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दो जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज

Wed, 25 Mar 2015 05:26 PM IST
निघासन
निघासन Updated Wed, 25 Mar 2015 05:26 PM IST
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बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में भारतीय स्टेट बैंक निघासन के शाखा प्रबंधक ने दो जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी धन का गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया है। निघासन थाने में रिपोर्ट दर्ज होने से जालसाजों में हड़कंप मच गया है। उधर लेखपालों के खिलाफ आरोप सिद्ध होने के बाद भी उनके खिलाफ अभी तक कार्रवाई न होना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। इन पर कार्रवाई न होने से किसानों में रोष है।
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निघासन तहसील में बड़े पैमाने पर हुए बाढ़ राहत राशि घोटाले की जांच एडीएम के आदेश पर एसडीएम पीके सिंह ने शुरू की थी। जांच में तीन लेखपालों को दोषी पाया गया। इसके अलावा फर्जी आईडी के सहारे खोले गए खातों में शिनाख्त करने वाले दलालों की घोटाले के सूत्रधार लेखपालों से साठगांठ भी उजागर हुई।
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जांच के दौरान फर्जी खाते खोलने के दौरान जालसाजों की शिनाख्त करने वाले लोगों के चिह्नित होने के बाद एसडीएम ने बैंक मैनेजर रजनीश श्रीवास्तव से खाता शिनाख्त करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। शाखा प्रबंधक ने फर्जी खातों में शिनाख्त करने वाले गांव बुद्धापुरवा निवासी शुक्ल प्रसाद यादव और गांव बस्तीपुरवा निवासी जीतेंद्र्र मौर्य के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने और धोखाधड़ी करने की रिपोर्ट निघासन थाने में दर्ज करा दी है।
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लालपुर ग्राम पंचायत में बाढ़ राहत चेकों का वितरण दो लेखपालों ने किया था। चेक देने के दौरान बाढ़ पीड़ितों से अवैध वसूली की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम ने लेखपाल छत्रपाल का तबादला कर दिया था। उसके बाद शेष बची बाढ़ राहत चेक को मौजूदा लेखपाल रामकिशोर के नेतृत्व में वितरित किया गया था। इन चेकों के वितरण में तीनों लेखपालों को जांच में दोषी पाया गया है।
गांव मोहनलालपुरवा निवासी इकबाल बहादुर, प्रताप बहादुर, सतीश कुमार, जगदीश कुमार और चंदनपुरवा निवासी नरेश के नाम से बैंक में फर्जी खाता खुलवाकर हजारों रुपये का भुगतान कराया गया था।
गांव भजनपुरवा निवासी किशोर और इसी गांव के हरनाम के नाम बाढ़ राहत चेक बना दी गईं। हरनाम नाम का व्यक्ति गांव में रहता ही नहीं है। बैंक मैनेजर को इन दोनों की मौत की जानकारी मिली तो उन्होंने चेक लेकर गए लोगों को वापस भेज दिया।

एसओ, निघासन आरके यादव ने बताया कि फर्जी खाते खुलवाने के मामले में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस मामले में फर्जी खाता खुलवाने और बैंक में कागजों को तैयार करने वाले व्यक्ति की शिनाख्त के बाद उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।


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