यूपी: आतंकी नेटवर्क की जांच में आजमगढ़ कनेक्शन, एनआईए की सूची में सात नाम; सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज
मुंबई ब्लास्ट, बाटला हाउस कांड और अहमदाबाद धमाकों के बाद से सुरक्षा जांच एजेंसियों के रडार पर आजमगढ़ जिला है। जब बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ तो जिला सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहने लगा।
विस्तार
जब बाटला हाउस एनकाउंटर हुआ तो जिला सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहने लगा। इसी कड़ी में मोहम्मद नबील भी शामिल है, जिसे एटीएस ने शनिवार को दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर से गिरफ्तार किया।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की वांटेड सूची में आजमगढ़ जनपद से जुड़े सात संदिग्धों के नाम शामिल हैं। ये नाम विभिन्न आतंकी मामलों और इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) से जुड़े प्रकरणों की जांच के दौरान सामने आए थे।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इनकी तलाश में जुटी हैं। एनआईए की वांटेड सूची में सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर निवासी मोहम्मद साजिद, मोहम्मद खालिद, शाहनवाज आलम, सदाब अहमद, अबू रशीद और मोहम्मद राशिद के अलावा कोतवाली क्षेत्र के राजा का किला मोहल्ला निवासी मिर्जा शादाब बेग का नाम शामिल है।
जांच एजेंसियों के अनुसार इन व्यक्तियों के नाम विभिन्न आतंकी घटनाओं और प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान प्रकाश में आए थे। एजेंसियां इनके संभावित ठिकानों, संपर्क सूत्रों और गतिविधियों की लगातार निगरानी करती रही हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के निर्णय के बाद ही होती है।
एटीएस यूनिट की स्थापना के लिए जनपद में काफी दिनों से कवायद चल रही है। इसके लिए मंदुरी में जमीन भी मिल चुकी है लेकिन, अभी तक जमीन पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसके स्थापित होने के बाद पूर्वांचल में सुरक्षा एजेंसियों को एक स्थायी आधार मिलेगा। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर टीमों को लखनऊ या अन्य स्थानों से आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर ही तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी।
कब-कब आतंकी घटनाओं में आया आजमगढ़ का नाम
केस-1: मुंबई सीरियल ब्लास्ट में आया अबू सलेम का नाम
देश को हिला देने वाले 12 मार्च 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट में आजमगढ़ का नाम भी जुड़ा था। इस आतंकी हमले के प्रमुख आरोपियों में शामिल गैंगस्टर अबू सलेम मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के सरायमीर क्षेत्र का रहने वाला है। अबू सलेम का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गों में शामिल रहा है। अदालत में चले मामले के अनुसार, वह ब्लास्ट की साजिश से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। विशेष बात यह भी है कि दाऊद इब्राहिम के भाई मुस्तकीम की ससुराल भी आजमगढ़ के मेंहनगर इलाके में है, जिससे जिले का कनेक्शन एक बार फिर सुर्खियों में आया था।
12 अगस्त 1997 को मुंबई के जुहू इलाके में टी-सीरीज कंपनी के मालिक और ‘कैसेट किंग’ गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल पर ‘मेड इन बम्हौर’ लिखा मिला, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। जांच के दौरान पता चला कि आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में बम्हौर नाम का एक गांव है, जहां उस समय अवैध असलहे बनाए जाने की चर्चा आम थी। हथियारों की इस कड़ी ने गुलशन कुमार हत्याकांड में आजमगढ़ का नाम एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया था।
केस-3: वाराणसी और गोरखपुर ब्लास्ट के बाद आजमगढ़ में मिलीं लावारिस कारें
वर्ष 2006 में वाराणसी के संकट मोचन हनुमान मंदिर और कैंट स्टेशन पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद आजमगढ़ एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर आ गया था। धमाकों के तुरंत बाद आजमगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर से एक लावारिस कार बरामद हुई थी, जिसमें शराब की बोतलें भी मिलीं। इसके एक वर्ष बाद, 2007 में गोरखपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद भी आजमगढ़ के रैदोपुर कॉलोनी क्षेत्र से एक और लावारिस कार बरामद की गई।
केस-4: अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का कथित मास्टरमाइंड था अबू बशर
26 जुलाई 2008 को गुजरात के अहमदाबाद शहर में हुए सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया था। इस हमले में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच आगे बढ़ी तो एक बार फिर आजमगढ़ का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले का कथित मास्टरमाइंड आजमगढ़ जनपद के सरायमीर क्षेत्र के बीनापार निवासी अबू बशर था। उसके साथ जिले के ही कई अन्य युवकों के नाम भी इस आतंकी साजिश में उजागर हुए थे।
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केस-5: बाटला हाउस एनकाउंटर में भी जुड़ा नाम
13 सितंबर 2008 को दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे, जिनमें 30 से अधिक लोग मारे गए थे। इन धमाकों की जांच के दौरान पुलिस को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादियों के बाटला हाउस में छिपे होने की जानकारी मिली। 19 सितंबर की सुबह इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फ्लैट पर छापा मारा। अंदर से अंधाधुंध फायरिंग में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में अस्पताल में शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए। मौके से मोहम्मद सैफ को गिरफ्तार किया गया, जबकि आरिज खान और शहजाद अहमद सहित कुछ अन्य मौके से फरार होने में सफल रहे।
अधिकारी बोले
जिस मामले में एसटीएफ, एटीएस या फिर एनआईए शामिल होती है, उस मामले में स्थानीय पुलिस कुछ नहीं करती, क्योंकि इस मामले को वही लोग हैंडल करते हैं। इसलिए इस बारे में कुछ भी कहना उचित नहीं है। -चिराग जैन, एसपी ग्रामीण