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कटी नहर बंद नहीं और छोड़ दिया पानी
अमर उजाला ब्यूरो/निघासन।
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:02 PM IST
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canal
- फोटो : amar ujala
खेतों में पानी घुसने से फसलें हुईं बर्बाद
सुहेली नदी से निकली नहर टांडा के पास कट गई थी। कटी नहर सही नहीं कराई गई और पानी छोड़ दिया गया। नहर का पानी खेतों में घुसने के कारण फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। किसानों ने कटी हुई नहर को बंद कराने की मांग की है।
सुहेली बैराज से निकली नहर में एक माह पहले बरसात अधिक होने के कारण वह कट गई थी। उसके बाद बरसात कम होने के कारण नहर में पानी कम हो गया था। दो दिन पहले भारी बरसात के चलते सुहेली नदी एक बार फिर उफना गई। नदी का पानी नहर में एक बार फिर छोड़ दिया गया, जिससे नहर में उफान आ गया। टांडा गांव के पास नहर कटी होने के कारण सारा पानी खेतों में जाने लगा। खेतों में पानी जाने से गन्ने और धान की फसल चौपट हो रही है। फसल बचाने के लिए ग्रामीणों ने वहां पर बोरियां आदि रखकर पानी रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहे। ग्रामीण छोटू, अशोक तिवारी, बलराम, विष्णु, राकेश आदि ने बताया कि करीब पांच माह पहले नहर को साफ करने के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। सिंचाई विभाग से नहर को दुरुस्त कराने की मांग की, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। नहर का पानी सीधे खेतों में जा रहा है, जिससे लालपुर, लुधौरी, बैलहा आदि गांवों के किसानों की फसल चौपट हो रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि मामले की सूचना मिली थी। मौके पर जेई को भेजा था। शीघ्र ही नहर सही कराई जाएगी।
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सुहेली नदी से निकली नहर टांडा के पास कट गई थी। कटी नहर सही नहीं कराई गई और पानी छोड़ दिया गया। नहर का पानी खेतों में घुसने के कारण फसलें बर्बाद हो रहीं हैं। किसानों ने कटी हुई नहर को बंद कराने की मांग की है।
सुहेली बैराज से निकली नहर में एक माह पहले बरसात अधिक होने के कारण वह कट गई थी। उसके बाद बरसात कम होने के कारण नहर में पानी कम हो गया था। दो दिन पहले भारी बरसात के चलते सुहेली नदी एक बार फिर उफना गई। नदी का पानी नहर में एक बार फिर छोड़ दिया गया, जिससे नहर में उफान आ गया। टांडा गांव के पास नहर कटी होने के कारण सारा पानी खेतों में जाने लगा। खेतों में पानी जाने से गन्ने और धान की फसल चौपट हो रही है। फसल बचाने के लिए ग्रामीणों ने वहां पर बोरियां आदि रखकर पानी रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहे। ग्रामीण छोटू, अशोक तिवारी, बलराम, विष्णु, राकेश आदि ने बताया कि करीब पांच माह पहले नहर को साफ करने के नाम पर खानापूर्ति की गई थी। सिंचाई विभाग से नहर को दुरुस्त कराने की मांग की, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। नहर का पानी सीधे खेतों में जा रहा है, जिससे लालपुर, लुधौरी, बैलहा आदि गांवों के किसानों की फसल चौपट हो रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि मामले की सूचना मिली थी। मौके पर जेई को भेजा था। शीघ्र ही नहर सही कराई जाएगी।
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