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अमेठी में युवक की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो धौरहरा (खीरी)।
Updated Mon, 02 Jan 2017 10:13 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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सोते समय उठा ले जाने का आरोप, भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
घर के दरवाजे के पास ही छप्पर के नीचे सो रहे गांव अमेठी निवासी 23 वर्षीय बलराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली चलने की आवाज पर जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर के पास खून से लथपथ युवक का शव पड़ा था। मृतक की चप्पलें उसके बिस्तर के पास ही रखी मिलीं। इससे परिवार वालों ने आशंका जताई कि हत्यारे दरवाजे के पास सो रहे बलराम को घर से उठाकर मंदिर के पास ले गए और गर्दन पर गोली मारकर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके से शाल भी बरामद की है। हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने प्रेम प्रसंग के चलते हत्या होने का शक जाहिर किया है।
गांव अमेठी निवासी नंदरानी ने बताया कि उसके घर में दरवाजा नहीं हैं। दीवार के सहारे पड़े छप्पर में भैंस बंधती है। रविवार को उसका पुत्र बलराम भैंस की रखवाली के लिए उसी छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो रहा था। मंझला पुत्र प्रताप अपने कमरे में और वह खुद कमरे के बाहर पड़े छप्पर में सो रही थी। रविवार रात करीब डेढ़ बजे उसके घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक मंदिर के पास गोली चलने की आवाज आई तो लोग मौके पर पहुंचे। देखा कि उसके पुत्र का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसकी गर्दन में गोली लगी थी। नंदरानी ने बताया कि गांव के मूलचंद और किशनू ने पुत्र का शव पड़े होने की उन्हें जानकारी दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पुत्र प्रताप और अन्य घर वालों के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर एक जनानी शाल भी पड़ी थी। नंदरानी ने आशंका जताई है कि हत्यारे उसके पुत्र को चारपाई से उठाकर ले गए और मंदिर के पास गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने किसी से कोई रंजिश होने से भी इंकार किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शाल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल राम जी चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग में हत्या किए जाने की आशंका है। घर वाले हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस छानबीन कर रही है। मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बरामद शाल खोलेगी हत्या का राज
बलराम की गोली मारकर हत्या क्यों की गई? इस पर अभी राज बरकरार है, लेकिन मौके से बरामद हुई जनानी शाल घटना के खुलासे में पुलिस के लिए काफी मददगार होगी। पुलिस शाल की शिनाख्त कराने की कोशिश में जुट गई है।
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परिवार में सबसे छोटा था बलराम
मृतक बलराम तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रताप और सुरेश की शादी हो चुकी है, जबकि बलराम और उसकी दोनों बहनें अविवाहित हैं। उसके पिता की मौत करीब चार साल पहले हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी तीनों भाइयों पर थी। बड़ा भाई सुरेश लखनऊ में मजदूरी करता है। बलराम भी कभी कभार उसके साथ मजदूरी करने जाता था। बुधवार को मजदूरी के लिए बलराम को लखनऊ जाना था ।
इसी साल होनी थी बलराम की शादी
नंदरानी ने रोते हुए बताया कि बलराम की शादी के लिए कई रिश्ते आए थे। दो जगह तो लड़की देख चुके थे। इसी साल फाल्गुन तक शादी करनी थी।
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घर के दरवाजे के पास ही छप्पर के नीचे सो रहे गांव अमेठी निवासी 23 वर्षीय बलराम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली चलने की आवाज पर जब आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर के पास खून से लथपथ युवक का शव पड़ा था। मृतक की चप्पलें उसके बिस्तर के पास ही रखी मिलीं। इससे परिवार वालों ने आशंका जताई कि हत्यारे दरवाजे के पास सो रहे बलराम को घर से उठाकर मंदिर के पास ले गए और गर्दन पर गोली मारकर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके से शाल भी बरामद की है। हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस ने प्रेम प्रसंग के चलते हत्या होने का शक जाहिर किया है।
गांव अमेठी निवासी नंदरानी ने बताया कि उसके घर में दरवाजा नहीं हैं। दीवार के सहारे पड़े छप्पर में भैंस बंधती है। रविवार को उसका पुत्र बलराम भैंस की रखवाली के लिए उसी छप्पर के नीचे चारपाई डालकर सो रहा था। मंझला पुत्र प्रताप अपने कमरे में और वह खुद कमरे के बाहर पड़े छप्पर में सो रही थी। रविवार रात करीब डेढ़ बजे उसके घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक मंदिर के पास गोली चलने की आवाज आई तो लोग मौके पर पहुंचे। देखा कि उसके पुत्र का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसकी गर्दन में गोली लगी थी। नंदरानी ने बताया कि गांव के मूलचंद और किशनू ने पुत्र का शव पड़े होने की उन्हें जानकारी दी। इससे परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने पुत्र प्रताप और अन्य घर वालों के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर एक जनानी शाल भी पड़ी थी। नंदरानी ने आशंका जताई है कि हत्यारे उसके पुत्र को चारपाई से उठाकर ले गए और मंदिर के पास गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने किसी से कोई रंजिश होने से भी इंकार किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शाल को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। कोतवाल राम जी चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग में हत्या किए जाने की आशंका है। घर वाले हत्या की वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस छानबीन कर रही है। मृतक के भाई की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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बरामद शाल खोलेगी हत्या का राज
बलराम की गोली मारकर हत्या क्यों की गई? इस पर अभी राज बरकरार है, लेकिन मौके से बरामद हुई जनानी शाल घटना के खुलासे में पुलिस के लिए काफी मददगार होगी। पुलिस शाल की शिनाख्त कराने की कोशिश में जुट गई है।
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परिवार में सबसे छोटा था बलराम
मृतक बलराम तीन भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई प्रताप और सुरेश की शादी हो चुकी है, जबकि बलराम और उसकी दोनों बहनें अविवाहित हैं। उसके पिता की मौत करीब चार साल पहले हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी तीनों भाइयों पर थी। बड़ा भाई सुरेश लखनऊ में मजदूरी करता है। बलराम भी कभी कभार उसके साथ मजदूरी करने जाता था। बुधवार को मजदूरी के लिए बलराम को लखनऊ जाना था ।
इसी साल होनी थी बलराम की शादी
नंदरानी ने रोते हुए बताया कि बलराम की शादी के लिए कई रिश्ते आए थे। दो जगह तो लड़की देख चुके थे। इसी साल फाल्गुन तक शादी करनी थी।