{"_id":"57decd134f1c1b1c0aa824d5","slug":"gagi-sewer-bursts-ravaged-farmers-on-the-brink-of-starvation","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाघी नाला फटने से तबाह किसान भुखमरी की कगार पर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
घाघी नाला फटने से तबाह किसान भुखमरी की कगार पर
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
cane
- फोटो : amar ujala
- किसानों ने की मुआवजे की मांग, अब भी खेतों में भरा है पानी
घाघी नाले फटने से तबाह हुए किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। इसके अलावा नदी की तलहटी में बसे किसान भी बाढ़ से तबाह हुए हैं। बाढ़ का पानी अब भी खेतों में भरा हुआ है। पानी भरा होने से फसलें गल रही हैं।
शारदा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते मैदानी क्षेत्रों में पहुंचे बाढ़ के पानी से तराई सहित पूरा इलाका प्रभावित हुआ था। सबसे अधिक विकराल स्थित घाघी नाले के कारण हुई थी। शारदा नदी में थोड़ा पानी अधिक होने पर भी नदी का बहाव नाले की ओर हो जाता है, जिसके चलते कई गांवों के अलावा सैकड़ों एकड़ फसल चौपट हो जाती है। खेतों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। लुधौरी निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घाघी नाले का बंधा फटने के कारण दो एकड़ गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। दुर्गापुरवा निवासी जमालुदीन बताते है कि उनके पास मात्र तीन एकड़ ही भूमि है, जिसमेें सवा एकड़ भूमि पर गन्ना बोया था, परंतु बाढ़ का पानी खेत में पहुंचने से खेत में खड़ा गन्ना सूख गया है। लुधौरी के ही जीत सिंह ने कहा कि बैंकों और साहूकारों से ऋण लेकर गन्ने की बुवाई की थी और उपज को देखते हुए यह आशा जगी थी कि ऋण देने के पश्चात इस बार कुछ हाथ लग जाएगा, लेकिन नाला फटने से उनके सपने काफूर हो गए। किसानों ने बताया कि बच्चों को फीस आदि जमा कर पाना भी मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
घाघी नाले फटने से तबाह हुए किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। इसके अलावा नदी की तलहटी में बसे किसान भी बाढ़ से तबाह हुए हैं। बाढ़ का पानी अब भी खेतों में भरा हुआ है। पानी भरा होने से फसलें गल रही हैं।
शारदा नदी के बढ़े जलस्तर के चलते मैदानी क्षेत्रों में पहुंचे बाढ़ के पानी से तराई सहित पूरा इलाका प्रभावित हुआ था। सबसे अधिक विकराल स्थित घाघी नाले के कारण हुई थी। शारदा नदी में थोड़ा पानी अधिक होने पर भी नदी का बहाव नाले की ओर हो जाता है, जिसके चलते कई गांवों के अलावा सैकड़ों एकड़ फसल चौपट हो जाती है। खेतों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। लुधौरी निवासी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि घाघी नाले का बंधा फटने के कारण दो एकड़ गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है। दुर्गापुरवा निवासी जमालुदीन बताते है कि उनके पास मात्र तीन एकड़ ही भूमि है, जिसमेें सवा एकड़ भूमि पर गन्ना बोया था, परंतु बाढ़ का पानी खेत में पहुंचने से खेत में खड़ा गन्ना सूख गया है। लुधौरी के ही जीत सिंह ने कहा कि बैंकों और साहूकारों से ऋण लेकर गन्ने की बुवाई की थी और उपज को देखते हुए यह आशा जगी थी कि ऋण देने के पश्चात इस बार कुछ हाथ लग जाएगा, लेकिन नाला फटने से उनके सपने काफूर हो गए। किसानों ने बताया कि बच्चों को फीस आदि जमा कर पाना भी मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन