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Lakhimpur Kheri News: डॉक्टर मरीजों को लिख रहे बाहर की दवाओं की पर्चियां
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल अस्पताल में मरीजों को खिली गई बाहर की दवा। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिला क्षय रोग अस्पताल के बाद अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल में बाहर की दवाओं की पर्ची लिखे जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अस्पताल के सामने ही मेडिकल स्टोर पर दवा लेने की पर्चियां थमाई जा रही हैं। मरीजों को दो दिन की दवा के लिए 200 से 250 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
ओयल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार सुबह 10:37 बजे मरीज सुशीला सिंह के पास सरकारी पर्चे के साथ छोटी पर्ची थी। हाथ में बाहर से खरीदकर लाई दवा भी थी। बताया की डॉक्टर ने पर्ची पकड़ा दी। बाहर से दवा लेनी पड़ेगी। दो दिन की दवा 120 रुपये की मिली। इसमें एक सिरप भी है।
हालांकि तीन-चार गोलियां अस्पताल से भी मिली हैं। डॉक्टर कक्ष से बाहर निकलीं शाहीन के हाथ में भी पर्चे के साथ पर्ची थी। इनकी पर्ची पर दो प्रकार दवाएं लिखी थीं। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के बाद कई मरीज डॉक्टर को दवा दिखाने भी पहुंचे थे। मरीज सुरेश ने बताया अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को पर्ची लिखी जाती हैं। मरीज सुरेश ने बताया की उनको भी तीन प्रकार की दवा बाहर से लिखी गई है।
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अस्पताल के ठीक सामने है मेडिकल स्टोर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल के ठीक सामने एक निजी मेडिकल स्टोर है। डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली सभी पर्चियाें की दवाएं यहां मिलती हैं। आसपास दूसरा कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। ऐसे में सभी मरीज यहीं से दवा लेते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, रोजाना करीब 80 से 90 मरीजों को पर्ची थमाई जाती हैं।
अधीक्षक कहां गए कुछ पता नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल में अधीक्षक डॉक्टर अपूर्ण शुक्ला का कमरा बंद मिला। स्टाफ से जब अधीक्षक के बारे में जानकारी की तो कोई कुछ बता नहीं सका। मरीज ने बताया कि डॉक्टर साहब कम मिलते हैं। अस्पताल में एक मात्र चिकित्सक डॉ. जेडए खान मरीजों की ओपीडी करते मिले, जो मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे थे।
जो दवाइयां नहीं हैं, लिखनी पड़ती हैं
बाहर से दवा लिखे जाने के मामले में जब डॉ. जेडए खान से बात की तो उन्होंने बताया की कुछ दवाइयां नहीं हैं। बाहर से लेने के लिए लिखनी पड़ती हैं।
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ओयल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार सुबह 10:37 बजे मरीज सुशीला सिंह के पास सरकारी पर्चे के साथ छोटी पर्ची थी। हाथ में बाहर से खरीदकर लाई दवा भी थी। बताया की डॉक्टर ने पर्ची पकड़ा दी। बाहर से दवा लेनी पड़ेगी। दो दिन की दवा 120 रुपये की मिली। इसमें एक सिरप भी है।
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हालांकि तीन-चार गोलियां अस्पताल से भी मिली हैं। डॉक्टर कक्ष से बाहर निकलीं शाहीन के हाथ में भी पर्चे के साथ पर्ची थी। इनकी पर्ची पर दो प्रकार दवाएं लिखी थीं। मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के बाद कई मरीज डॉक्टर को दवा दिखाने भी पहुंचे थे। मरीज सुरेश ने बताया अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों को पर्ची लिखी जाती हैं। मरीज सुरेश ने बताया की उनको भी तीन प्रकार की दवा बाहर से लिखी गई है।
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अस्पताल के ठीक सामने है मेडिकल स्टोर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल के ठीक सामने एक निजी मेडिकल स्टोर है। डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली सभी पर्चियाें की दवाएं यहां मिलती हैं। आसपास दूसरा कोई मेडिकल स्टोर नहीं है। ऐसे में सभी मरीज यहीं से दवा लेते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, रोजाना करीब 80 से 90 मरीजों को पर्ची थमाई जाती हैं।
अधीक्षक कहां गए कुछ पता नहीं
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल में अधीक्षक डॉक्टर अपूर्ण शुक्ला का कमरा बंद मिला। स्टाफ से जब अधीक्षक के बारे में जानकारी की तो कोई कुछ बता नहीं सका। मरीज ने बताया कि डॉक्टर साहब कम मिलते हैं। अस्पताल में एक मात्र चिकित्सक डॉ. जेडए खान मरीजों की ओपीडी करते मिले, जो मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे थे।
जो दवाइयां नहीं हैं, लिखनी पड़ती हैं
बाहर से दवा लिखे जाने के मामले में जब डॉ. जेडए खान से बात की तो उन्होंने बताया की कुछ दवाइयां नहीं हैं। बाहर से लेने के लिए लिखनी पड़ती हैं।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल अस्पताल में मरीजों को खिली गई बाहर की दवा। संवाद

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओयल अस्पताल में मरीजों को खिली गई बाहर की दवा। संवाद