{"_id":"846cbecb31511b01d3ccf3e1c8cec0a1","slug":"crop-farmers-upset-at-not-getting-compensation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसल मुआवजा न मिलने से किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल मुआवजा न मिलने से किसान परेशान
लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 05 May 2015 06:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौसम के तल्ख तेवर से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा न मिलने की बात एक बार फिर तहसील दिवस में उभर कर आई। इस संबंध में अनेक किसानों ने शिकायत की।
मई के पहले मंगलवार को हुए तहसील दिवस में अधिकतर शिकायतें बेमौसम बारिश से हुई फसलों के नुकसान का मुआवजा न मिलने की आईं। लखीमपुर में पट्टे की भूमि पर कब्जा न मिलने, बाढ़ पीड़ितों को पुनर्वास के लिए जमीन न मिलने और राजस्व और पुलिस से संबंधित शिकायतें ज्यादा रहीं। डीएम किंजल सिंह ने लखीमपुर तहसील दिवस में शिकायतें सुनीं।
सदर तहसील में कुल 155 शिकायतें आईं, इनमें से महज 14 का मौके पर निस्तारण हो सका। लखीमपुर तहसील में राजस्व की 75, पुलिस की 46, विकास की 14 जल निगम की आठ, समाज कल्याण की पांच और अन्य विभागों की सात शिकायतें आईं। यहां शिकायतकर्ताओं में महिलाओं की भी अच्छी संख्या थी।
पलियाकलां। तहसील दिवस में कई किसान पिछले साल आई बाढ़ के मुआवजे की मांग को लेकर पहुंचे। प्रशासन इन्हें अब तक बाढ़ मुआवजा राशि मुहैया नहीं करा पाया है। पटिहन के रामसुभा, वरुण कुमार और बनवारी, गेल्टू, छांगुन, केदार, रामसुभग, ललिता देवी, संजीव कुमार, श्रीराम, सुलनी आदि करीब 125 लोगों ने एसडीएम से शिकायत की कि वे बाढ़ सहायता राशि सूची से बाहर कर दिए गए हैं। डीएम ने आदेश दिया था कि सूची में छूटे पीड़ितों को शामिल किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम शादाब असलम ने की। सीओ रामआसरे सिंह, ईओ नीलम चौधरी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवंत सिंह, एसडीओ वीके अवस्थी आदि भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
पट्टेदार किसानों की गेहूं की फसल काट ले गए दबंग
धौरहरा। जुगनूपुर के पट्टेदारों खगेश्वर, भागीरथ, मौजी लाल, राधेश्याम, इतवारी, रामस्वरूप, बाबू, जोधे, कामता, रामऔतार, गावर्धन आदि 25 लोगों की गेहूं की फसल कुछ लोग काट ले गए। पट्टेदारों ने तहसील दिवस में पहुंचकर एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव और सीओ मनोज यादव को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने पट्टेदारों की शिकायत पर दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। धौरहरा में कुल 43 शिकायतें आईं, इनमें तीन का निस्तारण हुआ।
मितौली में 30 प्रार्थनापत्र आए
मितौली। एसडीएम आलोक कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में कुल 30 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व की 15, पुलिस की नौ, बिजली, सिंचाई, शिक्षा और पूर्ति विभाग की एक-एक और विकास विभाग की दो शिकायतें आईं। इनमे पांच शिकायतों का निस्तारण किया गया। तहसील दिवस में आपदा राहत की चेक न मिलने की शिकायत सबसे ज्यादा रहीं।
फसल नुकसान का सर्वे न करने की शिकायत
निघासन। एसडीएम पीके सिंह की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में करीब 60 शिकायतें आईं। इसमें फसल मुआवजा न मिलने संबंधी करीब 10 शिकायतें दर्ज की गईं। गांव ओरीपुरवा के राजेंद्र्र ने बताया कि उसकी करीब पांच एकड़ चना और मसूर की फसल आंधी और पानी में बर्बाद हो गई। लेखपाल से कई बार सर्वे करने को कहा, लेकिन लेखपाल ने तहसीलदार के आदेश के बावजूद फसल का सर्वे नहीं किया। डांगा निवासी गजाला, बेलरायां निवासी महेशा आदि ने फसल नुकसान का मुआवजा न मिलने की शिकायत की।
गोला में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की
गोला गोकर्णनाथ। एसडीएम विनोद गुप्ता की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में राजस्व की 43, पुलिस की 30, चकबंदी और विकास की तीन-तीन, समाज कल्याण और बिजली विभाग की एक-एक शिकायत आयी। इसमें से तीन का ही मौके पर निस्तारण हुआ। इस मौके पर एएसपी एपी सिंह, तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा, सीओ मधुवन कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मोहम्मदी में 102 में छह शिकायतों का निस्तारण
मोहम्मदी। एसडीएम नागेंद्र्र सिंह ने तहसील दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने कर्मचारियों से शिकायतों का निस्तारण दो दिन के अंदर करने के लिए कहा। ब्लाक सभागार में आयोजित तहसील दिवस में 102 शिकायतें दर्ज की गई जिसमें छह का निस्तारण मौके पर कर दिया गया।
विज्ञापन
मई के पहले मंगलवार को हुए तहसील दिवस में अधिकतर शिकायतें बेमौसम बारिश से हुई फसलों के नुकसान का मुआवजा न मिलने की आईं। लखीमपुर में पट्टे की भूमि पर कब्जा न मिलने, बाढ़ पीड़ितों को पुनर्वास के लिए जमीन न मिलने और राजस्व और पुलिस से संबंधित शिकायतें ज्यादा रहीं। डीएम किंजल सिंह ने लखीमपुर तहसील दिवस में शिकायतें सुनीं।
सदर तहसील में कुल 155 शिकायतें आईं, इनमें से महज 14 का मौके पर निस्तारण हो सका। लखीमपुर तहसील में राजस्व की 75, पुलिस की 46, विकास की 14 जल निगम की आठ, समाज कल्याण की पांच और अन्य विभागों की सात शिकायतें आईं। यहां शिकायतकर्ताओं में महिलाओं की भी अच्छी संख्या थी।
विज्ञापन
पलियाकलां। तहसील दिवस में कई किसान पिछले साल आई बाढ़ के मुआवजे की मांग को लेकर पहुंचे। प्रशासन इन्हें अब तक बाढ़ मुआवजा राशि मुहैया नहीं करा पाया है। पटिहन के रामसुभा, वरुण कुमार और बनवारी, गेल्टू, छांगुन, केदार, रामसुभग, ललिता देवी, संजीव कुमार, श्रीराम, सुलनी आदि करीब 125 लोगों ने एसडीएम से शिकायत की कि वे बाढ़ सहायता राशि सूची से बाहर कर दिए गए हैं। डीएम ने आदेश दिया था कि सूची में छूटे पीड़ितों को शामिल किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम शादाब असलम ने की। सीओ रामआसरे सिंह, ईओ नीलम चौधरी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. यशवंत सिंह, एसडीओ वीके अवस्थी आदि भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
पट्टेदार किसानों की गेहूं की फसल काट ले गए दबंग
धौरहरा। जुगनूपुर के पट्टेदारों खगेश्वर, भागीरथ, मौजी लाल, राधेश्याम, इतवारी, रामस्वरूप, बाबू, जोधे, कामता, रामऔतार, गावर्धन आदि 25 लोगों की गेहूं की फसल कुछ लोग काट ले गए। पट्टेदारों ने तहसील दिवस में पहुंचकर एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव और सीओ मनोज यादव को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। एसडीएम ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने पट्टेदारों की शिकायत पर दबंगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। धौरहरा में कुल 43 शिकायतें आईं, इनमें तीन का निस्तारण हुआ।
मितौली में 30 प्रार्थनापत्र आए
मितौली। एसडीएम आलोक कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में कुल 30 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व की 15, पुलिस की नौ, बिजली, सिंचाई, शिक्षा और पूर्ति विभाग की एक-एक और विकास विभाग की दो शिकायतें आईं। इनमे पांच शिकायतों का निस्तारण किया गया। तहसील दिवस में आपदा राहत की चेक न मिलने की शिकायत सबसे ज्यादा रहीं।
फसल नुकसान का सर्वे न करने की शिकायत
निघासन। एसडीएम पीके सिंह की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में करीब 60 शिकायतें आईं। इसमें फसल मुआवजा न मिलने संबंधी करीब 10 शिकायतें दर्ज की गईं। गांव ओरीपुरवा के राजेंद्र्र ने बताया कि उसकी करीब पांच एकड़ चना और मसूर की फसल आंधी और पानी में बर्बाद हो गई। लेखपाल से कई बार सर्वे करने को कहा, लेकिन लेखपाल ने तहसीलदार के आदेश के बावजूद फसल का सर्वे नहीं किया। डांगा निवासी गजाला, बेलरायां निवासी महेशा आदि ने फसल नुकसान का मुआवजा न मिलने की शिकायत की।
गोला में सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग की
गोला गोकर्णनाथ। एसडीएम विनोद गुप्ता की अध्यक्षता में हुए तहसील दिवस में राजस्व की 43, पुलिस की 30, चकबंदी और विकास की तीन-तीन, समाज कल्याण और बिजली विभाग की एक-एक शिकायत आयी। इसमें से तीन का ही मौके पर निस्तारण हुआ। इस मौके पर एएसपी एपी सिंह, तहसीलदार अभिमन्यु वर्मा, सीओ मधुवन कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
मोहम्मदी में 102 में छह शिकायतों का निस्तारण
मोहम्मदी। एसडीएम नागेंद्र्र सिंह ने तहसील दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने कर्मचारियों से शिकायतों का निस्तारण दो दिन के अंदर करने के लिए कहा। ब्लाक सभागार में आयोजित तहसील दिवस में 102 शिकायतें दर्ज की गई जिसमें छह का निस्तारण मौके पर कर दिया गया।