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दुधवाः तीन रेंज परिसरों समेत जंगल के बड़े हिस्से में भरा बाढ़ का पानी
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दक्षिण निघासन रेंज परिसर में भरा बाढ़ का पानी।
वन कर्मियों की टीम ने बाढ़ के पानी में बहकर आए दो पाढ़ा औैर एक नीलगाय को रेस्क्यू किया
बांकेगंज। शारदा और घाघरा नदियों में आई भीषण बाढ़ को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ का पानी जंगलों में भरने से प्रभावित इलाकों के फील्ड कर्मचारियों को वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा पर पैनी नजर बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही बाढ़ के पानी में फंसे इंसानों और वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शारदा और घाघरा नदियों में आई बाढ़ से नदियों से सटे जंगलों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे वहां रहने वाले वन्यजीव अपनी जान बचाने के लिए जंगल से सटे गांवों में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा नदियों से सटे गांवों में बाढ़ के पानी में बहकर आ रहे मगरमच्छों के पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।
पिछले दो दिन में मझगईं, दक्षिण निघासन और संपूर्णानगर रेंज परिसर बाढ़ की चपेट में आ गए। इन तीनों रेंज परिसरों में बाढ़ का पानी भरने से वनाधिकारी और वन कर्मियों को ट्रैक्टर से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। वन कर्मियों की टीम ने बृहस्पतिवार को दक्षिण निघासन रेंज के छेदुइ पतिया गांव में बाढ़ के पानी में बहकर आए दो पाढ़ा और एक नीलगाय का बच्चा पहुंच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने नदियों के किनारे गांवों में बसे लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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डॉ. पटेल ने बताया कि धौरहरा रेंज वन कर्मियों ने बुधवार और बृहस्पतिवार दो दिन में घाघरा नदी से सटे गड़रियनपुरवा, तेलिया घाट, परौरी, रामलोक और बंशीबेला गांव में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों कल्लू, मनोज आदि को स्टीमर के जरिए वहां पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालकर घौरहरा पुलिस प्रशासन के सुपुर्द किया गया।
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बांकेगंज। शारदा और घाघरा नदियों में आई भीषण बाढ़ को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट जारी किया गया है। बाढ़ का पानी जंगलों में भरने से प्रभावित इलाकों के फील्ड कर्मचारियों को वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा पर पैनी नजर बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही बाढ़ के पानी में फंसे इंसानों और वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल कुमार पटेल ने बताया कि शारदा और घाघरा नदियों में आई बाढ़ से नदियों से सटे जंगलों में बाढ़ का पानी भर गया है। इससे वहां रहने वाले वन्यजीव अपनी जान बचाने के लिए जंगल से सटे गांवों में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा नदियों से सटे गांवों में बाढ़ के पानी में बहकर आ रहे मगरमच्छों के पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है।
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पिछले दो दिन में मझगईं, दक्षिण निघासन और संपूर्णानगर रेंज परिसर बाढ़ की चपेट में आ गए। इन तीनों रेंज परिसरों में बाढ़ का पानी भरने से वनाधिकारी और वन कर्मियों को ट्रैक्टर से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। वन कर्मियों की टीम ने बृहस्पतिवार को दक्षिण निघासन रेंज के छेदुइ पतिया गांव में बाढ़ के पानी में बहकर आए दो पाढ़ा और एक नीलगाय का बच्चा पहुंच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने नदियों के किनारे गांवों में बसे लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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डॉ. पटेल ने बताया कि धौरहरा रेंज वन कर्मियों ने बुधवार और बृहस्पतिवार दो दिन में घाघरा नदी से सटे गड़रियनपुरवा, तेलिया घाट, परौरी, रामलोक और बंशीबेला गांव में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों कल्लू, मनोज आदि को स्टीमर के जरिए वहां पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकालकर घौरहरा पुलिस प्रशासन के सुपुर्द किया गया।