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कोरोनाकाल में भी सैलानियों की पहली पसंद बना दुधवा पार्क
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दुधवा के भदरौला ताल के पास घूमता दिखा जंगली हाथी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। कोरोना काल में एक नवंबर से दुधवा नेशनल पार्क के नवीन पर्यटन सत्र का आगाज होने के बाद शुरुआती दिनों में सैलानियों की संख्या काफी कम रही, लेकिन बीते दस-बारह दिनों से पार्क के प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने और स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीवों का दीदार करने के लिए सैलानियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में पार्क में बनीं सभी ‘थारू हट’ फुल हैं।
कोरोना काल में एक नवंबर से सैलानियों के लिए पार्क के द्वार खोल दिए गए थे। शुरुआती दिनों में तो सैलानियों की संख्या कम रही लेकिन उसके बाद से पार्क में सैलानियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जिसके चलते पार्क फुल है। हालांकि अभी आंकड़ों को दुरुस्त नहीं किया गया है। जिसके चलते सैलानियों की संख्या का पता नहीं लग सकी है।
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कोरोना के कारण हाथी सवारी व गैंडा दर्शन से वंचित हैं सैलानी
कोरोना के कारण जहां सैलानियों को इस बार हाथी की सवारी करने से वंचित होना पड़ा। वहीं गैंडा दर्शन भी कोविड-19 की वजह से नहीं हो पा रहा है। यहां बता दें पिछले साल के पर्यटन सत्र में भी सैलानी हाथी की सवारी का लुत्फ नहीं उठा पाए थे। इस समय युवा टस्कर हाथी के गैंडा परियोजना फेज वन में आ जाने से सैलानियों पर खतरा मानते हुए पार्क प्रशासन ने हाथी राइडिंग कर गैंडों का दीदार करने पर रोक लगा दी थी।
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चारा लाने व गश्त के कार्य में लगे हैं पालतू हाथी
कोविड-19 की वजह से इस बार हाथी की सवारी पर रोक लगने के बाद उनको चारा लाने तथा गश्त में लगाया गया है। चारा लाने के बाद हाथियों से गश्त कराई जा रही है।
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सर्दियों में वन्य जीवों के ज्यादा होते हैं दीदार
सर्दियों के मौसम में सैलानियों को सबसे ज्यादा वन्य जीवों के दीदार होते हैं। सर्दियों में वन्य जीव धूप का आनंद लेने के लिए बाहर निकलते हैं। जिस कारण सैलानी आसानी से उनकी दीदार कर सकते हैं।
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भदरौला ताल के पास दिखे जंगली हाथी
गुरुवार को सुबह की शिफ्ट में जंगल का भ्रमण करने गए सैलानियों को भदरौला ताल के पास जंगली हाथियों के दीदार हुए। जिसके उन्होंने फोटो भी लिए।
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पार्क में सैलानियों की संख्या बढ़ी है। जंगल केे वातावरण तथा वन्यजीवों का दीदार के लिए बाहर से भी सैलानियों का लगातार पार्क आना जारी है।
- मनोज कुमार सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
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कोरोना काल में एक नवंबर से सैलानियों के लिए पार्क के द्वार खोल दिए गए थे। शुरुआती दिनों में तो सैलानियों की संख्या कम रही लेकिन उसके बाद से पार्क में सैलानियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जिसके चलते पार्क फुल है। हालांकि अभी आंकड़ों को दुरुस्त नहीं किया गया है। जिसके चलते सैलानियों की संख्या का पता नहीं लग सकी है।
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कोरोना के कारण हाथी सवारी व गैंडा दर्शन से वंचित हैं सैलानी
कोरोना के कारण जहां सैलानियों को इस बार हाथी की सवारी करने से वंचित होना पड़ा। वहीं गैंडा दर्शन भी कोविड-19 की वजह से नहीं हो पा रहा है। यहां बता दें पिछले साल के पर्यटन सत्र में भी सैलानी हाथी की सवारी का लुत्फ नहीं उठा पाए थे। इस समय युवा टस्कर हाथी के गैंडा परियोजना फेज वन में आ जाने से सैलानियों पर खतरा मानते हुए पार्क प्रशासन ने हाथी राइडिंग कर गैंडों का दीदार करने पर रोक लगा दी थी।
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चारा लाने व गश्त के कार्य में लगे हैं पालतू हाथी
कोविड-19 की वजह से इस बार हाथी की सवारी पर रोक लगने के बाद उनको चारा लाने तथा गश्त में लगाया गया है। चारा लाने के बाद हाथियों से गश्त कराई जा रही है।
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सर्दियों में वन्य जीवों के ज्यादा होते हैं दीदार
सर्दियों के मौसम में सैलानियों को सबसे ज्यादा वन्य जीवों के दीदार होते हैं। सर्दियों में वन्य जीव धूप का आनंद लेने के लिए बाहर निकलते हैं। जिस कारण सैलानी आसानी से उनकी दीदार कर सकते हैं।
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भदरौला ताल के पास दिखे जंगली हाथी
गुरुवार को सुबह की शिफ्ट में जंगल का भ्रमण करने गए सैलानियों को भदरौला ताल के पास जंगली हाथियों के दीदार हुए। जिसके उन्होंने फोटो भी लिए।
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पार्क में सैलानियों की संख्या बढ़ी है। जंगल केे वातावरण तथा वन्यजीवों का दीदार के लिए बाहर से भी सैलानियों का लगातार पार्क आना जारी है।
- मनोज कुमार सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क