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Lakhimpur Kheri News: दुधवा का ईको टूरिज्म दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित करने में सक्षम
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दुधवा में मौजूद अंतरराष्ट्रीय समूह।
लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व और पीटीआर को ईको-टूरिज्म में विश्वस्तरीय पहचान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स का 15 सदस्यीय समूह इन दिनों दुधवा भ्रमण पर है। भ्रमण के दौरान यहां के अनूठे प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जैव विविधता से बेहद प्रभावित है। समूह को जंगल सफारी के दौरान कई बार बाघ दिखे। उन्होंने बताया कि दुधवा का ईको टूरिज्म दुनिया भर के सैलानियों को आकर्षित करने में सक्षम है।
दुधवा टाइगर रिजर्व व पीटीआर के सहयोग से जागीर मनोर, एचसीएल, एसएलएक्सएन और उत्तर प्रदेश पर्यटन के सौजन्य से यूरोपीय देशों अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड, आयरलैंड और इटली से आए विशेषज्ञों के समूह का नेतृत्व जागीर मेनोर से प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी टिम इंस्किप, काेरल इंस्पिक और मुख्य प्रकृति विज्ञानी अमित बांगरे कर रहे हैं।
इस टीम ने दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी, दुधवा, सोनारीपुर, कतर्नियाघाट जंगल में भ्रमण के दौरान 60 से अधिक प्रजातियों के पक्षी और बड़ी संख्या में बाघ, बारासिंगा, चीतल, पाढ़ा, सांभर आदि हिरन देखे। टीम ने पीलीभीत जिले के चूका ईको टूरिज्म कैंप और पीटीआर जंगल का भी भ्रमण किया है। टीम यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से बेहद प्रभावित हुई।
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इस सहयोगात्मक प्रयास का उद्देश्य ईको टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और सैलानियों को वन एवं वन्यजीवों की विविधता को विश्व स्तर पर उजागर करना है। विशेषज्ञों की टीम ने माना है कि दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व विश्व स्तर के सैलानियों की पसंद बनने योग्य है।
यूरोपीय देशों के टूरिस्ट ऑपरेटर्स और विशेषज्ञों के साथ मेरी मीटिंग हुई है। यह समूह दुधवा टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य और यहां की जैव विविधता से बेहद प्रभावित है। समूह में शामिल लोगों ने बताया कि वे अपने अपने देशों में जाकर दुधवा में पर्यटन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेंगे।
-ललित वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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दुधवा टाइगर रिजर्व व पीटीआर के सहयोग से जागीर मनोर, एचसीएल, एसएलएक्सएन और उत्तर प्रदेश पर्यटन के सौजन्य से यूरोपीय देशों अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड, आयरलैंड और इटली से आए विशेषज्ञों के समूह का नेतृत्व जागीर मेनोर से प्रसिद्ध पक्षी विज्ञानी टिम इंस्किप, काेरल इंस्पिक और मुख्य प्रकृति विज्ञानी अमित बांगरे कर रहे हैं।
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इस टीम ने दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर सेंक्चुरी, दुधवा, सोनारीपुर, कतर्नियाघाट जंगल में भ्रमण के दौरान 60 से अधिक प्रजातियों के पक्षी और बड़ी संख्या में बाघ, बारासिंगा, चीतल, पाढ़ा, सांभर आदि हिरन देखे। टीम ने पीलीभीत जिले के चूका ईको टूरिज्म कैंप और पीटीआर जंगल का भी भ्रमण किया है। टीम यहां के प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता से बेहद प्रभावित हुई।
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इस सहयोगात्मक प्रयास का उद्देश्य ईको टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना और सैलानियों को वन एवं वन्यजीवों की विविधता को विश्व स्तर पर उजागर करना है। विशेषज्ञों की टीम ने माना है कि दुधवा टाइगर रिजर्व और पीलीभीत टाइगर रिजर्व विश्व स्तर के सैलानियों की पसंद बनने योग्य है।
यूरोपीय देशों के टूरिस्ट ऑपरेटर्स और विशेषज्ञों के साथ मेरी मीटिंग हुई है। यह समूह दुधवा टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सौंदर्य और यहां की जैव विविधता से बेहद प्रभावित है। समूह में शामिल लोगों ने बताया कि वे अपने अपने देशों में जाकर दुधवा में पर्यटन के लिए लोगों को प्रोत्साहित करेंगे।
-ललित वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व