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चिटफंड कंपनी एजेंट पर रुपये हड़पने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो/तिकुनियां।
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:04 PM IST
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- फोटो : Desk
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- पीड़ित ने एसपी से मिलकर की शिकायत
- एसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश
थारू बाहुल्य ग्राम पंचायत बेलापरसुआ निवासी रामेश्वर दयाल यादव ने एक चिटफंड कंपनी के एजेंट पर 80 हजार रुपये जमा कराकर हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ने कोतवाली चंदनचौकी प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गांव बेलापरसुआ निवासी रामेश्वर दयाल यादव ने बताया कि अप्रैल 2012 में उन्होंने पलिया स्थित एक चिटफंड कंपनी के एजेंट रामेश्वर मौर्य से अपना खाता खुलवाया था। खाते में जमा करने की रकम वह एजेंट हरेराम को देकर रसीद ले रहा था, लेकिन अचानक 22 जुलाई वर्ष 2014 को यह कंपनी अचानक बंद हो गयी। इसके बाद एक वर्ष तक हरेराम मौर्य उससे खाते में जमा करने के लिए लेता रहा। इस बीच जब उसे पता चला कि यह कंपनी बंद हो गई है। तो उसने हरेराम से मिलकर अपना जमा 80 हजार रुपये वापस करने को कहा तो वह रुपये वापस होने का आश्वासन देता रहा। इस बीच उसने जब रसीदों की जांच कराई तो रसीदें फर्जी निकलीं। उन्होंने एसपी से मिलकर पैसा वापस कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी अखिलेश चौरसिया ने कोतवाली चंदनचौकी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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- एसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश
थारू बाहुल्य ग्राम पंचायत बेलापरसुआ निवासी रामेश्वर दयाल यादव ने एक चिटफंड कंपनी के एजेंट पर 80 हजार रुपये जमा कराकर हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने एसपी से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ने कोतवाली चंदनचौकी प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गांव बेलापरसुआ निवासी रामेश्वर दयाल यादव ने बताया कि अप्रैल 2012 में उन्होंने पलिया स्थित एक चिटफंड कंपनी के एजेंट रामेश्वर मौर्य से अपना खाता खुलवाया था। खाते में जमा करने की रकम वह एजेंट हरेराम को देकर रसीद ले रहा था, लेकिन अचानक 22 जुलाई वर्ष 2014 को यह कंपनी अचानक बंद हो गयी। इसके बाद एक वर्ष तक हरेराम मौर्य उससे खाते में जमा करने के लिए लेता रहा। इस बीच जब उसे पता चला कि यह कंपनी बंद हो गई है। तो उसने हरेराम से मिलकर अपना जमा 80 हजार रुपये वापस करने को कहा तो वह रुपये वापस होने का आश्वासन देता रहा। इस बीच उसने जब रसीदों की जांच कराई तो रसीदें फर्जी निकलीं। उन्होंने एसपी से मिलकर पैसा वापस कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी अखिलेश चौरसिया ने कोतवाली चंदनचौकी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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