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आर्यकन्या महाविद्यालय में संस्कृत भाषा की उपयोगिता पर हुई गोष्ठी
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लखीमपुर खीरी। भगवानदीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संस्कृत विभाग एवं साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विशिष्ट अतिथि व्याख्यान गोष्ठी हुई। इसमें संस्कृत भाषा के महत्व और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई।
गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरचना त्रिवेदी ने की। इस दौरान केरल के श्रीशंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय कालटी के संस्कृत साहित्य विभाग के शोध छात्र एवं सात भाषाओं के जानकार मुरली कृष्ण ई ने संस्कृत भाषा के महत्व और भारतीय संस्कृति की उन्नति पर विचार प्रस्तुत किए।
हिंदी विभागाध्यक्ष बीना रानी गुप्ता ने आधुनिक समय में संस्कृत भाषा के महत्व की जानकारी दी। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. गीता शुक्ला ने कहा कि संस्कृत भाषा जन भाषा हो, इसके लिए सभी को प्रतिदिन इसका अभ्यास करना चाहिए। प्रवक्ता शशि प्रभा बाजपेई, सुशीला सिंह, अर्चना सिंह, रीता सिंह सहित छात्राएं मौजूद रहीं।
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गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुरचना त्रिवेदी ने की। इस दौरान केरल के श्रीशंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय कालटी के संस्कृत साहित्य विभाग के शोध छात्र एवं सात भाषाओं के जानकार मुरली कृष्ण ई ने संस्कृत भाषा के महत्व और भारतीय संस्कृति की उन्नति पर विचार प्रस्तुत किए।
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हिंदी विभागाध्यक्ष बीना रानी गुप्ता ने आधुनिक समय में संस्कृत भाषा के महत्व की जानकारी दी। संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. गीता शुक्ला ने कहा कि संस्कृत भाषा जन भाषा हो, इसके लिए सभी को प्रतिदिन इसका अभ्यास करना चाहिए। प्रवक्ता शशि प्रभा बाजपेई, सुशीला सिंह, अर्चना सिंह, रीता सिंह सहित छात्राएं मौजूद रहीं।
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