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खेत से मिला कंकाल, फरार बंदी के रूप में हुई पहचान!
मितौली (लखीमपुर खीरी)
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:22 AM IST
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गांव ओड़हरा में 24 वर्षीय एक युवक का कंकाल गन्ने के खेत में मिला। मृतक के भाई ने उसकी पहचान कपड़ों से की तो वह लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर से फरार हुआ जिला कारागार का बंदी शिव सिंह यादव निकला। हालांकि कंकाल होने के कारण पुलिस पसोपेश में है और डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही इस संबंध कुछ कहने की बात कर रही है।
थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी मढ़िया के गांव ओड़हरा के चौकीदार रामभजन ने बुधवार को थाने पर सूचना दी कि गांव के पूरब गन्ने के खेत में एक नर कंकाल पड़ा हुआ है । सूचना पर सीओ मितौली मिथिलेश कुमारी दीक्षित और एसओ जावेद अख्तर पहुंचे। इस बीच गांव के ही अमर सिंह यादव ने कंकाल अपने भाई शिव सिंह यादव का बताया। एसओ के अनुसार शिव सिंह दहेज हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध था और 12 जनवरी सन15 को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर से भाग निकला था। पुलिस को उसकी तलाश थी।
डीएनए रिपोर्ट का इंतजार....
कंकाल में फंसी काली पैंट, चेकदार शर्ट और टोपी से अमर सिंह ने अपने भाई की पहचान की, लेकिन पहचान को तब तक सही नहीं कहा जा सकता, जब तक डीएनए टेस्ट के बाद रिपोर्ट न आ जाए।
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शिव सिंह पर दर्ज था मामला
मितौली। थाना क्षेत्र के ओड़रहा निवासी शिव सिंह का विवाह 2013 में हुआ था। दिसंबर 2014 में उसकी पत्नी की जलने से मौत हुई तो उसके ससुर ने उस पर दहेज के लिए पुत्री को केरोसिन डालकर आग लगाने और मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने 19 दिसंबर 2014 को उसका चालान भेजा था।
दो महीने पहले हुआ था फरार
शिव सिंह 19 दिसंबर 14 से जेल में था। जहां 09 जनवरी 2015 को दिल का दौरा पड़ने पर पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर 11 जनवरी 15 को लखनऊ स्थित केजीएमसी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां से वह 12 जनवरी को भाग निकला था। तबसे पुलिस उसे तलाश रही थी।
कई बिंदुओं पर पुलिस कर रही है जांच
एसपी अरविंद सेन के अनुसार सबसे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट होना जरूरी है। उसके बाद उसके डीएनए टेस्ट रिपोर्ट से ही कंकाल शिव सिंह का है या नहीं, इस बात का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या जैसे दोनों पहलुओं को नजर में रखते हुए कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।
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थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी मढ़िया के गांव ओड़हरा के चौकीदार रामभजन ने बुधवार को थाने पर सूचना दी कि गांव के पूरब गन्ने के खेत में एक नर कंकाल पड़ा हुआ है । सूचना पर सीओ मितौली मिथिलेश कुमारी दीक्षित और एसओ जावेद अख्तर पहुंचे। इस बीच गांव के ही अमर सिंह यादव ने कंकाल अपने भाई शिव सिंह यादव का बताया। एसओ के अनुसार शिव सिंह दहेज हत्या के आरोप में जेल में निरुद्ध था और 12 जनवरी सन15 को लखनऊ के मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर से भाग निकला था। पुलिस को उसकी तलाश थी।
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डीएनए रिपोर्ट का इंतजार....
कंकाल में फंसी काली पैंट, चेकदार शर्ट और टोपी से अमर सिंह ने अपने भाई की पहचान की, लेकिन पहचान को तब तक सही नहीं कहा जा सकता, जब तक डीएनए टेस्ट के बाद रिपोर्ट न आ जाए।
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शिव सिंह पर दर्ज था मामला
मितौली। थाना क्षेत्र के ओड़रहा निवासी शिव सिंह का विवाह 2013 में हुआ था। दिसंबर 2014 में उसकी पत्नी की जलने से मौत हुई तो उसके ससुर ने उस पर दहेज के लिए पुत्री को केरोसिन डालकर आग लगाने और मार डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर पुलिस ने 19 दिसंबर 2014 को उसका चालान भेजा था।
दो महीने पहले हुआ था फरार
शिव सिंह 19 दिसंबर 14 से जेल में था। जहां 09 जनवरी 2015 को दिल का दौरा पड़ने पर पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर 11 जनवरी 15 को लखनऊ स्थित केजीएमसी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां से वह 12 जनवरी को भाग निकला था। तबसे पुलिस उसे तलाश रही थी।
कई बिंदुओं पर पुलिस कर रही है जांच
एसपी अरविंद सेन के अनुसार सबसे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु का कारण स्पष्ट होना जरूरी है। उसके बाद उसके डीएनए टेस्ट रिपोर्ट से ही कंकाल शिव सिंह का है या नहीं, इस बात का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस हत्या और आत्महत्या जैसे दोनों पहलुओं को नजर में रखते हुए कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।