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मगरमच्छ का शिकार हुए युवक का 23 घंटे बाद शव मिला
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मृतक रिंकेश का फाइल फोटो।
- फोटो : LAKHIMPUR
मझगईं। बिलहिया देव स्थान के पास नहाते समय एक युवक का मगरमच्छ गहरे पानी में खींच ले गया था। उसका शव मंगलवार को 23 घंटे बाद घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूरी पर मिला। शव मिलते ही परिजन में कोहराम मच गया। मां भाई व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा है।
इलाके के बेला कलां के मजरा लोहरा वीरान में छोटी पलिया निवासी कमलेश का 18 वर्षीय पुत्र रिंकेश राज रिश्तेदारी में बुआ के घर आया था। सोमवार को गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से पार्क के जंगल में स्थित बिलहिया देव स्थान पर पूजा पाठ व भंडारे का आयोजन किया। जिसमें रिंकेश भी शामिल होने गया था। देव स्थान के पास बह रहे नाले में नहाते समय रिंकेश को मगरमच्छ वहां से काफी दूर सरजू नदी में खींच ले गया। ग्रामीणों के तमाम प्रयास के बाद भी रिंकेश का शव देर रात तक बरामद नहीं हुआ। ग्रामीणों के साथ पार्क की गुलरा चौकी पर तैनात दरोगा दीपक और जमुना प्रसाद भी वापस चले आए। मंगलवार सुबह फिर तलाश की गई। देव स्थान से आधा किलोमीटर दूर सरजू नदी में रंगोय घाट पर लोगों को मगरमच्छ के कब्जे में रिंकेश नजर आया। ग्रामीणों ने पानी में घुसकर कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ से रिंकेश के शव को छुड़ाकर देव स्थान पर लाए। शव मिलते ही वहां कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। इस दौरान वहां लोगों की काफी भीड़ लगी रही।
तीन भाइयों व एक बहन से बड़ा था रिंकेश
मगरमच्छ के हमले में असमय काल के गाल में समाए रिंकेश राज तीन भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था। रिंकेश की मौत से छोटे भाई कपिल, विक्रम, बहन रंजना व मां का रो रोकर बुरा हाल है। रिंकेश के पिता कमलेश राज काफी समय से बीमार हैं, जो चल फिर भी नहीं सकते। पिता को अभी बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है।
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इलाके के बेला कलां के मजरा लोहरा वीरान में छोटी पलिया निवासी कमलेश का 18 वर्षीय पुत्र रिंकेश राज रिश्तेदारी में बुआ के घर आया था। सोमवार को गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से पार्क के जंगल में स्थित बिलहिया देव स्थान पर पूजा पाठ व भंडारे का आयोजन किया। जिसमें रिंकेश भी शामिल होने गया था। देव स्थान के पास बह रहे नाले में नहाते समय रिंकेश को मगरमच्छ वहां से काफी दूर सरजू नदी में खींच ले गया। ग्रामीणों के तमाम प्रयास के बाद भी रिंकेश का शव देर रात तक बरामद नहीं हुआ। ग्रामीणों के साथ पार्क की गुलरा चौकी पर तैनात दरोगा दीपक और जमुना प्रसाद भी वापस चले आए। मंगलवार सुबह फिर तलाश की गई। देव स्थान से आधा किलोमीटर दूर सरजू नदी में रंगोय घाट पर लोगों को मगरमच्छ के कब्जे में रिंकेश नजर आया। ग्रामीणों ने पानी में घुसकर कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ से रिंकेश के शव को छुड़ाकर देव स्थान पर लाए। शव मिलते ही वहां कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। इस दौरान वहां लोगों की काफी भीड़ लगी रही।
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तीन भाइयों व एक बहन से बड़ा था रिंकेश
मगरमच्छ के हमले में असमय काल के गाल में समाए रिंकेश राज तीन भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था। रिंकेश की मौत से छोटे भाई कपिल, विक्रम, बहन रंजना व मां का रो रोकर बुरा हाल है। रिंकेश के पिता कमलेश राज काफी समय से बीमार हैं, जो चल फिर भी नहीं सकते। पिता को अभी बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है।
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