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आठ साल बाद पकड़ा गया छात्रवृत्ति घोटाला
लखीमपुरखीरी
Updated Wed, 03 May 2017 11:19 PM IST
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रामाधीन इंटर कालेज बम्हनपुर में प्राधानाध्यापक ने हड़पा पैसा
आनलाइन शिकायत पर डीआईओएस ने की जांच
सकीय सहायता प्राप्त रामाधीन इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण न करके धनराशि हड़पने का मामला सामने आया है। एक छात्रा ने आनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ओपी गुप्ता ने जांच की है। तो जांच में आरोप सही पाए गए, जिससे घबराए आरोपी प्रधानाध्यापक ने कार्रवाई से बचने के लिए प्रबंधन कोष में पैसा जमा कराया है।
सदर कोतवाली स्थित लाहौरी नगर निवासी मेवालाल की पुत्री प्रिया सैनी वर्ष 2009-10 में रामाधीन इंटर कॉलेज में कक्षा छह में अध्ययनरत थी। तब उसके नाम पर कॉलेज के खाते में छात्रवृत्ति के 480 रुपये मिले थे। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने छात्रवृत्ति की धनराशि छात्रा को न देकर गबन कर ली थी। इसके बाद छात्रा ने छात्रवृत्ति पाने के लिए कॉलेज के कई चक्कर भी लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा 28 मार्च 2017 को छात्रा ने आनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच पूरी करने के बाद डीआईओएस ओपी गुप्ता ने आख्या डीडीओ अनिल कुमार सिंह को सौंपी है। डीडीओ ने बताया है कि प्रथमदृष्टया गबन का मामला पाया गया है, क्योंकि जांच शुरू होने के बाद आरोपी प्रधानाध्यापक ने विद्यालय कमेटी में छात्रवृत्ति का पैसा जमा किया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
आनलाइन शिकायत पर डीआईओएस ने की जांच
सकीय सहायता प्राप्त रामाधीन इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का वितरण न करके धनराशि हड़पने का मामला सामने आया है। एक छात्रा ने आनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ओपी गुप्ता ने जांच की है। तो जांच में आरोप सही पाए गए, जिससे घबराए आरोपी प्रधानाध्यापक ने कार्रवाई से बचने के लिए प्रबंधन कोष में पैसा जमा कराया है।
सदर कोतवाली स्थित लाहौरी नगर निवासी मेवालाल की पुत्री प्रिया सैनी वर्ष 2009-10 में रामाधीन इंटर कॉलेज में कक्षा छह में अध्ययनरत थी। तब उसके नाम पर कॉलेज के खाते में छात्रवृत्ति के 480 रुपये मिले थे। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने छात्रवृत्ति की धनराशि छात्रा को न देकर गबन कर ली थी। इसके बाद छात्रा ने छात्रवृत्ति पाने के लिए कॉलेज के कई चक्कर भी लगाए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लिहाजा 28 मार्च 2017 को छात्रा ने आनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच पूरी करने के बाद डीआईओएस ओपी गुप्ता ने आख्या डीडीओ अनिल कुमार सिंह को सौंपी है। डीडीओ ने बताया है कि प्रथमदृष्टया गबन का मामला पाया गया है, क्योंकि जांच शुरू होने के बाद आरोपी प्रधानाध्यापक ने विद्यालय कमेटी में छात्रवृत्ति का पैसा जमा किया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
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