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बाघों की दहशत में जी रहे जंगल किनारे बसे लोग
अमर उजाला ब्यूरो-बांकेगंज।
Updated Sat, 09 Jul 2016 10:40 PM IST
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होगा मिलन
- फोटो : अमर उजाला
छह माह में चार लोग बन चुके बाध का शिकार
बाघ के हमलों से कई ग्रामीण हुए लहूलुहान
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी, भीरा, किशनपुर सेंक्च्युरी रेंज के अलावा दुधवा पार्क जंगलों से सटे दर्जनों गांवों में रहने वाले लोग बाघ की दहशत में जी रहे हैं। वजह है जंगल से बाहर निकले बाघ-बाघिन ग्रामीणों को निवाला बना रहे हैं।
सन 2016 में पिछले छह माह के अंदर मैलानी, भीरा के अलावा दुधवा रेंज से सटे गांवों में एक किशोरी सहित चार लोग बाघ के शिकार बन चुके हैं। बाघ के हमलों से हुई मौतों के बाद वन विभाग भले ही पीड़ितों के परिवारवालों को मुआवजा देता हो, लेकिन इन परिवारों की गृहस्थी उजड़ गई हैं। वन विभाग की माने तो बाघों के इंसानों पर हमले तब हुए हैं जब उन्होंने अनाधिकृत तरीके से उनके निवास स्थल में घुसपैठ की है। मैलानी और भीरा रेंज में 11 फरवरी, 18 मार्च और 15 अप्रैल को क्रमश: कुकरा, सोहनरा भूड़ और ढ़ाका निवासी रईस, तरसेम सिंह और किरन नामक किशोरी पर बाघ ने उस समय हमला कर उन्हें मौत के घाट उतारा था जब ये तीनों जंगल से सटे गांवों में खेतों में फसल की कटाई या रखवाली कर रहे थे। उधर इस संबध में डीएफओ साउथ संजय विश्वाल का कहना है कि बाघों को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता, लेकिन इंसानों को जंगल से सटे खेतों की रखवाली और फसल कटाई के दौरान सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके अलावा जंगल के अंदर अनाधिकृत तरीके से प्रवेश करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि वन्यजीव अकारण हमलावर नहीं होते। डीएफओ ने लोगों से वन्य प्राणियों को दुश्मन नहीं दोस्त समझने की बात कही है।
इनकी हुई मौत
मैलानी, भीरा, दुधवा रेंज के जंगल से सटे गांव कुकरा, सोहनरा भूड़, ढ़ाका, बिहारीपुर और खरेहटा में खेतों की रखवाली, फसलों की कटाई और जंगल के रास्तों पर बाघ-बाघिन ने एक किशोरी किरन सहित चार लोगों क्रमश: रईस, तरसेम सिंह, अंजनि और भोगन कश्यप पर हमला कर उन्हें निवाला बनाया।
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ये हो चुके घायल
21 दिसंबर 2012- मड़हा सेंक्च्युरी में फूस काटने गए खंजनपुर निवासी इंदर को किया घायल
20 नवंबर 2014- उल्ल नदी किनारे घास काटने गए सीतारामपुर के लक्ष्मन को किया जख्मी
07 जनवरी 2014- पहाड़पुर जंगल किनारे खेत की रखवाली करते अजय को जख्मी किया
04 मार्च 2015- मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में शिकारियों पर बाघ का हमला
09 अप्रैल 2016- मैलानी जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रही सुखिया पर हमला
26 मई 2016- मैलानी की महुरेेना बीट के गंगापुर निवासी सोनू पर बाघ ने हमला कर घायल किया
16 जून 2016- किशनपुर सेंक्च्युरी की मड़हा बीट में झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने गांव उजागरपुर निवासी 25 वर्षीय युवक छंगा पर हमला कर घायल किया
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बाघ के हमलों से कई ग्रामीण हुए लहूलुहान
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी, भीरा, किशनपुर सेंक्च्युरी रेंज के अलावा दुधवा पार्क जंगलों से सटे दर्जनों गांवों में रहने वाले लोग बाघ की दहशत में जी रहे हैं। वजह है जंगल से बाहर निकले बाघ-बाघिन ग्रामीणों को निवाला बना रहे हैं।
सन 2016 में पिछले छह माह के अंदर मैलानी, भीरा के अलावा दुधवा रेंज से सटे गांवों में एक किशोरी सहित चार लोग बाघ के शिकार बन चुके हैं। बाघ के हमलों से हुई मौतों के बाद वन विभाग भले ही पीड़ितों के परिवारवालों को मुआवजा देता हो, लेकिन इन परिवारों की गृहस्थी उजड़ गई हैं। वन विभाग की माने तो बाघों के इंसानों पर हमले तब हुए हैं जब उन्होंने अनाधिकृत तरीके से उनके निवास स्थल में घुसपैठ की है। मैलानी और भीरा रेंज में 11 फरवरी, 18 मार्च और 15 अप्रैल को क्रमश: कुकरा, सोहनरा भूड़ और ढ़ाका निवासी रईस, तरसेम सिंह और किरन नामक किशोरी पर बाघ ने उस समय हमला कर उन्हें मौत के घाट उतारा था जब ये तीनों जंगल से सटे गांवों में खेतों में फसल की कटाई या रखवाली कर रहे थे। उधर इस संबध में डीएफओ साउथ संजय विश्वाल का कहना है कि बाघों को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता, लेकिन इंसानों को जंगल से सटे खेतों की रखवाली और फसल कटाई के दौरान सतर्कता बरतनी चाहिए। इसके अलावा जंगल के अंदर अनाधिकृत तरीके से प्रवेश करने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि वन्यजीव अकारण हमलावर नहीं होते। डीएफओ ने लोगों से वन्य प्राणियों को दुश्मन नहीं दोस्त समझने की बात कही है।
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इनकी हुई मौत
मैलानी, भीरा, दुधवा रेंज के जंगल से सटे गांव कुकरा, सोहनरा भूड़, ढ़ाका, बिहारीपुर और खरेहटा में खेतों की रखवाली, फसलों की कटाई और जंगल के रास्तों पर बाघ-बाघिन ने एक किशोरी किरन सहित चार लोगों क्रमश: रईस, तरसेम सिंह, अंजनि और भोगन कश्यप पर हमला कर उन्हें निवाला बनाया।
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ये हो चुके घायल
21 दिसंबर 2012- मड़हा सेंक्च्युरी में फूस काटने गए खंजनपुर निवासी इंदर को किया घायल
20 नवंबर 2014- उल्ल नदी किनारे घास काटने गए सीतारामपुर के लक्ष्मन को किया जख्मी
07 जनवरी 2014- पहाड़पुर जंगल किनारे खेत की रखवाली करते अजय को जख्मी किया
04 मार्च 2015- मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में शिकारियों पर बाघ का हमला
09 अप्रैल 2016- मैलानी जंगल किनारे खेत की रखवाली कर रही सुखिया पर हमला
26 मई 2016- मैलानी की महुरेेना बीट के गंगापुर निवासी सोनू पर बाघ ने हमला कर घायल किया
16 जून 2016- किशनपुर सेंक्च्युरी की मड़हा बीट में झाड़ियों में छिपे बैठे बाघ ने गांव उजागरपुर निवासी 25 वर्षीय युवक छंगा पर हमला कर घायल किया