फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Two suspects escaped after hectic raised

ताबड़तोड़ दबिश के बाद दो संदिग्धों को उठाया

Sat, 23 Jan 2016 10:32 PM IST
निघासन।
निघासन। Updated Sat, 23 Jan 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
Two suspects escaped after hectic raised
तिहरे अपहरण कांड में तीन अभियुक्तों की गिरफ्तार के बाद एसटीएफ और पुलिस टीमों ने अन्य सात आरोपियों की तलाश में कई स्थानों पर दबिशें दीं। एसटीएफ ने मामले से जुड़े दो और लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस और एसटीएफ अभी किसी को हिरासत में लेने की जानकारी से इंकार कर रही है।
विज्ञापन

बेलरायां गेस्ट हाउस में डेरा जमाए एसटीएफ और पुलिस टीमें शनिवार की सुबह करीब नौ बजे से ही अन्य फरार बदमाशों की तलाश में जंगलों की खाक छानने में लग गईं। टीमों ने कई स्थानों पर छापे भी मारे। सूत्र बताते हैं कि इस मामले से जुड़े कोल्हौरी निवासी एक मोबाइल शाप दुकानदार समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए एसटीएफ-पुलिस ने उठाया है।
विज्ञापन

उधर, जिला मुख्यालय पर खुलासा करने के बाद अपहरणकांड के तीनों आरोपी राजकुमार, गुरमीत और कुलवंत सिंह को शुक्रवार की रात पुलिस अभिरक्षा में सिंगाही थाने लाया गया। इसके बाद पुलिस ने सीएचसी में तीनों अभियुक्तों डॉक्टरी परीक्षण के लिए भेजा, जहां डॉ. पीके रावत ने तीनों का परीक्षण किया। इस दौरान अपहर्ताओं की डॉक्टरी की जानकारी मिलते ही सीएचसी में देखने के लिए काफी लोग एकत्रित हो गए। डॉक्टर को कमरा बंद कर परीक्षण करना पड़ा। परीक्षण के बाद सिंगाही पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया हैै। परीक्षण के दौरान अगवा हुई बहनों के पिता रामबली गुप्ता, भाई किशन कुमार, मामा राजू गुप्ता मौजूद थे। उन्होंने एसटीएफ और पुलिस के सही वर्कआउट पर प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ित परिवार के चार लाइसेंस मंजूर
डीएम किंजल सिंह ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के मद्देनजर चार लोगों के नाम शस्त्र लाइसेंस की मंजूरी दी है। रामबली गुप्ता ने बताया कि डीएम किंजल सिंह की वजह से पत्नी मुन्नी देवी, बेटा किशन कुमार, उसकी पत्नी मोहिनी, साले संजय कुुमार को शस्त्र लाइसेंस की मंजूरी मिल गई है। रामबली गुप्ता के पास पहले से ही एक शस्त्र लाइसेंस था।
अभी कई सवाल बाकी
लखीमपुर खीरी। मास्टर माइंड राजकुमार की गिरफ्तारी से पुलिस और एसटीएफ के अधिकारियों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन अभी कई सवाल बाकी हैं। अभी तक अपहरण में प्रयोग की गई तीन बाइकों में से एक भी बरामद नहीं हुई है। गिरफ्तार किए गए तीन बदमाशों से बरामद 2.63 लाख रुपये और फिरौती में दिए गए रुपये के सीरियल नंबर के मिलान के बारे में जांच का हवाला देकर पुलिस अभी कुछ कहने से बच रही है। सात बदमाश अभी गिरफ्तारी से बचे हुए हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो कुछ बदमाश नेपाल भाग निकले हैं, जिनकी लोकेशन सर्विलांस के जरिए ट्रेस हुई है।
गुरमीत को तो लड़कियां अंकल कहतीं थीं
निघासन। तीन बहनों के अपहरण के मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी गुरमीत उर्फ मीता का रामबली गुप्ता के घर तक आना-जाना था। गांव के पास ही बगौड़िया फार्म में रहने वाले गुरमीत को तीनों बहनें उपमा, रोहिणी और संतोषी अंकल कहकर पुकारती थीं लेकिन गुरमीत ने चंद रुपये के लालच में मानवीय रिश्तों को तार-तार कर दिया। इतना ही नहीं अपहरण के बाद गुरमीत गांव में होने वाली पुलिस-एसटीएफ की कार्रवाई पर पूरी नजर रखते हुए अपने साथियों को सूचनाएं देता रहा। खास बात यह है कि पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के साथ ही अगवा हुई तीनों बहनों की खोजबीन में की जा रहीं कांबिंग में ग्रामीणों के साथ शामिल भी हुआ। गुरमीत के नाम का खुलासा होने से रामबली गुप्ता और परिवार वाले हतप्रभ हैं। अब शायद किसी पर यकीन करना उनके लिए आसान नहीं होगा।

कुलवंत के खिलाफ लकड़ी चोरी का मामला
गिरफ्तार किए गए तीन अपहर्ताओं में एक कुलवंत सिंह का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। अभी पुलिस के पास उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी है। एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि चंदनचौकी के रघुनगर निवासी कुलवंत के खिलाफ लकड़ी चोरी का मुकदमा दर्ज हैै। एसपी अखिलेश चौरसिया का कहना है कि अन्य सात बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीमें लगी हैं। उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अन्य तथ्यों का खुलासा करने में आसानी होगी।
खिचड़ी की रात आए थे बाप-बेटे को उठाने
लखीमपुर खीरी। सिंगाही थाने के खैरीगढ़ गांव के कोल्हू व्यवसायी की तीन बेटियों को अगवा करने के मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह मकर संक्रांति के दिन ही रामबली या उनके बेटे किशन को उठाने आए थे लेकिन कोई नहीं मिला तो खाली हाथ लौट गए थे। उसके अगले दिन भी यही सोच कर गए थे लेकिन दूसरे दिन भी दोनों में से कोई नहीं मिला तो खाली हाथ लौटने के बजाए बेटियों को ही अगवा कर लिया। हालांकि तीनों बहनों को क्यों अगवा किया, इस संबंध में पुलिस भी चुप है।
सिंगाही के खैरीगढ़ से तीन बहनों के अपहरण मामले में पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर आनन-फानन में खुलासा कर दिया है, लेकिन कई सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी है। बकौल पुलिस बदमाशों ने पहले व्यापारी रामबली गुप्ता के बेटे किशुन कुमार को किडनैप करने का प्लान बनाया, जिसके न मिलने पर रामबली को उठाने का प्लान था। इसके लिए बदमाशों ने मकर संक्रांति यानी 15 जुलाई की रात का समय तय किया था। बदमाश बाप-बेटे को अगवा करने पहुंचे भी लेकिन मौके पर किशुन और रामबली में से कोई नहीं मिला तो बदमाश लौट गए थे। दूसरे दिन यानी 16 जुलाई की रात को भी बाप-बेटे के न मिलने पर बदमाशों ने प्लान चेंज करते हुए तीनों बहनों को अगवा कर लिया। बदमाशों ने मां और नौकरानी को भी उठाया था लेकिन उन्हें कुछ दूर जाकर छोड़ दिया था। अमूमन फिरौती के मामले में बदमाश परिवार के एक ही सदस्य को अगवा करते हैं लेकिन यहां तीन बहनों को किया गया। इस बावत पुलिस अधिकारी भी स्पष्ट तौर पर कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed