फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Dudhwa: Rhinos will get freedom in April

दुधवा : अप्रैल में मिलेगी गैंडों को आजादी

Mon, 01 Jan 2024 12:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2024 12:38 AM IST
विज्ञापन
Dudhwa: Rhinos will get freedom in April
दुधवा के जंगल में स्वछंद विचरण करता गैंडा।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में पिछले 40 वर्षो से सौर ऊर्जा चालित बाड़ की कैद में रह कर अपना कुनबा बढ़ा रहे 46 गैंडों में से चार गैंडों को नए साल में आजादी मिलने वाली है। सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल में इन्हें आजाद कर दिया जाएगा। गैंडों को बेहोश करने वाली दवा दक्षिण अफ्रीका से मंगा ली गई है। गैंडों को जंगल में छोड़े जाने से पहले लगाने के लिए रेडियों कॉलर की व्यवस्था भी हो गई है।
विज्ञापन

दुधवा नेशनल पार्क में वर्ष 1984 में शुरू की गई गैंडा पुनर्वासन योजना से चार गैंडों को आजाद करने के लिए पिछले दो वर्षों से कवायद चल रही है। कई चरणों में जायजा ले चुके विशेषज्ञों ने पाया कि गैंडों को स्वच्छंद विचरण के लिए आजाद किया जा सकता है। दुधवा में इनके लिए अनुकूल वनस्पतियों की प्रचुरता है। पहले चरण में चार गैंडों को आजाद करने की योजना तैयार की गई है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य गैंडों को भी जंगल में आजाद किया जाएगा।
विज्ञापन

वन कर्मियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण
दक्षिण सोनारीपुर रेंज में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज- वन से तीन मादा और एक नर गैंडे को निकाल कर जंगल में छोड़ने के लिए बेहोश करना होगा। इसके लिए बेहोशी की दवा दक्षिण अफ्रीका से मंगा ली गई है। जंगल में विचरण करते गैंडों की लोकेशन और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चारों गैंडों को रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। इनमें दो रेडियो कॉलर दुधवा टाइगर रिजर्व और दो रेडियो कॉलर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ मुहैया कराएगा। वन कर्मियों को रेडियो कॉलर लगाने का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एनटीसीए छोड़े जाने वाले गैंडों की करेगा पहचान
जिन गैंडों को स्वच्छंद विचरण के लिए जंगल में छोड़ा जाना है, उन्हे एनटीसीए के अधिकारी चिह्नित करेंगे। एनटीसीए ही गैंडों को जंगल में छोड़े जाने की तारीख तय करेगा। अभी बस इतना तय है कि चारों गैंडे पुनर्वासन योजना फेज-वन से लिए जाएंगे। फेज-वन में 40 और फेज-टू में छह गैंडे हैं। जिन गैंडों को जंगल में छोड़ा जाना है, उनके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच की जाएगी। उनकी आदतों और गतिविधियों का भी अध्ययन किया जाएगा।
गैंडा पुनर्वासन योजना के लिए खास है अप्रैल
गैंडा पुनर्वासन योजना के लिए अप्रैल का महीना बेहद खास है। एक अप्रैल 1984 को असम के जंगलों से लाए गए गैंडों ने दुधवा की धरती पर पहली बार कदम रखा। इसके ठीक एक साल बाद एक अप्रैल 1985 में नेपाल से चार मादा गैंडों को योजना में शामिल किया गया। फेज-वन में गैडों की आबादी बढ़ने पर अंतः प्रजनन से उत्पन्न होने वाले आनुवंशिक दोषों से बचाने के अप्रैल 2018 में गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-2 शुरू की गई। जिसमें चार गैंडों को रखा गया था। अब इनकी संख्या बढ़कर छह हो गई है। यह भी एक संयोग ही है कि अप्रैल 2024 में इनमें से चार गैंडों को आजाद किए जाने की तैयारी है।


दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना के 46 गैंडों में से चार गैंडों को ऊर्जा चालित बाड़ से मुक्त कर जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए जल्दी ही छोड़ा जाएगा। मौजूदा स्थितियों और भविष्य में इसके प्रभाव का अध्ययन किया गया है। स्थितियां अनुकूल हैं। कुछ ही महीनों में चारों गैंडों को रडियो कॉलर लगाकर आजाद करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed