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अमिताभ बोले, मुलायम से लड़ाई जारी रहेगी

Sat, 31 Oct 2015 10:54 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Sat, 31 Oct 2015 10:54 PM IST
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Amitabh said , will continue to fight to soft
निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के मामले में लखनऊ की हजरतगंज पुलिस द्वारा एफआर लगाने पर सपा सरकार और मुलायम सिंह यादव पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि विवेचक ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है। सिर्फ उन्हें घेरा है। वह 16 नवंबर को कोर्ट में अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह से उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
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आईपीएस अमिताभ ठाकुर, पत्नी नूतन ठाकुर ने यह बात पशु तस्करों के हाथों मारे गए दरोगा मनोज मिश्रा के हरदासपुर गांव से लौटकर यहां पत्रकारों से अनौपचारिक वार्ता के दौरान कही। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 जुलाई, 2015 को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उन्हें फोन पर धमकी दी थी, जिसके बाद उनकी रिपोर्ट 24 सिंतबर को लखनऊ की कोतवाली हजरतगंज में दर्ज की गई थी। मुलायम सिंह को बचाने के लिए मुख्यमंत्री के दबाव में विवेचक ने एफआर लगा दी है। विवेचक ने सिर्फ उनके (अमिताभ) चरित्र पर ध्यान दिया है, जबकि उन्हें आपराधिक अनुसंधान के अंतर्गत विवेचना करनी चाहिए थी। विवेचक ने सिर्फ उनके द्वारा इससे पहले दर्ज कराए गए मुकदमों का हवाला देकर लिखा है कि आईपीएस अमिताभ ठाकुर मात्र प्रचार पाने के लिए मुकदमे दायर करते हैं। मेरी ओर से दर्ज कराए मुकदमे की विवेचना न करके मेरे बारे में व्यक्तिगत राय दी गई है। अब उन्हें 16 नवंबर को कोर्ट में बुलाया गया है, जहां वह अपनी बात रखेंगे। उन्होंने विश्वास जताया है कि कोर्ट में उनकी बात सुनी जाएगी।
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इन बिंदुओं पर नहीं हुई विवेचना
- मुलायम ने किस फोन से धमकी दी और क्यों?
- धमकी के बारे में मुलायम का क्या कहना है?
- जसराना की घटना क्या थी?
- धमकी देने के पीछे असली कारण क्या था?
दरोगा के परिवार की लड़ाई लडे़ंगे अभिताभ और नूतन
खीरी टाउन। सीबीआई जांच की मांग को लेकर अनशन कर रहे शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के परिवार वालों को 18वें दिन आईपीएस अमिताभ ठाकुर अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के संग हरदासपुर पहुंचे और परिवारीजनों के साथ अनशनस्थल पर बैठे। यहां उन्होंने कहा कि वह शहीद दरोगा के परिवार की लड़ाई लड़ेंगे और सीबीआई जांच कराकर रहेंगे। साथ ही जियाउल हक की तरह 50 लाख का मुआवजा दिलाने और शहीद का दर्जा दिलाएंगे। इसके लिए पत्नी की तरफ से न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। यह केस वह अधिवक्ता के रूप में नि:शुल्क लडे़ंगी।
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मालूम हो कि हरदासपुर निवासी मनोज मिश्रा की फरीदपुर बरेली में पशु तस्करी को रोकने को लेकर मुठभेड़ हुई थी जिसमें दरोगा मनोज मिश्रा की पशु तस्करों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शहीद मनोज मिश्रा के परिवार वालों ने पुलिस महकमे पर साजिशन हत्या करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच, 50 लाख की आर्थिक सहायता और परिवार में दो लोगों को सरकारी नौकरी देने की मांग कर 14 अक्तूबर से अनशन शुरू कर दिया था। 18वें दिन भी अनशन जारी रहा। पत्नी नूतन के साथ आए आईपीएस अमिताभ ने परिवार के मुखिया श्याम मुरारी मिश्रा तथा मनोज मिश्रा के बच्चों और पत्नी शशि मिश्रा से मिलकर उनको सांत्वना दी। इस मौके पर मनोज मिश्रा संघर्ष मोर्चा के संयोजक आचार्य संजय मिश्र, बृजेश पांडेय एडवोकेट, भाजपा गोरक्षा प्रकोष्ठ के प्रांतीय अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, किशन वाजपेयी, अरुण अवस्थी, निर्देश दीक्षित, रामनवल चौरसिया, अनुराग मिश्रा, शशिधर मिश्रा, परवेज आलम, कमलेश लोधी, धीरज जायसवाल, अनुज वर्मा, रंजीत वर्मा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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