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देवस्थान के पास निर्माण कार्य होता देख भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Mon, 16 Jan 2017 10:33 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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कब्जा करने का लगाया आरोप, किया विरोध प्रदर्शन
खुदाई में निकले नाग नागिन के जोड़े के दर्शन को उमड़े लोग
अलीगंज रोड पर विलियमगंज गांव की हद में स्थित रोड के किनारे धार्मिक स्थल पर निर्माण कार्य कराये जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया। खुदाई के दौरान नाग नागिन का जोड़ा निकलने से आस्थावान लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
विलियमगंज में ठाकुर बाबा, बरमबाबा और बिना मूर्ति का मंदिर है, जिसे हनुमान मंदिर कहा जाता है। देवस्थान के पास एक व्यवसायी अपने कोयला प्लांट का निर्माण कार्य करा रहा था। जिसके द्वारा देवस्थान के पास खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों ने देवस्थान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। काफी हंगामा होने पर पहुंचे ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह, हल्का लेखपाल और कई अन्य संभ्रांत लोगों ने दोनो पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। खुदाई में निकले नाग नागिन के जोड़े को देखने के लिए देवस्थान पर लोग उमड़ पड़े और देखते ही देखते पूजन अर्चन का दौर शुरू हो गया।
अलीगंज रोड पर ग्राम विलियमगंज की हद में जंगल के किनारे कोयला प्लांट लगाने के लिए नगर के विजय कुमार जायसवाल ने जमीन खरीदी है। वहीं पर रोड के किनारे ठाकुरबाबा, बरमबाबा देवस्थान सहित बिना मूर्ति का पुराना मंदिर स्थित है। इस स्थान पर एक विशालकाय पीपल, कैथा और नीम का पेड़ है। इस देवस्थान से गांव और आसपास क्षेत्र के लोगों की अपार श्रद्धा है। देवस्थान के पास व्यवसायी द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया। नींव भरने के लिए मिट्टी खुदाई का काम चल रहा था, जिस पर विलियमगंज गांव के सैकड़ों लोग उमड़ पड़े और देवस्थान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन कर रहे गांव के हीरालाल, राजेंद्र प्रसाद, दीनदयाल, राजीव जायसवाल, सुरेश कुमार, शिवलाल, छैलबिहारी, रवींद्र, रामसागर, बनवारीलाल, मनोज कुमार, जगमोहनलाल आदि ने बताया कि यह देवस्थान काफी पुराना है, जिसमें उनकी अपार श्रद्धा है। यहां पर पुराना नाग नागिन का जोड़ा भी रहता है। जो स्वयं लोगों को दर्शन देने के लिए आता रहता है। इस देवस्थान पर किसी तरह का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
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हंगामा बढ़ने पर ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह, पूर्व प्रधान अशोक वर्मा, शिवनंदन वर्मा, अरुण दीक्षित एडवोकेट, हल्का लेखपाल कैलाश यादव मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, निर्माण करा रहे विजय कुमार ने बताया कि देवस्थान पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया जा रहा था। उन्होंने धार्मिक निष्ठा के तहत देवस्थान की जगह को पहले से ही छोड़ रखा है, जबकि वह उन्हीं की जगह है।
अभिलेखों में दर्ज नहीं है देवस्थान
गोला गोकर्णनाथ। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल कैलाश यादव ने बताया कि जिस स्थान पर देवस्थान है वह गाटा संख्या पांच में है। जिसका वर्ष 1976 में लालनगंज के भोला के नाम पट्टा किया गया था। उसके बाद रामऔतार के नाम दर्ज कराया गया। वर्तमान में विजय और अजय जायसवाल ने 143 में दर्ज कराकर वर्ग फुट में बैनामा कराया है।
देखते ही देखते चढ़ने लगा चढ़ावा
गोला गोकर्णनाथ। देवस्थान के पास मिट्टी खुदाई में निकला नाग नागिन का जोड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। जैसा कि लोग मानते हैं कि इस स्थान पर काफी समय से नाग नागिन का जोड़ा रहता है जो स्वत: दर्शन देने आता रहता है। ठीक वैसा ही दृष्य देखने को मिला। नाग नागिन का जोड़ा ठाकुर बाबा स्थान पर रखे पूजनीय पत्थरों की ओट में बैठ गया। जहां देखते ही देखते दर्शन करने के लिए लोग उमड़ पड़े और चढ़ावा चढ़ने का सिलसिला जारी हो गया।
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खुदाई में निकले नाग नागिन के जोड़े के दर्शन को उमड़े लोग
अलीगंज रोड पर विलियमगंज गांव की हद में स्थित रोड के किनारे धार्मिक स्थल पर निर्माण कार्य कराये जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया। खुदाई के दौरान नाग नागिन का जोड़ा निकलने से आस्थावान लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
विलियमगंज में ठाकुर बाबा, बरमबाबा और बिना मूर्ति का मंदिर है, जिसे हनुमान मंदिर कहा जाता है। देवस्थान के पास एक व्यवसायी अपने कोयला प्लांट का निर्माण कार्य करा रहा था। जिसके द्वारा देवस्थान के पास खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों ने देवस्थान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। काफी हंगामा होने पर पहुंचे ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह, हल्का लेखपाल और कई अन्य संभ्रांत लोगों ने दोनो पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। खुदाई में निकले नाग नागिन के जोड़े को देखने के लिए देवस्थान पर लोग उमड़ पड़े और देखते ही देखते पूजन अर्चन का दौर शुरू हो गया।
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अलीगंज रोड पर ग्राम विलियमगंज की हद में जंगल के किनारे कोयला प्लांट लगाने के लिए नगर के विजय कुमार जायसवाल ने जमीन खरीदी है। वहीं पर रोड के किनारे ठाकुरबाबा, बरमबाबा देवस्थान सहित बिना मूर्ति का पुराना मंदिर स्थित है। इस स्थान पर एक विशालकाय पीपल, कैथा और नीम का पेड़ है। इस देवस्थान से गांव और आसपास क्षेत्र के लोगों की अपार श्रद्धा है। देवस्थान के पास व्यवसायी द्वारा निर्माण कार्य शुरू कराया गया। नींव भरने के लिए मिट्टी खुदाई का काम चल रहा था, जिस पर विलियमगंज गांव के सैकड़ों लोग उमड़ पड़े और देवस्थान पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्य रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन कर रहे गांव के हीरालाल, राजेंद्र प्रसाद, दीनदयाल, राजीव जायसवाल, सुरेश कुमार, शिवलाल, छैलबिहारी, रवींद्र, रामसागर, बनवारीलाल, मनोज कुमार, जगमोहनलाल आदि ने बताया कि यह देवस्थान काफी पुराना है, जिसमें उनकी अपार श्रद्धा है। यहां पर पुराना नाग नागिन का जोड़ा भी रहता है। जो स्वयं लोगों को दर्शन देने के लिए आता रहता है। इस देवस्थान पर किसी तरह का अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा।
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हंगामा बढ़ने पर ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह, पूर्व प्रधान अशोक वर्मा, शिवनंदन वर्मा, अरुण दीक्षित एडवोकेट, हल्का लेखपाल कैलाश यादव मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। वहीं, निर्माण करा रहे विजय कुमार ने बताया कि देवस्थान पर किसी प्रकार का कब्जा नहीं किया जा रहा था। उन्होंने धार्मिक निष्ठा के तहत देवस्थान की जगह को पहले से ही छोड़ रखा है, जबकि वह उन्हीं की जगह है।
अभिलेखों में दर्ज नहीं है देवस्थान
गोला गोकर्णनाथ। मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल कैलाश यादव ने बताया कि जिस स्थान पर देवस्थान है वह गाटा संख्या पांच में है। जिसका वर्ष 1976 में लालनगंज के भोला के नाम पट्टा किया गया था। उसके बाद रामऔतार के नाम दर्ज कराया गया। वर्तमान में विजय और अजय जायसवाल ने 143 में दर्ज कराकर वर्ग फुट में बैनामा कराया है।
देखते ही देखते चढ़ने लगा चढ़ावा
गोला गोकर्णनाथ। देवस्थान के पास मिट्टी खुदाई में निकला नाग नागिन का जोड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। जैसा कि लोग मानते हैं कि इस स्थान पर काफी समय से नाग नागिन का जोड़ा रहता है जो स्वत: दर्शन देने आता रहता है। ठीक वैसा ही दृष्य देखने को मिला। नाग नागिन का जोड़ा ठाकुर बाबा स्थान पर रखे पूजनीय पत्थरों की ओट में बैठ गया। जहां देखते ही देखते दर्शन करने के लिए लोग उमड़ पड़े और चढ़ावा चढ़ने का सिलसिला जारी हो गया।