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जेल में निरुद्ध बीमार बंदी की मौत

Tue, 07 Jun 2016 11:55 PM IST
ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी
ब्यूरो/ लखीमपुर खीरी Updated Tue, 07 Jun 2016 11:55 PM IST
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 Sick prisoners detained in the prison death
बंदी का पुत्र
जेल में निरुद्ध बीमार बंदी की मौत
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वारंट होने पर पलिया पुलिस ने भेजा था जेल 
चार जून से जिला जेल में निरुद्ध था कमलेश

जिला जेल में निरुद्ध थाना पलियाकलां के गांव बड़ा पतवारा निवासी बंदी 35 वर्षीय कमलेश की मंगलवार की तड़के हालत बिगड़ गई। जेल अस्पताल में उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी का आरोप है कि पति उसके काफी समय से बीमार थे। पुलिस ने पति को बेरहमी से पीटा था, जिससे पति की मौत हुई है।
थाना पलियाकलां के गांव बड़ा पतवारा निवासी कमलेश को पलिया पुलिस ने चार जून को आबकारी अधिनियम के तहत जारी वारंट पर गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसे जिला जेल की बैरक नंबर 11 में रखा गया था। छह जून को उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार हो रहा था। मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे अचानक उसकी हालत अधिक बिगड़ गई। सूचना पर जेल अधीक्षक विनोद कुमार, जेलर ज्ञान प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए। जेल चिकित्सक डॉ.शब्बन अली ने प्राथमिक उपचार के बाद बंदी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन की सूचना पर मृतक की पत्नी श्यामवती अपने भाई थाना संपूर्णानगर के गांव गदनियां निवासी नरेश के साथ मोरचरी पहुंची। पति का शव देखकर वह विलखने लगी। 
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पुलिस पर है पिटाई करने का आरोप
मोर्चरी पर मौजूद मृतक बंदी कमलेश की पत्नी श्यामवती ने बताया कि उनके पति काफी समय से बीमार चल रहे थे। चार जून की तड़के पुलिस पति को घर से पकड़ लाई थी। उन्होंने बीमारी का हवाला देते रहुए पति को छोड़ने की काफी विनती की, लेकिन पुलिस ने न तो छोड़ा और न ही यह बताया कि किस आरोप में पकड़कर ले जा रही है। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उनके पति की मौत हुई है। 
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नायब तहसीलदार की मौजूदगी में हुआ पंचनामा 
बंदी कमलेश का पंचनामा नायब तहसीलदार की मौजूदगी में भरा गया। शव के पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया है। पोस्टमार्टम की पुलिस वीडियोग्राफी भी कराएगी।
वर्जन.....
बंदी जेल जब आया था तो बीमार था। छह जून को उसे बैरक से निकाल कर जेल अस्पताल में भर्ती किया गया था। मंगलवार को तड़के हालत अधिक खराब हो गई। जेल डॉक्टर की सलाह पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई है। 
-विनोद कुमार, जेल अधीक्षक 
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शुरूआत से ही उजागर हुई पुलिस की लापरवाही
पलियाकलां।
जिला कारागार में पलिया के बंदी की हुई मौत के बाद पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। बीमार होने के साथ-साथ चल फिर न पाने के बाद भी पुलिस पर मारपीट करने का आरोप मृतक के पुत्र ने लगाया है। उधर घटना के बाद पत्नी समेत पूरा परिवार लखीमपुर गया है घर पर सिर्फ मृतक का छोटा पुत्र ही मौजूद है। जबकि घर तथा आसपास मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिला कारागार में पलिया के ग्राम बड़ा पतवारा के राजाराम के 35 वर्षीय पुत्र कमलेश की मंगलवार को मौत हो गई। मृतक के छोटे लड़के विशाल राठौर ने बताया कि उसका पिता पहले शराब बेचता था। जिस पर उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। जिसके बाद वह बीमार हो गया तथा बिस्तर पर पड़ गया था। साथ ही पलिया के एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां से उसका इलाज भी चल रहा था। बताया कि चार जून को पुलिस वाले घर पर आए और तारीख पर न आने की बात कहकर उसके पिता को मारने-पीटने लगे  जिसपर उसकी मां श्यामवती ने पुलिस से काफी मिन्नते की लेकिन इसके बाद भी पुलिस वाले पिता को लेकर चले गए। उसने बताया कि उसके घर में उसका एक बड़ा भाई करन राठौर है जिसकी उम्र 15 साल है तथा वह अंडे का ठेला लगाता है। उसकी उम्र 14 साल है और वह पलिया के बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज का कक्षा नौ का छात्र है। बताया कि 12 वर्षीय मोहनी उसकी छोटी बहन है। उधर मृतक के छोटे पुत्र को छोड़कर सभी जिला मुख्यालय गए हैं तथा मृतक के घर के आसपास मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। फिलहाल जो भी हो पुलिस इस मामले को लेकर एक बार फिर कटघरे में खड़ी हो गई है और तमाम सवाल उठ खड़े हुए हैं। 
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