{"_id":"669052d7108ac4f8d9076e24","slug":"disaster-flood-roads-cut-and-culverts-washed-away-life-on-roofs-and-roadsides-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1003-124383-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"आफत की बाढ़ : सड़क कटी-पुलिया बही, छत और सड़क किनारे कट रही जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आफत की बाढ़ : सड़क कटी-पुलिया बही, छत और सड़क किनारे कट रही जिंदगी
विज्ञापन
समदाहा गांव के लोगों को एनडीआरफ ने रेस्क्यू किया। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। करीब 150 गांव अब तक बाढ़ की चपेट में हैं। निघासन इलाके में रानीगंज बंधा कटने से करीब 30 गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पलिया-भीरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया कट गई। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर नाव से आवागमन हो रहा है। बिजुआ, फूलबेहड़, धौरहरा, संपूर्णानगर, पलिया व निघासन इलाके के बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी छत और सड़क किनारे कट रही है। आवश्यक वस्तुओं की किल्लत ने इनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने बाढ़ के पानी में फंसे धौरहरा और बिजुआ इलाके 24 लोगों को रेस्क्यू कराया।
-- -
शारदा नदी की तलहटी में फंसे 250 ग्रामीण, 18 बचाए गए
लखीमपुर खीरी। करीब 20 वर्ष पूर्व आई बाढ़ के बाद से शारदा नदी के पार खेतों झोंपड़ी डालकर रह रहे धौरहरा तहसील के समदहा और रैनी गांव के 250 ग्रामीण बाढ़ के पानी में फंस गए। एसडीएम राजेश कुमार ने चार मोटर वोट के साथ एनडीआरएफ टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा। एनडीआरएफ टीम ने 18 ग्रामीणों को सकुशल निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में समदहा गांव के विनय, नागेश्वरी, बृजरानी, जूली, रंगी लाल, छोट्टा, रामावती, रामू, देशराज, ममता, शोभित, पुष्पा, गोविंद, चांदनी, अनुराग, गोपाल, अशोक व राजेश शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि अन्य ग्रामीण पानी कम होने का हवाला देकर बाहर नहीं आ रहे। उन्हें समझाया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
20 साल से नदी पार खेतों में झोपड़ी डाल रह रहे हैं कटान पीड़ित
समदहा गांव निवासी कटान पीड़ित 20 साल से शारदा नदी के पार खेतों में झोंपड़ी डाल कर गुजर-बसर कर रहे थे। कटान पीड़ितों ने बताया कि इन्हें अब तक कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली है। बाढ़ में फंसे लोगों के बीच पहुंचे एसडीएम राजेश कुमार और तहसीलदार सहित राजस्व टीम ने बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि लंच पैकेट का वितरण बाढ़ प्रभावित समदहा रैनी, स्वर्ग लोक, गनापुर डुडकी, परसा, चकदहा सहित 18 गावों में किया गया।
-- -
रानीगंज बंधा कटा, जलमग्न हुए कई गांव
निघासन। रानीगंज के पास बंधा कटने बाढ़ के हालात और खराब हो गए हैं। 20 गावों में भरा बाढ़ का पानी कम होने लगा है, मगर पानी का रुख पूरब की ओर होने के चलते 30 से अधिक गांव प्रभावित हो गए हैं।
शारदा नदी से जुड़े रानीगंज के पास घाघी नाला कट गया। नाला कटने और शारदा का जलस्तर घटने से झौआपुरवा, खमरिया, पुरैना, मदनापुर, लालबोझी गांवों में पानी कम हुआ है, लेकिन लुधौरी के पूरब और दक्षिण तरफ बसे गांव तमोलीन पुरवा, चंदनपुरवा, जीतपुरवा, मटहिया, बैलहा, ठाकुर पुरवा, मंझलीपुरवा, बिहारीपुरवा, लोनियन पुरवा, मिठुई समेत 30 गावों में बाढ़ का पानी भर गया है। गांवों के रास्ते बंद हो गए है। लुधौरी के लोग साप्ताहिक बाजार में पड़ी टीनशेड के नीचे गुजर-पसर कर रहे है। पीड़ितों का आरोप है कि अब तक कोई भी सरकारी सहायता और लंच पैकेट नहीं मिले है। संवाद
-- -- -
नदी के टापू पर फंसे छह ग्रामीणों का कराया रेस्क्यू
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर में नदी के टापू में फंसे छह ग्रामीणों को एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता व तहसीलदार सुखबीर सिंह की मौजूदगी में एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। करसौर निवासी हेमनाथ, राधेश्याम, सूबेदार, रामबिलास, युवराज सिंह और अवधेश पशुओं के साथ नदी के टापू पर फंस गए थे। किसी तरह इन लोगों ने प्रधान को सूचना दी। प्रधान की सूचना पर एनडीआरएफ टीम सभी छह लोगों को सुरक्षित निकालकर घरों तक पहुंचाया। संवाद
विज्ञापन
पलिया-भीरा मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया कट गई। अतरिया रेलवे क्रॉसिंग के पास मेलाघाट जाने वाले रास्ते पर नाव से आवागमन हो रहा है। बिजुआ, फूलबेहड़, धौरहरा, संपूर्णानगर, पलिया व निघासन इलाके के बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी छत और सड़क किनारे कट रही है। आवश्यक वस्तुओं की किल्लत ने इनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। प्रशासन ने बाढ़ के पानी में फंसे धौरहरा और बिजुआ इलाके 24 लोगों को रेस्क्यू कराया।
विज्ञापन
शारदा नदी की तलहटी में फंसे 250 ग्रामीण, 18 बचाए गए
लखीमपुर खीरी। करीब 20 वर्ष पूर्व आई बाढ़ के बाद से शारदा नदी के पार खेतों झोंपड़ी डालकर रह रहे धौरहरा तहसील के समदहा और रैनी गांव के 250 ग्रामीण बाढ़ के पानी में फंस गए। एसडीएम राजेश कुमार ने चार मोटर वोट के साथ एनडीआरएफ टीम को रेस्क्यू के लिए भेजा। एनडीआरएफ टीम ने 18 ग्रामीणों को सकुशल निकाल लिया। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों में समदहा गांव के विनय, नागेश्वरी, बृजरानी, जूली, रंगी लाल, छोट्टा, रामावती, रामू, देशराज, ममता, शोभित, पुष्पा, गोविंद, चांदनी, अनुराग, गोपाल, अशोक व राजेश शामिल हैं। एसडीएम ने बताया कि अन्य ग्रामीण पानी कम होने का हवाला देकर बाहर नहीं आ रहे। उन्हें समझाया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
20 साल से नदी पार खेतों में झोपड़ी डाल रह रहे हैं कटान पीड़ित
समदहा गांव निवासी कटान पीड़ित 20 साल से शारदा नदी के पार खेतों में झोंपड़ी डाल कर गुजर-बसर कर रहे थे। कटान पीड़ितों ने बताया कि इन्हें अब तक कोई बुनियादी सुविधाएं नहीं मिली है। बाढ़ में फंसे लोगों के बीच पहुंचे एसडीएम राजेश कुमार और तहसीलदार सहित राजस्व टीम ने बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि लंच पैकेट का वितरण बाढ़ प्रभावित समदहा रैनी, स्वर्ग लोक, गनापुर डुडकी, परसा, चकदहा सहित 18 गावों में किया गया।
रानीगंज बंधा कटा, जलमग्न हुए कई गांव
निघासन। रानीगंज के पास बंधा कटने बाढ़ के हालात और खराब हो गए हैं। 20 गावों में भरा बाढ़ का पानी कम होने लगा है, मगर पानी का रुख पूरब की ओर होने के चलते 30 से अधिक गांव प्रभावित हो गए हैं।
शारदा नदी से जुड़े रानीगंज के पास घाघी नाला कट गया। नाला कटने और शारदा का जलस्तर घटने से झौआपुरवा, खमरिया, पुरैना, मदनापुर, लालबोझी गांवों में पानी कम हुआ है, लेकिन लुधौरी के पूरब और दक्षिण तरफ बसे गांव तमोलीन पुरवा, चंदनपुरवा, जीतपुरवा, मटहिया, बैलहा, ठाकुर पुरवा, मंझलीपुरवा, बिहारीपुरवा, लोनियन पुरवा, मिठुई समेत 30 गावों में बाढ़ का पानी भर गया है। गांवों के रास्ते बंद हो गए है। लुधौरी के लोग साप्ताहिक बाजार में पड़ी टीनशेड के नीचे गुजर-पसर कर रहे है। पीड़ितों का आरोप है कि अब तक कोई भी सरकारी सहायता और लंच पैकेट नहीं मिले है। संवाद
नदी के टापू पर फंसे छह ग्रामीणों का कराया रेस्क्यू
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर में नदी के टापू में फंसे छह ग्रामीणों को एसडीएम गोला विनोद कुमार गुप्ता व तहसीलदार सुखबीर सिंह की मौजूदगी में एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। करसौर निवासी हेमनाथ, राधेश्याम, सूबेदार, रामबिलास, युवराज सिंह और अवधेश पशुओं के साथ नदी के टापू पर फंस गए थे। किसी तरह इन लोगों ने प्रधान को सूचना दी। प्रधान की सूचना पर एनडीआरएफ टीम सभी छह लोगों को सुरक्षित निकालकर घरों तक पहुंचाया। संवाद

समदाहा गांव के लोगों को एनडीआरफ ने रेस्क्यू किया। संवाद

समदाहा गांव के लोगों को एनडीआरफ ने रेस्क्यू किया। संवाद

समदाहा गांव के लोगों को एनडीआरफ ने रेस्क्यू किया। संवाद

समदाहा गांव के लोगों को एनडीआरफ ने रेस्क्यू किया। संवाद