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दुधवा कर्मियों का जारी रहा आंदोलन
पलियाकलां।
Updated Sat, 13 Feb 2016 07:28 PM IST
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दुधवा नेशनल पार्क के कर्मियों के संगठन फेडरेशन आफ फारेस्ट की चेतावनी में बस महज दो दिन शेष हैं और अब तक कोई कार्रवाई होती नहीं दिखाई दे रही है। इससे दुधवा के कर्मियों का शस्त्र जमा करना तकरीबन तय माना जा रहा है। फिलहाल उनका आंदोलन जारी है और शनिवार को उन्होंने दुधवा मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया।
दुधवा नेशनल पार्क के कर्मियों के संगठन फेडरेशन आफ फारेस्ट ने वन विभाग के आलाधिकारियों को एक पत्र भेजा था। पत्र में पदाधिकारियों ने कहा था कि अगर 15 फरवरी तक कोई निर्णय नहीं किया जाता है तो सभी पार्क कर्मी अपने राजकीय शस्त्र और अन्य सामग्री जमा कर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। कहा गया था कि इस दौरान यदि कोई अवैध कटान, शिकार अथवा कोई राजकीय क्षति (जैसे कैमरा ट्रैप चोरी होना) आदि होता है तो इसके लिए शासन-प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। 24 घंटे बीत चुके हैं और कोई कार्रवाई होते दिखाई नहीं दी है। फिलहाल दुधवा के कर्मियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को वे सब पलिया के दुधवा मुख्यालय पहुंचे और यहां प्रदर्शन, नारेबाजी कर धरना दिया। कर्मियों ने कहा कि उनके साथ आए दिन ज्यादती की जा रही है पर शासन खामोश है। कहा कि जब तक शासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देता आंदोलन जारी रहेगा।
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स्थिति और खराब होने की आशंका
दुधवा नेशनल पार्क पर खतरे के बादल भी मंडरा रहे हैं। नेपाल सीमा और भारतीय आबादी से सटी दुधवा की सीमाओं के चलते दुधवा पहले ही पूरी तरह महफूज नहीं था अब कर्मियों की शस्त्र जमा कर देने की चेतावनी से स्थिति और खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
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दुधवा नेशनल पार्क के कर्मियों के संगठन फेडरेशन आफ फारेस्ट ने वन विभाग के आलाधिकारियों को एक पत्र भेजा था। पत्र में पदाधिकारियों ने कहा था कि अगर 15 फरवरी तक कोई निर्णय नहीं किया जाता है तो सभी पार्क कर्मी अपने राजकीय शस्त्र और अन्य सामग्री जमा कर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। कहा गया था कि इस दौरान यदि कोई अवैध कटान, शिकार अथवा कोई राजकीय क्षति (जैसे कैमरा ट्रैप चोरी होना) आदि होता है तो इसके लिए शासन-प्रशासन ही जिम्मेदार होगा। 24 घंटे बीत चुके हैं और कोई कार्रवाई होते दिखाई नहीं दी है। फिलहाल दुधवा के कर्मियों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को वे सब पलिया के दुधवा मुख्यालय पहुंचे और यहां प्रदर्शन, नारेबाजी कर धरना दिया। कर्मियों ने कहा कि उनके साथ आए दिन ज्यादती की जा रही है पर शासन खामोश है। कहा कि जब तक शासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देता आंदोलन जारी रहेगा।
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स्थिति और खराब होने की आशंका
दुधवा नेशनल पार्क पर खतरे के बादल भी मंडरा रहे हैं। नेपाल सीमा और भारतीय आबादी से सटी दुधवा की सीमाओं के चलते दुधवा पहले ही पूरी तरह महफूज नहीं था अब कर्मियों की शस्त्र जमा कर देने की चेतावनी से स्थिति और खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
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