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पांचवें दिन सकुशल घर लौटा प्रांजल
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 19 Aug 2015 12:02 AM IST
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मोहल्ला आवास विकास कॉलोनी से स्कूल जाते समय अपहृत हुआ छात्र प्रांजल पांचवें दिन मंगलवार को दिन में ढाई बजे सकुशल वापस घर लौट आया, जिससे पांच दिन से खौफजदा परिवार वालों में खुशी का माहौल है। छात्र ने बताया है कि दो अपहरणकर्ता उसे बाइक पर बीच में बैठाकर लाए और लखनऊ पब्लिक स्कूल के पास छोड़कर भाग गए। इसके बाद उसने एक लड़के का मोबाइल लेकर अपने पिता को फोन कर मौके पर बुलाया, जिसके बाद अपने पिता के साथ वह घर लौटा। परिवार वालों से जानकारी मिलने के बाद एसपी अरविंद सेन छात्र के घर पहुंचे और घटनाक्रम के बारे में जानकारी हासिल की।
शुक्रवार की सुबह आवास विकास कॉलोनी निवासी मुन्ना सचान के पुत्र 17 वर्षीय प्रांजल सचान को स्कूल जाते समय बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में होलीफील्ड स्कूल के पास से अपहृत कर लिया था। वह अपनी स्कूटी से लखनऊ पब्लिक स्कूल जा रहा था। दो बदमाश उसे बाइक पर बैठाकर ले गए थे। जबकि तीसरा बदमाश उसकी स्कूटी लेकर गया था, जो अब तक बरामद नहीं हुई है। तीन दिन तक कोतवाली पुलिस को सफलता न मिलने पर अपहृत छात्र की सकुशल बरामदगी के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। इसके बावजूद पुलिस टीम और एसटीएफ को सफलता नहीं मिल पाई, बल्कि पांचवें दिन दो अपहरणकर्ता छात्र को बाइक पर बैठाकर आराम से एलपीएस के पास 2.20 मिनट पर छोड़कर फरार हो गए।
आंखों पर बांधी रखी पट्टी, गन्ने के खेत में रखा
छात्र प्रांजल सचान ने बताया है कि पहले दिन अपहरणकर्ता उसे बाइक पर बैठाकर गन्ने के खेत में ले गए और आंखों पर काली पट्टी बांध दी। दिन भर खेत में रखने के बाद रात को उसे एक कमरे में रखा गया, जहां उसे सोने के लिए तख्त दिया गया। उसे खाने के लिए बिस्कुट और समोसा दिया गया। उसने बताया कि कई बार बात करने का प्रयास किया, तो अपहरणकर्ता उसे डरा-धमकाकर चुप करा देते थे। खास बात यह है कि छोड़ने के लिए लाए जाने पर आंखों पर काली पट्टी बंधी होने के चलते बदमाशों ने उसे हेलमेट पहना दिया था। स्कूल के पास छोड़ने पर उसका हेलमेट उतार लिया और फरार हो गए। छात्र प्रांजल ने बताया कि बदमाशों के चेहरे नहीं देख सका, लेकिन बाइक डिस्कवर थी।
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स्कूल बैग रहा साथ
छात्र प्रांजल का स्कूल जाते समय अपहरण किया गया, जिससे उसकी पीठ पर बैग था। यह बैग उसके साथ ही रहा। पांचवे दिन लौटने पर भी बैग उसके साथ था। बैग की एक कापी भीगी मिली हैै। जबकि अन्य कापी-किताबे भीगी नहीं हैं।
तो क्या फिरौती देकर लौटा छात्र!
अपहरण के मामले में करीब पांच दिन का समय बीतने के बावजूद पुलिस और एसटीएफ के हाथ कामयाबी नहीं लगी है, लेकिन अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती मांगे जाने की चर्चा थी। हालांकि पुलिस और परिवार वालों ने फिरौती की बात से इंकार किया है। घर लौटा छात्र प्रांजल भी कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रहा है, लेकिन अहम जानकारी दी है कि अपहरणकर्ताओं के पास उसके पिता का मोबाइल नंबर पहले से था। छात्र ने यह भी बताया कि इस दौरान वह खुद को पकड़े जाने की बावत एक भी सवाल नहीं कर पाया और अपहरणकर्ता उसके सामने कोई बात भी नहीं करते थे। पुलिस भी पूरी वारदात की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है, क्योंकि स्कूटी का बरामद होना अभी बाकी हैै।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि छात्र सकुशल घर लौट आया है, जिसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। छात्र से प्रारंभिक पूछताछ में कोई खास सुराग नहीं मिले हैं। हालांकि मामले की जांच-पड़ताल कराई जा रही है।
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शुक्रवार की सुबह आवास विकास कॉलोनी निवासी मुन्ना सचान के पुत्र 17 वर्षीय प्रांजल सचान को स्कूल जाते समय बाइक सवार तीन बदमाशों ने रास्ते में होलीफील्ड स्कूल के पास से अपहृत कर लिया था। वह अपनी स्कूटी से लखनऊ पब्लिक स्कूल जा रहा था। दो बदमाश उसे बाइक पर बैठाकर ले गए थे। जबकि तीसरा बदमाश उसकी स्कूटी लेकर गया था, जो अब तक बरामद नहीं हुई है। तीन दिन तक कोतवाली पुलिस को सफलता न मिलने पर अपहृत छात्र की सकुशल बरामदगी के लिए एसटीएफ को लगाया गया था। इसके बावजूद पुलिस टीम और एसटीएफ को सफलता नहीं मिल पाई, बल्कि पांचवें दिन दो अपहरणकर्ता छात्र को बाइक पर बैठाकर आराम से एलपीएस के पास 2.20 मिनट पर छोड़कर फरार हो गए।
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आंखों पर बांधी रखी पट्टी, गन्ने के खेत में रखा
छात्र प्रांजल सचान ने बताया है कि पहले दिन अपहरणकर्ता उसे बाइक पर बैठाकर गन्ने के खेत में ले गए और आंखों पर काली पट्टी बांध दी। दिन भर खेत में रखने के बाद रात को उसे एक कमरे में रखा गया, जहां उसे सोने के लिए तख्त दिया गया। उसे खाने के लिए बिस्कुट और समोसा दिया गया। उसने बताया कि कई बार बात करने का प्रयास किया, तो अपहरणकर्ता उसे डरा-धमकाकर चुप करा देते थे। खास बात यह है कि छोड़ने के लिए लाए जाने पर आंखों पर काली पट्टी बंधी होने के चलते बदमाशों ने उसे हेलमेट पहना दिया था। स्कूल के पास छोड़ने पर उसका हेलमेट उतार लिया और फरार हो गए। छात्र प्रांजल ने बताया कि बदमाशों के चेहरे नहीं देख सका, लेकिन बाइक डिस्कवर थी।
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स्कूल बैग रहा साथ
छात्र प्रांजल का स्कूल जाते समय अपहरण किया गया, जिससे उसकी पीठ पर बैग था। यह बैग उसके साथ ही रहा। पांचवे दिन लौटने पर भी बैग उसके साथ था। बैग की एक कापी भीगी मिली हैै। जबकि अन्य कापी-किताबे भीगी नहीं हैं।
तो क्या फिरौती देकर लौटा छात्र!
अपहरण के मामले में करीब पांच दिन का समय बीतने के बावजूद पुलिस और एसटीएफ के हाथ कामयाबी नहीं लगी है, लेकिन अपहरणकर्ताओं द्वारा फिरौती मांगे जाने की चर्चा थी। हालांकि पुलिस और परिवार वालों ने फिरौती की बात से इंकार किया है। घर लौटा छात्र प्रांजल भी कई सवालों के जवाब नहीं दे पा रहा है, लेकिन अहम जानकारी दी है कि अपहरणकर्ताओं के पास उसके पिता का मोबाइल नंबर पहले से था। छात्र ने यह भी बताया कि इस दौरान वह खुद को पकड़े जाने की बावत एक भी सवाल नहीं कर पाया और अपहरणकर्ता उसके सामने कोई बात भी नहीं करते थे। पुलिस भी पूरी वारदात की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है, क्योंकि स्कूटी का बरामद होना अभी बाकी हैै।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि छात्र सकुशल घर लौट आया है, जिसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। छात्र से प्रारंभिक पूछताछ में कोई खास सुराग नहीं मिले हैं। हालांकि मामले की जांच-पड़ताल कराई जा रही है।