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लड़की से दोस्ती जान ले गई
ईसानगर।
Updated Mon, 15 Feb 2016 10:02 PM IST
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थाना क्षेत्र के गांव घासीरामपुरवा गांव के निकट गन्ने के खेत से करीब 11 दिसंबर 2015 को बरामद अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। किशोर की हत्या लड़की से दोस्ती के चक्कर में हुई थी और लड़की के भाइयों ने ही बांके से किशोर का गला काट गन्ने के खेत में फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर आलाकत्ल भी बरामद कर लिया गया है।
ईसानगर पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 13 फरवरी को दुलही गांव निवासी नागेश ने कपड़ों के आधार पर अपने 16 वर्षीय बेटे प्रदीप श्रीवास्तव के तौर पर की। वह दिसंबर में बेटे के गायब होने के बाद उसे लगातार खोज रहे थे। घासीरामपुरवा में शव मिलने पर उन्होंने गांव के ही रामचंद्र पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। एसओ शिवानंद ने बताया कि किशोर की गांव की एक ही लड़की से दोस्ती थी। जुलाई में नागेश परिवार सहित तीर्थयात्रा पर गए थे जबकि प्रदीप घर पर ही रुका रहा। लड़की प्रदीप के घर आ गई। पीछे से लड़की के भाई भी आ गए और प्रदीप को मारपीट कर अपनी बहन को ले गए। इसके बाद भाइयों ने प्रदीप की हत्या की साजिश रची। उससे संपर्क बढ़ाया और नौकरी दिलाने के बहाने अपने ननिहाल घासीरामपुरवा ले गए। वहां बांके से गला काट कर हत्या करने के बाद शव गन्ने के खेत में फेंक दिया और लखनऊ भाग गए। तब शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। एसओ ने बताया कि हत्या में शामिल अहिबरन और घासीरामपुरवा निवासी बेचेलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। खुलासे में एसआई अरविंद शुक्ला, सिपाही राजेंद्र यादव, अमर पाल शामिल रहे।
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ईसानगर पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 13 फरवरी को दुलही गांव निवासी नागेश ने कपड़ों के आधार पर अपने 16 वर्षीय बेटे प्रदीप श्रीवास्तव के तौर पर की। वह दिसंबर में बेटे के गायब होने के बाद उसे लगातार खोज रहे थे। घासीरामपुरवा में शव मिलने पर उन्होंने गांव के ही रामचंद्र पर शक जाहिर किया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लिया तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। एसओ शिवानंद ने बताया कि किशोर की गांव की एक ही लड़की से दोस्ती थी। जुलाई में नागेश परिवार सहित तीर्थयात्रा पर गए थे जबकि प्रदीप घर पर ही रुका रहा। लड़की प्रदीप के घर आ गई। पीछे से लड़की के भाई भी आ गए और प्रदीप को मारपीट कर अपनी बहन को ले गए। इसके बाद भाइयों ने प्रदीप की हत्या की साजिश रची। उससे संपर्क बढ़ाया और नौकरी दिलाने के बहाने अपने ननिहाल घासीरामपुरवा ले गए। वहां बांके से गला काट कर हत्या करने के बाद शव गन्ने के खेत में फेंक दिया और लखनऊ भाग गए। तब शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। एसओ ने बताया कि हत्या में शामिल अहिबरन और घासीरामपुरवा निवासी बेचेलाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। खुलासे में एसआई अरविंद शुक्ला, सिपाही राजेंद्र यादव, अमर पाल शामिल रहे।
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