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...अब गांवों में सीआरपी कराएंगी समूहों का गठन
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:10 PM IST
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आजीविका मिशन
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं की ओवर इनकम के खुलेंगे नए रास्ते
71 महिलाओं के दल में 28 बहराइच की
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत समूहों का गठन कराने के लिए अब तक बिहार से सीआरपी (कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) को बुलाया जाता है, लेकिन अब इस जिले की महिलाएं जल्द ही सीआरपी की भूमिका में नजर आएंगी। कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 71 महिलाओं के दल में 28 महिलाएं बहराइच के मिहीपुरवा की शामिल हैं। प्रशिक्षण के उपरांत ये सीआरपी दल दूसरे जिलों में महिलाओं के समूहों का गठन कराएगा, जिसके एवज में सरकार की ओर से प्रत्येक सीआरपी को 500 रुपये प्रतिदिन भुगतान किया जाएगा।
एनआरएलएम के उपायुक्त अजय पांडेय के नेतृत्व में कचहरी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आंतरिक सामुदायिक संदर्भ व्यक्तियों (आई-सीआरपी) का पांच दिवसीय प्रशिक्षण चार सदस्यीय ट्रेनर्स प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार, एसपी मौर्य की टीम करा रही है, जिसमें बिहार से आए दो एंकर भी शामिल हैं। गांवों में संचालित समूहों की चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, जिन्हें महिलाओं के समूह गठन के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उपायुक्त अजय पांडेय ने बताया कि अब तक बिहार से सीआरपी दल आकर निघासन क्षेत्र के गांवों में महिलाओं के समूहों का गठन करा रहा था, लेकिन अब जिले में ही सीआरपी तैयार हो रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत यह बैच जिले में, दूसरे जिलों और प्रदेश से बाहर जाकर बतौर सीआरपी कार्य करने में सक्षम हो जाएगा। इससे इन महिलाओं की आय के स्रोत बढ़ेंगे। मसलन ब्लाक के अंदर ही दूसरे गांवों में समूहों का गठन कराने पर प्रत्येक सीआरपी को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेंगे। दूसरे ब्लाक में जाने पर 400 रुपये प्रतिदिन और दूसरे जिले में जाने पर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान दिया जाएगा। इसी तरह दूसरे प्रदेश में भेजे जाने पर प्रत्येक सीआरपी को एक हजार से 1200 रुपये प्रतिदिन का भुगतान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीआरपी (महिलाओं) की आय बढ़ने के साथ ही समूहों की आय बढ़ेगी, क्योंकि सीआरपी को सर्विस चार्ज के तौर पर कुछ धनराशि समूह के खाते में जमा करनी होगी।
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बिहार से आई दो टीमों ने बनवाए 32 ग्राम संगठन
निघासन और पलिया ब्लाक में 32 ग्राम संगठनों का गठन किया गया है, जो महिला समूहों से मिलकर बने हैं। नौ-नौ सदस्यीय सीआरपी ने दोनों ब्लाकों में ग्राम संगठनों का गठन कराया है, जो बृहस्पतिवार को वापस बिहार के लिए रवाना हो जाएंगी। इसके अलावा निघासन ब्लाक में तीसरे फेस में संकुल स्तरीय दो संगठन गठित कराए गए हैं।
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71 महिलाओं के दल में 28 बहराइच की
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत समूहों का गठन कराने के लिए अब तक बिहार से सीआरपी (कम्यूनिटी रिसोर्स पर्सन) को बुलाया जाता है, लेकिन अब इस जिले की महिलाएं जल्द ही सीआरपी की भूमिका में नजर आएंगी। कार्यशाला के जरिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही 71 महिलाओं के दल में 28 महिलाएं बहराइच के मिहीपुरवा की शामिल हैं। प्रशिक्षण के उपरांत ये सीआरपी दल दूसरे जिलों में महिलाओं के समूहों का गठन कराएगा, जिसके एवज में सरकार की ओर से प्रत्येक सीआरपी को 500 रुपये प्रतिदिन भुगतान किया जाएगा।
एनआरएलएम के उपायुक्त अजय पांडेय के नेतृत्व में कचहरी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आंतरिक सामुदायिक संदर्भ व्यक्तियों (आई-सीआरपी) का पांच दिवसीय प्रशिक्षण चार सदस्यीय ट्रेनर्स प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश कुमार, एसपी मौर्य की टीम करा रही है, जिसमें बिहार से आए दो एंकर भी शामिल हैं। गांवों में संचालित समूहों की चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण में शामिल किया गया है, जिन्हें महिलाओं के समूह गठन के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। उपायुक्त अजय पांडेय ने बताया कि अब तक बिहार से सीआरपी दल आकर निघासन क्षेत्र के गांवों में महिलाओं के समूहों का गठन करा रहा था, लेकिन अब जिले में ही सीआरपी तैयार हो रही हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत यह बैच जिले में, दूसरे जिलों और प्रदेश से बाहर जाकर बतौर सीआरपी कार्य करने में सक्षम हो जाएगा। इससे इन महिलाओं की आय के स्रोत बढ़ेंगे। मसलन ब्लाक के अंदर ही दूसरे गांवों में समूहों का गठन कराने पर प्रत्येक सीआरपी को 300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेंगे। दूसरे ब्लाक में जाने पर 400 रुपये प्रतिदिन और दूसरे जिले में जाने पर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान दिया जाएगा। इसी तरह दूसरे प्रदेश में भेजे जाने पर प्रत्येक सीआरपी को एक हजार से 1200 रुपये प्रतिदिन का भुगतान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीआरपी (महिलाओं) की आय बढ़ने के साथ ही समूहों की आय बढ़ेगी, क्योंकि सीआरपी को सर्विस चार्ज के तौर पर कुछ धनराशि समूह के खाते में जमा करनी होगी।
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बिहार से आई दो टीमों ने बनवाए 32 ग्राम संगठन
निघासन और पलिया ब्लाक में 32 ग्राम संगठनों का गठन किया गया है, जो महिला समूहों से मिलकर बने हैं। नौ-नौ सदस्यीय सीआरपी ने दोनों ब्लाकों में ग्राम संगठनों का गठन कराया है, जो बृहस्पतिवार को वापस बिहार के लिए रवाना हो जाएंगी। इसके अलावा निघासन ब्लाक में तीसरे फेस में संकुल स्तरीय दो संगठन गठित कराए गए हैं।
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