{"_id":"618c0cf1d295a86b2636a203","slug":"divers-searched-mohana-daughters-were-not-found-even-on-the-second-day-lakhimpur-news-bly465634649","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोताखोरों ने खंगाल डाली मोहाना, दूसरे दिन भी नहीं मिलीं बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोताखोरों ने खंगाल डाली मोहाना, दूसरे दिन भी नहीं मिलीं बेटियां
विज्ञापन
मोहाना नदी में बेटियों को तलाशते गोताखोर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोताखोरों की टीमें लगातार तलाश में जुटीं, विधायक पहुंचे पीड़ित के घर
तिकुनिया। मोहाना नदी में डूबी दो सगी बहनों का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
क्षेत्र के जसनगर गांव निवासी रामगोपाल के साथ धान काटने गईं उनकी दो बेटियां दुर्गावती (17) और शिवानी (14) मोहाना नदी में डूब गई थीं। गोताखोरों की टीम तभी से उनकी तलाश कर रही है। नदी में पानी अधिक होने के कारण लड़कियों को अभी तक खोजा नहीं जा सका है। लड़कियों की खोज में गोताखोरों के अलावा नाव और स्टीमर भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर तक नदी को खंगाल डाला। कैलाशपुरी बैराज भी देखा, लेकिन दोनों बेटियों का पता नहीं चल पाया। बुधवार को क्षेत्रीय विधायक शशांक वर्मा पीड़ित रामगोपाल के घर पहुंचे और परिवारीजनों से मिलकर के उन्हें हौसला बंधाया।
दूसरे दिन भी नहीं पहुंची एनडीआरएफ की टीम
गांव के नाविक और मल्लाह अपनी निजी नावों से लड़कियों की तलाश कर रहे हैं। नदी में पानी काफी गहरा है। इस कारण गांव के गोताखोर गहराई में नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण एनडीआरएफ टीम बुलाने की मांग कर रहे हैं।
कहीं मगरमच्छ ने तो नहीं बना लिया निवाला
ग्रामीण बताते हैं कि सुबह जब घटनास्थल पर लोग गए तो वहां दो मगरमच्छों को नदी में देखा गया था, जहां घटना हुई है वहां पर मगरमच्छ ज्यादा हैं। लोगों को आशंका है कि कहीं मगरमच्छ ने तो बेटियों को निवाला नहीं बना लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
तिकुनिया। मोहाना नदी में डूबी दो सगी बहनों का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
क्षेत्र के जसनगर गांव निवासी रामगोपाल के साथ धान काटने गईं उनकी दो बेटियां दुर्गावती (17) और शिवानी (14) मोहाना नदी में डूब गई थीं। गोताखोरों की टीम तभी से उनकी तलाश कर रही है। नदी में पानी अधिक होने के कारण लड़कियों को अभी तक खोजा नहीं जा सका है। लड़कियों की खोज में गोताखोरों के अलावा नाव और स्टीमर भी लगाए गए हैं। ग्रामीणों ने घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर तक नदी को खंगाल डाला। कैलाशपुरी बैराज भी देखा, लेकिन दोनों बेटियों का पता नहीं चल पाया। बुधवार को क्षेत्रीय विधायक शशांक वर्मा पीड़ित रामगोपाल के घर पहुंचे और परिवारीजनों से मिलकर के उन्हें हौसला बंधाया।
दूसरे दिन भी नहीं पहुंची एनडीआरएफ की टीम
गांव के नाविक और मल्लाह अपनी निजी नावों से लड़कियों की तलाश कर रहे हैं। नदी में पानी काफी गहरा है। इस कारण गांव के गोताखोर गहराई में नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण एनडीआरएफ टीम बुलाने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
कहीं मगरमच्छ ने तो नहीं बना लिया निवाला
ग्रामीण बताते हैं कि सुबह जब घटनास्थल पर लोग गए तो वहां दो मगरमच्छों को नदी में देखा गया था, जहां घटना हुई है वहां पर मगरमच्छ ज्यादा हैं। लोगों को आशंका है कि कहीं मगरमच्छ ने तो बेटियों को निवाला नहीं बना लिया।
विज्ञापन