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तीन दिन पहले लापता हुई आशा वर्कर सीतापुर के थाने पहुंची
अमर उजाला ब्यूरो-लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 09 Jun 2016 10:22 PM IST
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पति ने बताया, चालबाज महिला की शिकार हो गई थी पत्नी
जिला महिला अस्पताल में ड्यूटी पर गई आशा वर्कर मंगलवार को लापता हो गई थी। परिवार वाले अभी उसकी खोजबीन ही कर रहे थे कि इसी बीच पड़ोसी जनपद सीतापुर के थाना सकरन पहुंच गई। थाने से सूचना मिलने पर महिला को लेने उसका पति और अन्य परिवारीजन रवाना हो गए हैं।
शहर की कांशीराम कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी आशा वर्कर है। सात जून को उसकी पत्नी जिला महिला अस्पताल काम से आई थी। पत्नी जब शाम को घर नहीं लौटी तो वह अस्पताल पहुंचा, जहां उसे पता चला कि थाना ईसानगर की एक महिला के साथ वहीं के गांव इमलिया में मरीज को लेने गई है। इससे वह बेफिक्र होकर लौट आया, लेकिन जब आठ जून की सुबह तक पत्नी नहीं आई तो वह ईसानगर के इमलिया गांव पहुंचा, जहां कुछ लोगों को अपनी व्यथा बताने पर महिला के बारे में पता चला। पति का कहना है कि पत्नी के बारे में पूछते ही आरोपी महिला ने उससे अभद्रता करने लगी। साथ ही मारपीट भी की। किसी तरह जान बचाकर भाग आया और ईसानगर थाने को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शाम होने लगी तो थकहार कर वह लौट आया। गुरुवार को वह कचहरी जाकर वकील से मिलकर कार्रवाई की सोच ही रहा था कि पड़ोसी के फोन पर सीतापुर के सकरन थाने की पुलिस ने पत्नी से बात कराई। बकौल पति, पत्नी बेहाद परेशान थी और कह रही थी कि उसे इमलिया की महिला ने सीतापुर के गांव कदनापुर में बेच दिया था। किसी तरह माजरा भांपकर वह भाग निकली, जिससे उसकी अस्मत बच गई। इसके बाद पति और परिवारीजन थाना सकरन रवाना हो गए हैं। उधर एसओ ईसानगर शिवानंद यादव ने बताया कि महिला के लापता होने की पहले कोई सूचना नहीं मिली थी। गुरुवार को एसओ सकरन ने उन्हें महिला के बरामद होने की सूचना दी है। जिस पर उसके पति को बता दिया गया है। वादी तहरीर देगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर देर शाम एसओ सकरन चंद्रभान यादव ने बताया कि पति महिला को अपने साथ लखीमपुर ले गया है। चूंकि संपूर्ण अपराध थाना ईसानगर से घटित हुआ, इसलिए वादी पुलिस कार्रवाई के लिए थाना ईसानगर में ही तहरीर देगा।
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जिला महिला अस्पताल में ड्यूटी पर गई आशा वर्कर मंगलवार को लापता हो गई थी। परिवार वाले अभी उसकी खोजबीन ही कर रहे थे कि इसी बीच पड़ोसी जनपद सीतापुर के थाना सकरन पहुंच गई। थाने से सूचना मिलने पर महिला को लेने उसका पति और अन्य परिवारीजन रवाना हो गए हैं।
शहर की कांशीराम कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी आशा वर्कर है। सात जून को उसकी पत्नी जिला महिला अस्पताल काम से आई थी। पत्नी जब शाम को घर नहीं लौटी तो वह अस्पताल पहुंचा, जहां उसे पता चला कि थाना ईसानगर की एक महिला के साथ वहीं के गांव इमलिया में मरीज को लेने गई है। इससे वह बेफिक्र होकर लौट आया, लेकिन जब आठ जून की सुबह तक पत्नी नहीं आई तो वह ईसानगर के इमलिया गांव पहुंचा, जहां कुछ लोगों को अपनी व्यथा बताने पर महिला के बारे में पता चला। पति का कहना है कि पत्नी के बारे में पूछते ही आरोपी महिला ने उससे अभद्रता करने लगी। साथ ही मारपीट भी की। किसी तरह जान बचाकर भाग आया और ईसानगर थाने को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शाम होने लगी तो थकहार कर वह लौट आया। गुरुवार को वह कचहरी जाकर वकील से मिलकर कार्रवाई की सोच ही रहा था कि पड़ोसी के फोन पर सीतापुर के सकरन थाने की पुलिस ने पत्नी से बात कराई। बकौल पति, पत्नी बेहाद परेशान थी और कह रही थी कि उसे इमलिया की महिला ने सीतापुर के गांव कदनापुर में बेच दिया था। किसी तरह माजरा भांपकर वह भाग निकली, जिससे उसकी अस्मत बच गई। इसके बाद पति और परिवारीजन थाना सकरन रवाना हो गए हैं। उधर एसओ ईसानगर शिवानंद यादव ने बताया कि महिला के लापता होने की पहले कोई सूचना नहीं मिली थी। गुरुवार को एसओ सकरन ने उन्हें महिला के बरामद होने की सूचना दी है। जिस पर उसके पति को बता दिया गया है। वादी तहरीर देगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर देर शाम एसओ सकरन चंद्रभान यादव ने बताया कि पति महिला को अपने साथ लखीमपुर ले गया है। चूंकि संपूर्ण अपराध थाना ईसानगर से घटित हुआ, इसलिए वादी पुलिस कार्रवाई के लिए थाना ईसानगर में ही तहरीर देगा।
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