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प्रसव के दौरान सीएचसी में जच्चा-बच्चा की मौत

Thu, 29 Dec 2016 11:57 PM IST
निघासन।
निघासन। Updated Thu, 29 Dec 2016 11:57 PM IST
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The death of the mother and infant during delivery in CHC
गौरतलब है कि नौंवीं कक्षा की छात्रा के साथ उसी स्कूल के एक शिक्षक ने दुराचार किया था।
परिवार वालों ने किया हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप 
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सीएचसी में प्रसव के दौरान प्रसूता और उसके नवजात की मौत हो गई।  इससे गुस्साए परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। किसी तरह से लोगों ने परिवार वालों को समझाकर शांत  कराया। परिवार वालों ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है। 
सिंगाही  थाना क्षेत्र के सिंगहा कलां गांव निवासी राधेश्याम बृहस्पतिवार को पत्नी सीमा को प्रसव कराने के लिए निघासन  सीएचसी पर आशा बहू के साथ लेकर आया था। राधेश्याम ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद  एएनएम अनामिका और प्रियंका से सीमा को देखने के लिए कहा। आरोप है कि करीब 20  मिनट बाद जब सीमा दर्द से जोर-जोर से कराहने लगी, तो दोनों एएनएम उसको देखने  के लिए आईं। इसके बाद खून की कमी बताकर उसका इलाज नहीं किया और जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर का  पर्चा बनाने लगी। इसी बीच सीमा की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे को बाहर आता हुआ  देखकर एएनएम ने किसी तरह से प्रसव कराया। प्रसव के दौरान सीमा ने मृत बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद सीमा की हालत और अधिक खराब हो गई। करीब  आधे घंटे बाद उसने भी दम तोड़ दिया। मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे एंबुलेंस मुहैया नहीं हो सकी, जबकि महिलाओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा संचालित है। राधेश्याम अपनी पत्नी को जिला महिला अस्पताल ले जाने के लिए इधर उधर प्राइवेट वाहन के लिए भटकता रहा, लेकिन एएनएम, आशा और स्टाफ ने एंबुलेंस को बुलाने की जरूरत नहीं समझी। बल्कि अस्पताल के कर्मचारियों ने मृत महिला के पति पर सुलह समझौता का दबाव बनाते हुए कागज पर हस्ताक्षर कराने के बाद ही शव ले जाने दिया। 
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महिला थी एनीमिया पीड़ित
प्रसव के लिए  आई महिला एनीमिया से पीड़ित थी। उसको जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जब तक  उसके परिवार वाले वाहन की तलाश करते बच्चा पैदा होने लगा था। ऐसी स्थिति  में उसे भेजना उचित नहीं था। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।  पीड़ित पक्ष से जोर जबरदस्ती नहीं की गई है। 
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-लालजी पासी, सीएचसी प्रभारी 
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