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36 घंटे बाद भी नहीं खुला धमाके का राज
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 10 May 2015 10:49 PM IST
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चांदमारी रोड नौरंगाबाद में एक मौलवी के घर हुए धमाके में बालक की मौत के मामले में 36 घंटे बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अब फोरेंसिक टीम द्वारा एकत्र किए गए नमूने लैब जांच के लिए भेजने की तैैयारी हैै। जिसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही धमाके के रहस्य से परदा उठ सकेगा।
बता दें कि मौलवी जमाल अहमद के घर के एक कमरे में शनिवार की सुबह धमाका हुआ था, जिसमें चार वर्र्षीय बालक अबू उबैदर की मौत हो गई थी। धमाके के कारणों को जानने के लिए पुलिस औैर फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्यों का संकलन किया। टीम ने कंप्यूटर का सीपीयू, पुराने मोबाइल सेट सहित इलेक्ट्रानिक पुर्जों को जांच के लिए कब्जे में लिया था। हालांकि दूसरे दिन पुलिस की जांच इस दिशा में खास नहीं रही है, लेकिन घटनास्थल से साक्ष्यों को जिस तरह मिटाया गया। उससे पुलिस के सामने चुनौती बनी है। मौलवी और उसके परिवार ने धमाके के कारण के बारे में पटाखे का दगना पुलिस को बताया था। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कमरे में सिर्फ तख्त का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था और सामान सुरक्षित था। लिहाजा पुलिस की निगाहें अब फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। अस्पताल के मेमो के आधार पर कार्र्रवाई की गई है। लैब की रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि मौलवी जमाल अहमद के घर के एक कमरे में शनिवार की सुबह धमाका हुआ था, जिसमें चार वर्र्षीय बालक अबू उबैदर की मौत हो गई थी। धमाके के कारणों को जानने के लिए पुलिस औैर फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्यों का संकलन किया। टीम ने कंप्यूटर का सीपीयू, पुराने मोबाइल सेट सहित इलेक्ट्रानिक पुर्जों को जांच के लिए कब्जे में लिया था। हालांकि दूसरे दिन पुलिस की जांच इस दिशा में खास नहीं रही है, लेकिन घटनास्थल से साक्ष्यों को जिस तरह मिटाया गया। उससे पुलिस के सामने चुनौती बनी है। मौलवी और उसके परिवार ने धमाके के कारण के बारे में पटाखे का दगना पुलिस को बताया था। पुलिस सूत्रों का मानना है कि कमरे में सिर्फ तख्त का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था और सामान सुरक्षित था। लिहाजा पुलिस की निगाहें अब फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में अभी कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। अस्पताल के मेमो के आधार पर कार्र्रवाई की गई है। लैब की रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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