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इच्छा मृत्यु की पैरवी कर रहे थे, जेल का नाम सुन छूटा पसीना
अमर उजाला ब्यूरो लखीमुपर खीरी।
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:35 PM IST
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इच्छा मृत्यु
- फोटो : अमर उजाला
पारिवारिक पेंशन न मिलने से आहत महिला मांग रही थी इच्छा मृत्यु
डीएम ने साथ में गए बुजुर्ग को आत्महत्या को उकसाने पर हड़काया
21 साल बाद पारिवारिक पेंशन मांगने आई बुजुर्ग महिला ने इच्छा मृत्यु मांगी तो डीएम ने साथ आए बुजुर्ग को जेल भेजने का आदेश दे दिया। क्योंकि वह इच्छा मृत्यु की पैरवी कर रहे थे। जेल का नाम का नाम सुनते ही बुजुर्ग के माथे पर पसीना आ गया। हालांकि बाद में डीएम ने सभी को चेतावनी देकर जाने दिया।
खीरी कस्बा के मोहल्ला शेखराय निवासी अलीमुन्निशां पुत्री स्वर्गीय मोहसिन अली का कहना है कि उसके पिता नकहा के प्राथमिक विद्यालय चहमलपुर से प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुए थे, जिनकी 1993 में मौत हो गई और उसके बाद 1995 में मां की भी मौत हो गई। अलीमुन्निशां का कहना है कि मां की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थित गड़बड़ा गई। उन्होंने बताया कि अविवाहित होने के कारण पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पेंशन बनवाने के लिए पिछले कई सालों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। इसलिए इच्छा मृत्यु मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी बीच महिला के साथ आए बुजुर्ग ने कहा, साहब-इन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। इस पर डीएम सख्त हो गए। बोले, आप कौन हैं? आप तो इन्हें आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही डीएम ने मौके पर मौजूद कोतवाल नागेश मिश्रा से कहा कि इन बुजुर्ग को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में जेल भेज दो। इस पर महिला के साथ आए बुजुर्ग को पसीना आ गया। हालांकि डीएम ने साथ आए लोगों को चेतावनी देकर जाने दिया। फिर बीएसए संजय शुक्ला को बुलवाकर अलीमुन्निशां प्रकरण का निस्ताकरण कराने के निर्देश दिए।
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डीएम ने साथ में गए बुजुर्ग को आत्महत्या को उकसाने पर हड़काया
21 साल बाद पारिवारिक पेंशन मांगने आई बुजुर्ग महिला ने इच्छा मृत्यु मांगी तो डीएम ने साथ आए बुजुर्ग को जेल भेजने का आदेश दे दिया। क्योंकि वह इच्छा मृत्यु की पैरवी कर रहे थे। जेल का नाम का नाम सुनते ही बुजुर्ग के माथे पर पसीना आ गया। हालांकि बाद में डीएम ने सभी को चेतावनी देकर जाने दिया।
खीरी कस्बा के मोहल्ला शेखराय निवासी अलीमुन्निशां पुत्री स्वर्गीय मोहसिन अली का कहना है कि उसके पिता नकहा के प्राथमिक विद्यालय चहमलपुर से प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुए थे, जिनकी 1993 में मौत हो गई और उसके बाद 1995 में मां की भी मौत हो गई। अलीमुन्निशां का कहना है कि मां की मौत के बाद घर की आर्थिक स्थित गड़बड़ा गई। उन्होंने बताया कि अविवाहित होने के कारण पारिवारिक पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पेंशन बनवाने के लिए पिछले कई सालों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा है। इसलिए इच्छा मृत्यु मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी बीच महिला के साथ आए बुजुर्ग ने कहा, साहब-इन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। इस पर डीएम सख्त हो गए। बोले, आप कौन हैं? आप तो इन्हें आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहे हैं। साथ ही डीएम ने मौके पर मौजूद कोतवाल नागेश मिश्रा से कहा कि इन बुजुर्ग को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में जेल भेज दो। इस पर महिला के साथ आए बुजुर्ग को पसीना आ गया। हालांकि डीएम ने साथ आए लोगों को चेतावनी देकर जाने दिया। फिर बीएसए संजय शुक्ला को बुलवाकर अलीमुन्निशां प्रकरण का निस्ताकरण कराने के निर्देश दिए।
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