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डिप्लोमा इंजीनियरों ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:52 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री के लिए दुग्ध विकास मंत्री को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल शनिवार को 25 वें दिन भी जारी रही। विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियरों ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय में एकत्र हुए और अपनी मांगों के लिए धरना दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में वे एक जुलूस के रूप में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
मुख्यमंत्री को दिए अपने ज्ञापन में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने कहा कि महासंघ अपनी मांगों के निस्तारण के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के अनुसार प्रारंभिक ग्रेड पे 4200 रुपये के स्थान पर 4800 प्रदान करने और सात वर्ष 14 वर्ष और 20 वर्ष सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान लागू करने को लेकर मार्च 2016 में हड़ताल पर चले गए थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन पर यह हड़ताल स्थगित कर दी गई थी लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स 27 सितंबर से फिर हड़ताल पर हैं। इससे प्रदेश के विकास कार्य अवरुद्ध हैं। डिप्लोमा इंजीनियरों ने मांग की कि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुरूप निर्णय लेकर डिप्लोमा इंजीनियरों की मांग पूरी करें। ताकि रुके विकास कार्योे को गति मिल सके।
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उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल शनिवार को 25 वें दिन भी जारी रही। विभिन्न विभागों के डिप्लोमा इंजीनियरों ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय में एकत्र हुए और अपनी मांगों के लिए धरना दिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में वे एक जुलूस के रूप में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
मुख्यमंत्री को दिए अपने ज्ञापन में डिप्लोमा इंजीनियर्स ने कहा कि महासंघ अपनी मांगों के निस्तारण के लिए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के अनुसार प्रारंभिक ग्रेड पे 4200 रुपये के स्थान पर 4800 प्रदान करने और सात वर्ष 14 वर्ष और 20 वर्ष सेवा पर प्रोन्नत वेतनमान लागू करने को लेकर मार्च 2016 में हड़ताल पर चले गए थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन पर यह हड़ताल स्थगित कर दी गई थी लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
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डिप्लोमा इंजीनियर्स 27 सितंबर से फिर हड़ताल पर हैं। इससे प्रदेश के विकास कार्य अवरुद्ध हैं। डिप्लोमा इंजीनियरों ने मांग की कि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुरूप निर्णय लेकर डिप्लोमा इंजीनियरों की मांग पूरी करें। ताकि रुके विकास कार्योे को गति मिल सके।
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