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चारागाह भूमि पर हो रहा पक्का निर्माण
ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:50 PM IST
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अवैध कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
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कब्जेदारों ने उठाया होली की छुट्टी का लाभ
कोर्ट के आदेश पर भी नहीं जागे तहसील अधिकारी
तहसील के मुख्य गेट के पास चारागाह के लिए आरक्षित जमीन पर होली की छुट्टी का लाभ उठाते हुए अवैध कब्जेदारों ने पक्का निर्माण शुरू करा दिया है। कोर्ट के आदेश और तमाम लोगों के विरोध के बाद भी तहसील अधिकारियों ने इस अवैध निर्माण को नहीं रुकवाया है। अवैध निर्माण लगभग पूरा होने को है।
बांकेगंज रोड स्थित तहसील के मुख्य द्वार पर लगभग 2000 वर्गफुट जमीन सरकारी अभिलेखों में चारागाह के लिए दर्ज है। हालांकि पहले यहां की जमीन कौड़ियों के मोल बिकती थी लेकिन तहसील बनने से यह जमीन लाखों में पहुंच गई है। बताया जाता है कि तहसील गेट के मुख्य द्वार के पास चारागाह की जमीन पर राजेंद्र नामक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया था। जिसने नियम कानून को ताक पर रखकर शकील के हाथ बेच दिया।
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गोला देहात में शकील की पत्नी बबली वर्तमान में ग्राम प्रधान हैं। इस पद का लाभ उठाते हुए उन्होंने तहसील के अधिकारियों से सांठगांठ कर होली में पांच दिन का अवकाश पड़ने पर अवैध कब्जेदारों ने पक्का निर्माण शुरू करा दिया। हालांकि हरेंद्र कुमार निवासी खंडवा, नई बस्ती ग्राम पंचायत गोला देहात की जनहित याचिका पर एडीएम ने जनवरी में एसडीएम से इस प्रकरण की जांच कराकर कब्जेदारों से जमीन मुक्त कराने का आदेश दिया था। एडीएम का तर्क रहा कि चारागाह भूमि सार्वजनिक उपयोग की नहीं है। इसलिए तुरंत खाली कराई जाए। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को आदेशित कर आख्या मांगी जिन्होंने इस जमीन को चारागाह के नाम दर्ज होने की पुष्टि की। फिर भी पक्के निर्माण को नहीं रोका गया है, जिससे अब लिंटर पड़कर निर्माण अंतिम दौर में है।
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तहसील के मुख्य गेट के पास हो रहे अवैध निर्माण पर वकीलों, ग्राम पंचायत के वाशिंदों ने तहसील प्रशासन पर उंगली उठाई है।
पहले यह जमीन चारागाह के नाम दर्ज थी, फिर आसामी पट्टे कर दिए गए। पट्टेदारों ने बैनामा कर दिया। इस समय इस चारागाह भूमि पर 26 लोगों के मकान बने हैं। जमीन को मूल रूप में लाने की कार्रवाई की जा रही है। बनी इमारत गिराई जाएगी। चारागाह की तीन एकड़ जमीन अवैध कब्जेदारों से मुक्त कराई जाएगी।
-विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला