{"_id":"7d67b8cf7a1cc9d474f7558bcb4780e3","slug":"got-justice-after-13-years-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"13 साल बाद मिला न्याय","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
13 साल बाद मिला न्याय
मोहम्मदी
Updated Wed, 07 Oct 2015 06:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मारपीट के मामले में एक अभियुक्त को दो साल की सजा और दो हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मुकदमा तकरीबन 13 साल से ज्यादा समय तक चला।
पसगवां थाने के गांव करमुलिया निवासी अनिल कुमार सिंह ने गांव के ही भंतू के खिलाफ मारपीट कर पैर तोड़ने, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी आदि के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था, जो मोहम्मदी के अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। वाकया 22 अगस्त 2002 का है।
मामले में 13 साल बाद फैसला आया है, जिसमें भंतू को दोषी पाया गया। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार ने भंतू को धारा 325 के अंतर्गत दो वर्ष का साधारण कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, उन्होंने कहा कि यदि अभियुक्त अर्थदंड नहीं देता है तो दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 504 के तहत छह माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना और धारा 506 के अंतर्गत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में अर्थदंड न देने पर 15 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले के अभियोजन अधिकारी अखिलेश गौतम रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पसगवां थाने के गांव करमुलिया निवासी अनिल कुमार सिंह ने गांव के ही भंतू के खिलाफ मारपीट कर पैर तोड़ने, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी आदि के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था, जो मोहम्मदी के अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। वाकया 22 अगस्त 2002 का है।
विज्ञापन
मामले में 13 साल बाद फैसला आया है, जिसमें भंतू को दोषी पाया गया। अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रशांत कुमार ने भंतू को धारा 325 के अंतर्गत दो वर्ष का साधारण कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई, उन्होंने कहा कि यदि अभियुक्त अर्थदंड नहीं देता है तो दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा धारा 504 के तहत छह माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना और धारा 506 के अंतर्गत एक वर्ष का साधारण कारावास एवं पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में अर्थदंड न देने पर 15 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले के अभियोजन अधिकारी अखिलेश गौतम रहे।
विज्ञापन