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Lakhimpur Kheri News: 10.35 लाख खेतों में ई-खसरा पड़ताल होगी, लगाई गईं टीमें
Sun, 17 Aug 2025 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 17 Aug 2025 11:10 PM IST
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लखीमपुर खीरी। फसलों की बोआई और उत्पादन की सटीक जानकारी के लिए जिले के 10.35 लाख खेतों में ई-खसरा पड़ताल कराई जाएगी। यह अभियान 30 सितंबर तक पूरा होना है। इसमें कृषि विभाग के अलावा रोजगार सेवक, पंचायत सहायक आदि टीमें लगाई गई हैं।
टीमें ई-खसरा पड़ताल के लिए गांव-गांव जाकर कृषि विभाग के एप पर ब्योरा अपलोड करेंगे। फसल के आधार पर किसानों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि इसका लाभ उन्हें सीधा मिल सके। जिले में गेहूं, धान व गन्ना के अलावा दलहन, तिलहन व औद्योगिक फसलों की बोआई की जाती है।
कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ा औसत एवं क्राॅप कटिंग के आधार पर तय किया जाता है। इससे सटीक क्षेत्रफल व उत्पादन नहीं मिलता। यही वजह है कि खरीफ, रबी के समय किसानों को बीज, खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने ई-खसरा पड़ताल एप के माध्यम से क्रॉप सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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ये मिलेंगी सहूलियतें
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि ई-खसरा पड़ताल से मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई परीक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार सत्यापन कराने के झंझट से निजात मिलेगी। कृषि उत्पादों के बारे में समय से सटीक जानकारी भी मिल सकेगी।
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टीमें ई-खसरा पड़ताल के लिए गांव-गांव जाकर कृषि विभाग के एप पर ब्योरा अपलोड करेंगे। फसल के आधार पर किसानों के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी, ताकि इसका लाभ उन्हें सीधा मिल सके। जिले में गेहूं, धान व गन्ना के अलावा दलहन, तिलहन व औद्योगिक फसलों की बोआई की जाती है।
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कृषि विभाग के पास उपलब्ध आंकड़ा औसत एवं क्राॅप कटिंग के आधार पर तय किया जाता है। इससे सटीक क्षेत्रफल व उत्पादन नहीं मिलता। यही वजह है कि खरीफ, रबी के समय किसानों को बीज, खाद के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के निदान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने ई-खसरा पड़ताल एप के माध्यम से क्रॉप सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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ये मिलेंगी सहूलियतें
उप कृषि निदेशक गिरीश चंद्र ने बताया कि ई-खसरा पड़ताल से मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई परीक्षण का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार सत्यापन कराने के झंझट से निजात मिलेगी। कृषि उत्पादों के बारे में समय से सटीक जानकारी भी मिल सकेगी।