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दशहरा मेला : एक माह तक पलिया मार्ग पर ढाल के पास से संचालित होगा निघासन बस अड्डा
Sun, 28 Sep 2025 03:57 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:57 AM IST
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दशहरा मेला के लिए लगने लगी दुकानें। संवाद
लखीमपुर खीरी। मेला मैदान में दशहरे पर मेला लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है, क्योंकि पास में स्थित निघासन बस अड्डे को करीब एक माह के लिए पलिया मार्ग पर ढाल के पास शिफ्ट किया जाएगा। इसकी दूरी लगभग एक किलोमीटर है। विजयादशमी वाले दिन रूट डायवर्जन भी किया जाएगा।
मेला मैदान चौराहे के पास निघासन बस अड्डा है। यहां से शारदानगर, ढखरेवा, निघासन, सिंगाही, बेलरायां जाने के लिए बसें मिलती है। रोजाना 40 से 45 बसें चक्कर लगाती हैं, जिससे सैकड़ों यात्रियों का आना-जाना रहता है। सुबह छह बजे से ही बसें दौड़ने लगती हैं, जो शाम तक चलती हैं। दशहरे मेले के लिए वैसे तो यह बस अड्डा शिफ्ट किया जा चुका है, लेकिन यात्रियों को परेशानी को देखते हुए मौजूदा समय में एक बस चौराहे के पास खड़ी रहती है, जिसमें सवारियां भरने के बाद उसको रवाना कर दिया जाता है। बाद में दूसरी बस लगाई जाती है। इन दिनों यही क्रम चल रहा है। रावण दशहरा से दो दिन पहले ही इस बस अड्डे को पूर्ण रूप से मेला रहने तक हटा दिया जाएगा।
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अब तक 146 दुकानों का हो चुका पंजीकरण
-दशहरा मेले में करीब 200 से अधिक दुकानें व झूले लगते है, जिनको पंजीकरण नगर पालिका में कराया जाता है। मौजूदा समय नगर पालिका में 146 का पंजीकरण हो चुका है। अभी करीब 25 से 30 अन्य दुकानों पर झूलों का पंजीकरण होना है, जिसकी प्रक्रिया तेज चल रही है। अमूमन मेले में पुराने दुकानदार ही आते हैं, जिनको प्राथमिकता दी जाती है।
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दुकानों के लिए खाली कराई गई जमीन
मेला मैदान में अधिकांश दुकानें लकड़ी की हैं, जिनको हटाया जा चुका है, ताकि दशहरा में की दुकानें वहां पर लगाई जा सके। मेला परिसर में करीब 15 से 20 टिंबर हैं, जिनको हटाया जा चुका है। इसके अलावा अन्य दुकानें भी हैं।
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मेला मैदान चौराहे के पास निघासन बस अड्डा है। यहां से शारदानगर, ढखरेवा, निघासन, सिंगाही, बेलरायां जाने के लिए बसें मिलती है। रोजाना 40 से 45 बसें चक्कर लगाती हैं, जिससे सैकड़ों यात्रियों का आना-जाना रहता है। सुबह छह बजे से ही बसें दौड़ने लगती हैं, जो शाम तक चलती हैं। दशहरे मेले के लिए वैसे तो यह बस अड्डा शिफ्ट किया जा चुका है, लेकिन यात्रियों को परेशानी को देखते हुए मौजूदा समय में एक बस चौराहे के पास खड़ी रहती है, जिसमें सवारियां भरने के बाद उसको रवाना कर दिया जाता है। बाद में दूसरी बस लगाई जाती है। इन दिनों यही क्रम चल रहा है। रावण दशहरा से दो दिन पहले ही इस बस अड्डे को पूर्ण रूप से मेला रहने तक हटा दिया जाएगा।
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अब तक 146 दुकानों का हो चुका पंजीकरण
-दशहरा मेले में करीब 200 से अधिक दुकानें व झूले लगते है, जिनको पंजीकरण नगर पालिका में कराया जाता है। मौजूदा समय नगर पालिका में 146 का पंजीकरण हो चुका है। अभी करीब 25 से 30 अन्य दुकानों पर झूलों का पंजीकरण होना है, जिसकी प्रक्रिया तेज चल रही है। अमूमन मेले में पुराने दुकानदार ही आते हैं, जिनको प्राथमिकता दी जाती है।
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दुकानों के लिए खाली कराई गई जमीन
मेला मैदान में अधिकांश दुकानें लकड़ी की हैं, जिनको हटाया जा चुका है, ताकि दशहरा में की दुकानें वहां पर लगाई जा सके। मेला परिसर में करीब 15 से 20 टिंबर हैं, जिनको हटाया जा चुका है। इसके अलावा अन्य दुकानें भी हैं।