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कारागार में फिर सामने आई कैदियों की गुटबंदी
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 02 Feb 2015 06:29 PM IST
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डालू गुप्ता, बग्गा सिंह, अजय उर्फ दद्दू तिवारी और रविंद्र लोध जैसे शातिर अपराधियों के फरार होने की घटनाओं के बाद एक बार फिर कारागार में कैदियों की गुटबंदी सामने आई है। करीब एक सप्ताह से अधिक समय से कारागार की तीन बैरकों 10, 11 और 12 में रखे गए हत्या, लूट, डकैती जैसे संगीन अपराधों के नामजद कैदी एक जगह इकट्ठा हो रहे थे। अब अधिकारियों ने ऐसे 35 कैदियों को चिह्नित करने का दावा किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन कैदियों की छंटनी कर उन्हें अलग-अलग बैरकों में रखा जा रहा है।
बता दें कि वर्ष 2013 और 14 में चार शातिर कैदी फरार हो गए थे। इनमें इनामी अपराधी डालू गुप्ता हाल में ही निघासन क्षेत्र में मारा गया, लेकिन बग्गा सिंह समेत तीन कैदी अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस कई बार यह कह चुकी है कि कारागार में बनाई गई योजना के तहत ही कैदियों की फरारी संभव होती है। 30 जुलाई 2014 को कारागार के मेनगेट से तमंचा लहराते हुए कैदी अजय तिवारी और रविंद्र लोध के फरार होने से यह बात पुष्ट भी हो चुकी है। ऐसे में कारागार के भीतर कैदियों के एक जगह इकट्ठा होकर गुटबंदी करने की जानकारी होने पर अधिकारियों के होश उड़ गए। जेल अधिकारियों के मुताबिक चिह्नित किए गए तमाम कैदी संगीन धाराओं के एक ही मुकदमें में नामजद हैं। तमाम ऐसे हैं जो एक ही गांव या पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं। कई को सजा भी हुई और कई कैदियों के मुकदमें विचाराधीन हैं। अधिकारियों का कहना है कि चिह्नित किए गए सभी बंदियों को अलग-अलग बैरकों में रखा जा रहा है और उन पर नजर रखी जा रही है।
उध्ार कारागार अध्ाीक्ष्ाक एचअार दोहरे ने बताया कि कारागार में कई बंदी ऐसे हैं जो एक ही केस में पाबंद हैं। उनके गांव या क्षेत्र के परिचित बंदी भी हैं। वह सभी एक जगह इकट्ठा होकर आपस में बात करते मिले। कोई गंभीर बात नहीं है। सभी को अलग-अलग बैरकों में कर दिया गया है और उन पर नजर रखी जा रही है।
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बता दें कि वर्ष 2013 और 14 में चार शातिर कैदी फरार हो गए थे। इनमें इनामी अपराधी डालू गुप्ता हाल में ही निघासन क्षेत्र में मारा गया, लेकिन बग्गा सिंह समेत तीन कैदी अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस कई बार यह कह चुकी है कि कारागार में बनाई गई योजना के तहत ही कैदियों की फरारी संभव होती है। 30 जुलाई 2014 को कारागार के मेनगेट से तमंचा लहराते हुए कैदी अजय तिवारी और रविंद्र लोध के फरार होने से यह बात पुष्ट भी हो चुकी है। ऐसे में कारागार के भीतर कैदियों के एक जगह इकट्ठा होकर गुटबंदी करने की जानकारी होने पर अधिकारियों के होश उड़ गए। जेल अधिकारियों के मुताबिक चिह्नित किए गए तमाम कैदी संगीन धाराओं के एक ही मुकदमें में नामजद हैं। तमाम ऐसे हैं जो एक ही गांव या पड़ोसी गांव के रहने वाले हैं। कई को सजा भी हुई और कई कैदियों के मुकदमें विचाराधीन हैं। अधिकारियों का कहना है कि चिह्नित किए गए सभी बंदियों को अलग-अलग बैरकों में रखा जा रहा है और उन पर नजर रखी जा रही है।
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उध्ार कारागार अध्ाीक्ष्ाक एचअार दोहरे ने बताया कि कारागार में कई बंदी ऐसे हैं जो एक ही केस में पाबंद हैं। उनके गांव या क्षेत्र के परिचित बंदी भी हैं। वह सभी एक जगह इकट्ठा होकर आपस में बात करते मिले। कोई गंभीर बात नहीं है। सभी को अलग-अलग बैरकों में कर दिया गया है और उन पर नजर रखी जा रही है।
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