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डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 14 May 2015 06:34 PM IST
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प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट ने गुरुवार को चेतावनी दिवस मनाया। इसके तहत माध्यमिक शिक्षकों ने शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देने के बाद प्रदर्शन किया और डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शिक्षकों ने मांग की है कि तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। सीटी संवर्ग से एलटी संवर्ग में संविलयन और प्रोन्नत शिक्षकों को चयन वेतनमान दिए जाने के लिए सीटी सेवाओं का लाभ दिया जाए। स्नातकोत्तर उपाधि से वंचित एलटी ग्रेेड के शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को जीपीएफ की कटौती और पेंशन का लाभ तत्काल लागू किया जाए। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किया जाए। वित्तविहीन शिक्षकों के लिए घोषित मानदेय का भुगतान किया जाए। जनशक्ति निर्धारण की दोषपूर्ण प्रक्रिया के कारण वेतन से वंचित शिक्षकों को नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संलग्न प्राइमरी विद्यालयों के शिक्षकों को नियमित वेतन भुगतान किया जाए। महिला शिक्षकों को देय चाइल्ड केेयर अवकाश तथा मातृत्व अवकाश की अधिनियमित व्यवस्था को प्रभावी किया जाए। शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। शिक्षकों ने कुल 20 समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष बृजेंद्रनाथ शुक्ला, जिलामंत्री अरविंद कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष जसवंत सिंह वर्मा, दिनेश कुमार शुक्ला, अनुज कुमार, रामनरेश वर्मा और रामकुमार मिश्रा सहित तमाम लोग शामिल थे।
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मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में शिक्षकों ने मांग की है कि तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए। सीटी संवर्ग से एलटी संवर्ग में संविलयन और प्रोन्नत शिक्षकों को चयन वेतनमान दिए जाने के लिए सीटी सेवाओं का लाभ दिया जाए। स्नातकोत्तर उपाधि से वंचित एलटी ग्रेेड के शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ दिया जाए। एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को जीपीएफ की कटौती और पेंशन का लाभ तत्काल लागू किया जाए। सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अनुदान सूची में शामिल किया जाए। वित्तविहीन शिक्षकों के लिए घोषित मानदेय का भुगतान किया जाए। जनशक्ति निर्धारण की दोषपूर्ण प्रक्रिया के कारण वेतन से वंचित शिक्षकों को नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। संलग्न प्राइमरी विद्यालयों के शिक्षकों को नियमित वेतन भुगतान किया जाए। महिला शिक्षकों को देय चाइल्ड केेयर अवकाश तथा मातृत्व अवकाश की अधिनियमित व्यवस्था को प्रभावी किया जाए। शिक्षकों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए। शिक्षकों ने कुल 20 समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। धरना-प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष बृजेंद्रनाथ शुक्ला, जिलामंत्री अरविंद कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष जसवंत सिंह वर्मा, दिनेश कुमार शुक्ला, अनुज कुमार, रामनरेश वर्मा और रामकुमार मिश्रा सहित तमाम लोग शामिल थे।
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