{"_id":"68f52437a680ee35a00fbdf0","slug":"dont-be-careless-while-lighting-firecrackers-it-will-be-costly-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1011-158857-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: पटाखे जलाते समय न करें लापरवाही, पड़ेगी भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: पटाखे जलाते समय न करें लापरवाही, पड़ेगी भारी
Sun, 19 Oct 2025 11:17 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:17 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। दीपावली में लोग जमकर पटाखे जलाते हैं। पटाखों का शोर और धुआं स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है। इसलिए आतिशबाजी के दौरान बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
पटाखों से निकलने वाला धुआं आंखों, त्वचा और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा देते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि दीपावली पर पटाखे जलाने के दौरान विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं फेफड़ों के रोगियों, अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर ज्यादा असर करता है। दीपावली के बाद ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इसलिए ऐसे रोगियों, बुजुर्ग व बच्चों का विशेष ख्याल रखें।
जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि पटाखे जलाने के दौरान सावधानी बरतें। धुएं से दूर रहें। पटाखे जलाने के दौरान लगातार तेज रोशनी की तरफ न देखें। अगर आंख लाल हो या कोई कण पड़ जाए तो ठंडे पानी से धुलें और आंख को रगड़े नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटाखों से निकलने वाला धुआं आंखों, त्वचा और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा देते हैं। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रोहित पाठक ने बताया कि दीपावली पर पटाखे जलाने के दौरान विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं फेफड़ों के रोगियों, अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों पर ज्यादा असर करता है। दीपावली के बाद ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है। इसलिए ऐसे रोगियों, बुजुर्ग व बच्चों का विशेष ख्याल रखें।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम वर्मा ने बताया कि पटाखे जलाने के दौरान सावधानी बरतें। धुएं से दूर रहें। पटाखे जलाने के दौरान लगातार तेज रोशनी की तरफ न देखें। अगर आंख लाल हो या कोई कण पड़ जाए तो ठंडे पानी से धुलें और आंख को रगड़े नहीं।
विज्ञापन