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नहीं माना मिल प्रबंधन का आश्वासन, किसान बोले- स्टांप पर लिखकर दें

Wed, 15 Dec 2021 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 01:40 AM IST
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Did not accept the assurance of the mill management, the farmer said - write it on the stamp
पलिया चीनी मिल में धरने पर बैठे किसान।
मंगलवार को मिल प्रबंधन ने दिया था 31 दिसंबर तक 85 करोड़ रुपये देने का आश्वासन
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बकाया गन्ना भुगतान को लेकर पलिया चीनी मिल में 17वें दिन भी जारी रहा धरना प्रदर्शन
पलियाकलां। बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिल में चल रहे आंदोलन के 17वें दिन मिल प्रबंधन ने 31 दिसंबर तक 85 करोड़ रुपये और अवशेष रुपये 31 जनवरी 2022 तक देने की बात किसानों से कही। वार्ता मंगलवार देर रात तक चली। किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन जो भी वादा कर रहा है, वह स्टांप पर लिखकर दे। अब बुधवार को किसान फिर से मिल में जमा होंगे।
28 नवंबर से चीनी मिल में किसानों द्वारा पिछले सत्र के संपूर्ण गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना शुरू किया गया था। धरने के 17वें दिन भी सुबह से ही किसान संपूर्ण भुगतान की मांग पर अड़े रहे, जबकि चल रहे क्रमिक अनशन में मंगलवार को छोटेलाल गुप्ता, श्याम पाल चंदेल, निर्मल कुमार, कुलवंत सिंह, अवतार सिंह आदि किसान बैठे। किसान नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए मिल प्रबंधन को दोपहर तीन बजे तक बातचीत न करने पर आंदोलन धरने से हटाकर रोड पर करने की चेतावनी दी। इसके बाद बजाज ग्रुप की दूसरी चीनी मिल के जीएम केपी सिंह, नोडल अधिकारी, एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार, सीओ संजयनाथ तिवारी समेत अन्य अधिकारी किसानों से वार्ता करने पहुंचे। यहां उन्होंने किसानों की मांगों को सुना और किसान नेताओं से अलग वार्ता करने को कहा। जिस पर किसान नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि सभी किसानों के बीच में ही वार्ता और हल निकाला जाएगा। इसके लिए दो घंटे का समय किसानों ने दिया। करीब दो घंटा बाद मिल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों की सभी मांगों को मान लिया है।
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31 दिसंबर तक 85 करोड़ रुपये और अवशेष रुपये 31 जनवरी 2022 तक देने की बात कही। सेंटरों को गुलरिया चीनी मिल से संबद्ध करने व गन्ना समिति के विशेष सचिव के तबादले की मांग को प्रशासन का विषय मिल अधिकारियों ने बताया है। उधर, किसान इसके बाद भी स्टांप पर लिखित देने की बात पर अड़े रहे। बुधवार 15 दिसंबर को सुबह 11 बजे किसान स्टांप पर लिखित देने की बात पर मिल में जमा होंगे।
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किसानों ने मिल प्रबंधन के सामने यह मांगें रखीं
किसानों ने मिल प्रबंधन के सामने दस मांगें रखी हैं। जिसमें जिन किसानों का आजतक मिल द्वारा कोर्ट, बीमारी व शादी के कार्ड देखकर भुगतान किया गया है उनकी सूची उपलब्ध कराएं जिससे गन्ना माफिया को पकड़ा जा सके। नवीन पेराई सत्र का भुगतान 14 दिन में हो। 20 ट्रॉली के सट्टाधारकों का संपूर्ण भुगतान हो। बैलगाड़ी के सट्टाधारकों का संपूर्ण भुगतान हो। अवशेष बचे भुगतान का 31 दिसंबर 2021 तक चेक के माध्यम से डीएम को दिया जाए। भीरा गन्ना समिति के तीन गन्ना सेंटरों को गुलरिया चीनी मिल से संबंध किया जाए। प्रशासन द्वारा किसानों पर पूर्व में दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लिया जाए। भुगतान का तिथि के अनुसार विवरण दिया जाए। 20 ट्रॉली से ज्यादा वालों का 70 प्रतिशत भुगतान कराया जाए। पलिया गन्ना सहकारी समिति के विशेष सचिव का तत्काल प्रभाव से तबादला किया जाए।

देर रात तक प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से की वार्ता
सोमवार की देर रात तक एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार, सीओ संजय नाथ तिवारी किसानों के बीच मौजूद रहे और किसानों की मांगों को सुना। किसानों ने कहा कि मिल प्रबंधन कोई ऐसा प्रपोजल लेकर आए जिसका किसान समर्थन करें तो बात बनेगी। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन जारी रहेगा। पलिया इलाके में आई बाढ़ को देखते हुए गोला में किसानों की मांगों से बढ़कर अपने लिए करने की बात कही।
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