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इलाज में देरी से घायल बच्चे की मौत, हंगामा
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 03 Aug 2015 10:40 PM IST
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कोतवाली सदर क्षेत्र के कस्बा महेवागंज में बस की चपेट में आकर गंभीर घायल हुए बच्चे की इलाज दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। बच्चे की मौत पर घरवाले गुस्सा गए और इलाज में देरी का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। बाद में एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर परिवार वाले शांत हो गए।
कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम महेवा निवासी तौकीर का छह वर्षीय पुत्र फरमान सोमवार को सुबह लगभग 10.30 बजे अपने बड़े भाई के साथ महेवागंज में सड़क पर बाल कटवाने जा रहा था तभी लखीमपुर से पलिया जा रही एक बस की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद बच्चे के परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे बच्चे के परिवार के लोगों ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी देर तक बच्चे को देखा तक नहीं। इलाज देर से शुरू होने के कारण बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टर तत्काल इलाज शुरू कर देते तो बच्चे की जान बच जाती। माहौल बिगड़ता देख एसडीएम सदर भी जिला अस्पताल पहुंच गए और यहां परिवार के लोगों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने संबंधी प्रार्थनापत्र दिया। एसडीएम ने प्रार्थनापत्र पर कार्रवाई के लिए कोतवाल सदर को निर्देशित किया है।
इलाज में नहीं हुई लापरवाही
ईएमओ जिला अस्पताल डॉ. एसके सिंह ने बताया कि 11.15 बजे बच्चा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और तुरंत सर्जन डॉ. सतीश को बुलाया गया। उन्होंने 11.20 पर बच्चे का उपचार शुरू कर दिया था। इलाज के दौरान 11.55 बजे बच्चे की मौत हो गई। इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई। एक बोतल जो अस्पताल में नहीं थी वह परिवार के लोगों से बाहर से मंगवाई गई थी। बच्चे को बचाने का पूरा प्रयास किया गया।
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कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम महेवा निवासी तौकीर का छह वर्षीय पुत्र फरमान सोमवार को सुबह लगभग 10.30 बजे अपने बड़े भाई के साथ महेवागंज में सड़क पर बाल कटवाने जा रहा था तभी लखीमपुर से पलिया जा रही एक बस की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद बच्चे के परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे बच्चे के परिवार के लोगों ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों ने काफी देर तक बच्चे को देखा तक नहीं। इलाज देर से शुरू होने के कारण बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टर तत्काल इलाज शुरू कर देते तो बच्चे की जान बच जाती। माहौल बिगड़ता देख एसडीएम सदर भी जिला अस्पताल पहुंच गए और यहां परिवार के लोगों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने संबंधी प्रार्थनापत्र दिया। एसडीएम ने प्रार्थनापत्र पर कार्रवाई के लिए कोतवाल सदर को निर्देशित किया है।
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इलाज में नहीं हुई लापरवाही
ईएमओ जिला अस्पताल डॉ. एसके सिंह ने बताया कि 11.15 बजे बच्चा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और तुरंत सर्जन डॉ. सतीश को बुलाया गया। उन्होंने 11.20 पर बच्चे का उपचार शुरू कर दिया था। इलाज के दौरान 11.55 बजे बच्चे की मौत हो गई। इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई। एक बोतल जो अस्पताल में नहीं थी वह परिवार के लोगों से बाहर से मंगवाई गई थी। बच्चे को बचाने का पूरा प्रयास किया गया।
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