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Lakhimpur Kheri News: सीखने के लिए आवश्यक है अनुशासन और जिज्ञासा
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वाईडी कॉलेज में पांच दिवसीय विद्यार्थी अभिप्रेरण कार्यशाला में पचप्रण की शपथ लेते छात्र
लखीमपुर खीरी। युवराज दत्त महाविद्यालय में पांच दिवसीय विद्यार्थी अभिप्रेरण कार्ययोजना के तहत बुधवार को दीक्षारंभ कार्यक्रम हुआ।
प्रोफेसर डॉ. सुभाष चंद्रा ने दीक्षारम्भ कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए अनुशासन पर चर्चा करते हुए बताया कि शिक्षण संस्थानों में राष्ट्र का निर्माण होता है। इसमें अनुशासन और व्यवस्थित जीवन पद्धति की भूमिका महवपूर्ण है। इसके लिए छात्रों को आगे आना होगा। वनस्पति विज्ञान विभाग के सतेंदर पाल सिंह ने कहा कि वनस्पति विज्ञान चिकित्सा विज्ञान की बड़ी बेटी है।
डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, फोरेंसिक साइंस, फॉरेस्ट साइंस आदि वनस्पति विज्ञान के बिना अधूरे हैं। बृजेश शुक्ला ने ऋग्वेद के नासदीय सूत्र का हवाला देकर कहा कि प्राचीन ऋषि और वर्तमान वैज्ञानिक लगभग एक जैसी जिज्ञासाओं से प्रेरित हैं। रसायन विज्ञान विभाग मोहम्मद नज़ीफ ने छात्रों को प्रश्न करते रहने, शिक्षकों से संवाद करने के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि सीखने के लिये अनुशासन और जिज्ञासा अनिवार्य है।
वनस्पति विज्ञान विभाग के डीके सिंह ने कहा कि विज्ञान का ज्ञान विषय को समझने के लिये उपयोगी है। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. डीएन मालपानी ने छात्रों को सीखने के लिए तत्पर रहने की नसीहत दी। संचालन करते हुए डॉ. सुभाष चंद्रा ने छात्रों को अमृत काल के पंचप्रण की शपथ दिलाई। असिस्टेंट प्रोफेसर विनयतोष गौतम, डॉ. नूतन सिंह, विजय प्रताप सिंह, सौरभ वर्मा, श्वेतांक भारद्वाज, मनोज कुमार, डॉ. अमित सिंह सहित समस्त स्टाफ और छात्र छात्राएं मौजूद रहें।
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प्रोफेसर डॉ. सुभाष चंद्रा ने दीक्षारम्भ कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए अनुशासन पर चर्चा करते हुए बताया कि शिक्षण संस्थानों में राष्ट्र का निर्माण होता है। इसमें अनुशासन और व्यवस्थित जीवन पद्धति की भूमिका महवपूर्ण है। इसके लिए छात्रों को आगे आना होगा। वनस्पति विज्ञान विभाग के सतेंदर पाल सिंह ने कहा कि वनस्पति विज्ञान चिकित्सा विज्ञान की बड़ी बेटी है।
डीएनए फिंगर प्रिंटिंग, फोरेंसिक साइंस, फॉरेस्ट साइंस आदि वनस्पति विज्ञान के बिना अधूरे हैं। बृजेश शुक्ला ने ऋग्वेद के नासदीय सूत्र का हवाला देकर कहा कि प्राचीन ऋषि और वर्तमान वैज्ञानिक लगभग एक जैसी जिज्ञासाओं से प्रेरित हैं। रसायन विज्ञान विभाग मोहम्मद नज़ीफ ने छात्रों को प्रश्न करते रहने, शिक्षकों से संवाद करने के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि सीखने के लिये अनुशासन और जिज्ञासा अनिवार्य है।
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वनस्पति विज्ञान विभाग के डीके सिंह ने कहा कि विज्ञान का ज्ञान विषय को समझने के लिये उपयोगी है। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. डीएन मालपानी ने छात्रों को सीखने के लिए तत्पर रहने की नसीहत दी। संचालन करते हुए डॉ. सुभाष चंद्रा ने छात्रों को अमृत काल के पंचप्रण की शपथ दिलाई। असिस्टेंट प्रोफेसर विनयतोष गौतम, डॉ. नूतन सिंह, विजय प्रताप सिंह, सौरभ वर्मा, श्वेतांक भारद्वाज, मनोज कुमार, डॉ. अमित सिंह सहित समस्त स्टाफ और छात्र छात्राएं मौजूद रहें।
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