{"_id":"0ec72c64ab8a011471403f3a482ca5ff","slug":"demands-absence-state-personnel-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगे पूरी न होने से राज्य कर्मियों में रोष ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगे पूरी न होने से राज्य कर्मियों में रोष
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की बैठक जिला अस्पताल के सभागार में हुई। यहां लंबित मांगों के निस्तारण के लिए 20 जून को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संयुक्त परिषद के महामंत्री जेएन तिवारी ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, एसीपी व्यवस्था में धारित पद की अनिवार्यता समाप्त कर 16 वर्ष की सेवा पर द्वितीय एसीपी का लाभ दिया जाए। वेतन समिति 2008 की संस्तुतियाें को यथावत लागू किया जाए, आउट सोर्सिंग और ठेकेदारी प्रथा बंद की जाए। कर्मचारियों की आयु सीमा 65 वर्ष की जाए। इसके सहित 26 सूत्रीय ज्ञापन सरकार को कई बार दिया गया है लेकिन सरकार ने समस्याओं का निस्तारण नहीं किया। यहां संयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रांत ने इसके लिए आंदोलन की रणनीति बनाई है। इसके तहत 20 जून को लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के हजारों कर्मचारी शामिल होंगे। बैठक में संयोजक इंद्रजीत सिंह, रवि श्रीवास्तव, ऊषा अवस्थी, नजमा, छंदा पांडे, ओपी गुप्ता, राकेश वाल्मीकि, वीरेश शुक्ला, रमेश शुक्ला, संत कुमार वर्मा, रोशन लाल, अनिल कुमार वर्मा, ब्रजलाल, लल्लन प्रसाद और सरोज कुमार सहित तमाम कर्मचारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
बैठक में संयुक्त परिषद के महामंत्री जेएन तिवारी ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशील नहीं है। उन्होंने मांग की कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, एसीपी व्यवस्था में धारित पद की अनिवार्यता समाप्त कर 16 वर्ष की सेवा पर द्वितीय एसीपी का लाभ दिया जाए। वेतन समिति 2008 की संस्तुतियाें को यथावत लागू किया जाए, आउट सोर्सिंग और ठेकेदारी प्रथा बंद की जाए। कर्मचारियों की आयु सीमा 65 वर्ष की जाए। इसके सहित 26 सूत्रीय ज्ञापन सरकार को कई बार दिया गया है लेकिन सरकार ने समस्याओं का निस्तारण नहीं किया। यहां संयोजक इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रांत ने इसके लिए आंदोलन की रणनीति बनाई है। इसके तहत 20 जून को लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के हजारों कर्मचारी शामिल होंगे। बैठक में संयोजक इंद्रजीत सिंह, रवि श्रीवास्तव, ऊषा अवस्थी, नजमा, छंदा पांडे, ओपी गुप्ता, राकेश वाल्मीकि, वीरेश शुक्ला, रमेश शुक्ला, संत कुमार वर्मा, रोशन लाल, अनिल कुमार वर्मा, ब्रजलाल, लल्लन प्रसाद और सरोज कुमार सहित तमाम कर्मचारी उपस्थित थे।
विज्ञापन