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तीन घरों में बदमाशों का धावा
निघासन
Updated Tue, 18 Aug 2015 12:01 AM IST
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रविवार रात निघासन कस्बे के तीन घरों पर अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोलकर करीब दो घंटे तक जमकर लूटपाट की। कस्बे के पश्चिमी छोर पर रहने वाले तीनों गरीब परिवारों के लोगों को बंधक बनाकर डकैतों ने सारा कीमती सामान असलहे दिखाकर निकाल लिया। इसके साथ ही पड़ोस में निर्माणाधीन फायर स्टेशन की इमारत पर काम करने वाले ठेकेदार और दो अन्य लोगों को बंधक बनाकर करीब सत्तर हजार की नकदी लूट ली। सभी ने पुलिस को तहरीर दी है।
रविवार रात करीब दो बजे पांच असलहाधारी नकाबपोश बदमाश पहले निघासन कस्बे के पश्चिमी छोर पर बन रही दमकल विभाग की इमारत में घुसे। वहां एक कमरे में ठेकेदार विवेक सिंह, उसका मुंशी मनीश और मिस्त्री छोटेलाल सो रहे थे। बदमाशों ने तीनों को यह कहकर जगाया कि उनके यहां फूलबेहड़ से जेवर, नकदी और राइफल समेत भागकर आई एक लड़की छिपी है। उसको तलाश करना है। उनको पुलिस समझकर जैसे ही विवेक सिंह ने दरवाजा खोला, बदमाशों ने उसको बंधक बनाते हाथ पीछे बांध दिए। फिर उसी से बाकी दोनों को जगाया। उनको भी बांध दिया। बदमाशों ने वहां की तलाशी लेते हुए विवेक की पैंट की जेब में रखे करीब पांच हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद बदमाशों ने विवेक सिंह से बैंक से निकालकर लाए गए साठ हजार रुपये की बाबत पूछा। उसकी गाड़ी की तलाशी लेकर वहां बैग में रखे 65000 रुपये भी बदमाशों ने निकाल लिए। फिर उनको बंधा हुआ छोड़कर वहां से धमकाते हुए निकल गए।
इसके बाद सभी बदमाश पास के छड़ीराम के घर पहुंचे। वहां दरवाजा खटकाया लेकिन कुत्ते के दौड़ाने से वे वहां से भागकर पास के निवासी और चाय व मिठाई का होटल चलाने वाले टिल्लू के घर पर पहुंचे। वह घर के कमरे के बाहर सोया हुआ था। बाकी सदस्य छत पर सो रहे थे। टिल्लू को पीटने के साथ ही बदमाशों ने उसके घर में रखे तीस हजार रुपये, चांदी की एक जेवरी, तीन जोड़ी पायल और सोने की नथुनी सहित करीब पचास हजार का माल लूटा। यहां से धमकाने के बाद वे थोड़ी दूरी पर मजदूरीपेशा संतोश कश्यप के घर पहुंचे। वहां उसकी मां पास में बने एक कमरे में रहती है। संतोष और उसकी पत्नी के असलहे लगाकर संतोष के हाथ बांध दिए। उसकी जेब में रखे 1200 रुपये समेत दो पीतल के बटुले उठा ले गए। उसकी मां कमला के कमरे का दरवाजा खुलवाकर कमला को पीटा। इसके बाद बक्से में रखे छोटे लड़के चन्नू की पत्नी के जेवर और कपड़े आदि निकाल लिए। बदमाशों ने बक्से आदि के ताले तोड़ डाले। कमला को उठाकर पटक दिया। सभी बदमाश एक-दूसरे का ठाकुर बोल रहे थे। किसी के सिर ऊपर उठाकर देखने पर सिर पर टार्च मारकर नीचे करा देते थे। सभी मुंह बांधे हुए थे। बताया जाता है कि जिस वक्त बदमाश लूटपाट कर रहे थे उसी वक्त थाने के दो सिपाही कुछ दूरी पर चौकीदार शत्रोहन के घर पहुंचे और उससे कहा कि कस्बे में पूरब तरफ डकैती पड़ रही है, वह वहीं जा रहे हैं। तुम लोगों को जगा दो। अगर सिपाही इस तरफ और बढ़ आते तो बदमाश भाग सकते थे। एसओ परशुराम ओझा ने बताया कि लूट हुई है। तहरीर भी मिली है। मामले की जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी
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रविवार रात करीब दो बजे पांच असलहाधारी नकाबपोश बदमाश पहले निघासन कस्बे के पश्चिमी छोर पर बन रही दमकल विभाग की इमारत में घुसे। वहां एक कमरे में ठेकेदार विवेक सिंह, उसका मुंशी मनीश और मिस्त्री छोटेलाल सो रहे थे। बदमाशों ने तीनों को यह कहकर जगाया कि उनके यहां फूलबेहड़ से जेवर, नकदी और राइफल समेत भागकर आई एक लड़की छिपी है। उसको तलाश करना है। उनको पुलिस समझकर जैसे ही विवेक सिंह ने दरवाजा खोला, बदमाशों ने उसको बंधक बनाते हाथ पीछे बांध दिए। फिर उसी से बाकी दोनों को जगाया। उनको भी बांध दिया। बदमाशों ने वहां की तलाशी लेते हुए विवेक की पैंट की जेब में रखे करीब पांच हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद बदमाशों ने विवेक सिंह से बैंक से निकालकर लाए गए साठ हजार रुपये की बाबत पूछा। उसकी गाड़ी की तलाशी लेकर वहां बैग में रखे 65000 रुपये भी बदमाशों ने निकाल लिए। फिर उनको बंधा हुआ छोड़कर वहां से धमकाते हुए निकल गए।
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इसके बाद सभी बदमाश पास के छड़ीराम के घर पहुंचे। वहां दरवाजा खटकाया लेकिन कुत्ते के दौड़ाने से वे वहां से भागकर पास के निवासी और चाय व मिठाई का होटल चलाने वाले टिल्लू के घर पर पहुंचे। वह घर के कमरे के बाहर सोया हुआ था। बाकी सदस्य छत पर सो रहे थे। टिल्लू को पीटने के साथ ही बदमाशों ने उसके घर में रखे तीस हजार रुपये, चांदी की एक जेवरी, तीन जोड़ी पायल और सोने की नथुनी सहित करीब पचास हजार का माल लूटा। यहां से धमकाने के बाद वे थोड़ी दूरी पर मजदूरीपेशा संतोश कश्यप के घर पहुंचे। वहां उसकी मां पास में बने एक कमरे में रहती है। संतोष और उसकी पत्नी के असलहे लगाकर संतोष के हाथ बांध दिए। उसकी जेब में रखे 1200 रुपये समेत दो पीतल के बटुले उठा ले गए। उसकी मां कमला के कमरे का दरवाजा खुलवाकर कमला को पीटा। इसके बाद बक्से में रखे छोटे लड़के चन्नू की पत्नी के जेवर और कपड़े आदि निकाल लिए। बदमाशों ने बक्से आदि के ताले तोड़ डाले। कमला को उठाकर पटक दिया। सभी बदमाश एक-दूसरे का ठाकुर बोल रहे थे। किसी के सिर ऊपर उठाकर देखने पर सिर पर टार्च मारकर नीचे करा देते थे। सभी मुंह बांधे हुए थे। बताया जाता है कि जिस वक्त बदमाश लूटपाट कर रहे थे उसी वक्त थाने के दो सिपाही कुछ दूरी पर चौकीदार शत्रोहन के घर पहुंचे और उससे कहा कि कस्बे में पूरब तरफ डकैती पड़ रही है, वह वहीं जा रहे हैं। तुम लोगों को जगा दो। अगर सिपाही इस तरफ और बढ़ आते तो बदमाश भाग सकते थे। एसओ परशुराम ओझा ने बताया कि लूट हुई है। तहरीर भी मिली है। मामले की जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी
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