ही इन विषयों में नंबर दिए गए।
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अन्य छात्रों से तुलना न करें अभिभावक
रिजल्ट को लेकर बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाएं। न ही उनकी अन्य छात्रों से तुलना करें। बच्चे को भविष्य में बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।
-विजय सचदेवा, प्रधानाचार्य, एलपीएस एवं समन्वयक सीआईएससीई बोर्ड
बच्चों को न छोड़ें अकेला
रिजल्ट में नंबर कम रहने पर छात्र परेशान होते हैं। अभिभावक बच्चों को अकेला न छोड़ें। उनसे बात कर बताएं कि इन नंबरों से भविष्य तय नहीं होता। स्वभाव में बदलाव होने पर मनोचिकित्सक को दिखाएं।
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-डॉ. अखिलेश शुक्ला, मनोचिकित्सक जिला अस्पताल
इन विषयों के नहीं हुए पेपर
बोर्ड के समन्वयक विजय सचेदवा ने बताया कि 10वीं के हिंदी, कंप्यूटर, भूगोल, बायोलॉजी के अलावा 12 वीं के बायोलॉजी विषय के पेपर लॉकडाउन के कारण नहीं हो सके थे। जिन विषय के पेपर हो गए थे, उसमें से जिस विषय में नंबर सबसे ज्यादा मिले उसके आधार पर ही इन विषयों में नंबर दिए गए।
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