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सीएचसी के डाक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो रजागंज।
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:25 PM IST
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डेमो पिक
- फोटो : अमर उजाला
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इलाज के अभाव में बेटी की मौत होने का आरोप
ग्रामीण संग पीड़ित ने सीएमओ से की शिकायत
गोला कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर निवासी एक व्यक्ति ने ग्रामीणों संग फरधान सीएचसी के एक डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की है। आरोप है कि रिश्वत न मिलने पर डॉक्टर द्वारा इलाज न किए जाने से शिकायतकर्ता की 12 वर्षीय पुत्री की मौत हो गई।
गांव निवासी श्रीकृष्ण ने सीएमओ को भेजी शिकायत में कहा कि उसकी पुत्री ज्योति(12) ने शुक्रवार की दोपहर घर में रखी सिघाड़ा में छिड़कने वाली कीटनाशक दवा को खासी की सीरप समझ कर पी लिया था। हालत बिगड़ने पर ज्योति को आनन फानन में इलाज के लिए सीएचसी फरधान ले जाया गया। जहां एक डाक्टर ने इलाज करने से पहले तीन हजार रूपये की मांग की। आरोप है कि रिश्वत न दे पाने पर डॉक्टर ने इलाज नही किया। परेशान होकर वह सीएचसी प्रभारी के पास गया तो उन्होंने ज्योति का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसकी कुछ देर बाद सीएचसी में ही मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी अमित बाजपेई ने बताया कि पैसा मांगने की बात जानकारी में नहीं है। उन्होंने जब ज्योति को रेफर किया था तब वह सीरियस थी।
ग्रामीण संग पीड़ित ने सीएमओ से की शिकायत
गोला कोतवाली क्षेत्र के गांव करनपुर निवासी एक व्यक्ति ने ग्रामीणों संग फरधान सीएचसी के एक डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की है। आरोप है कि रिश्वत न मिलने पर डॉक्टर द्वारा इलाज न किए जाने से शिकायतकर्ता की 12 वर्षीय पुत्री की मौत हो गई।
गांव निवासी श्रीकृष्ण ने सीएमओ को भेजी शिकायत में कहा कि उसकी पुत्री ज्योति(12) ने शुक्रवार की दोपहर घर में रखी सिघाड़ा में छिड़कने वाली कीटनाशक दवा को खासी की सीरप समझ कर पी लिया था। हालत बिगड़ने पर ज्योति को आनन फानन में इलाज के लिए सीएचसी फरधान ले जाया गया। जहां एक डाक्टर ने इलाज करने से पहले तीन हजार रूपये की मांग की। आरोप है कि रिश्वत न दे पाने पर डॉक्टर ने इलाज नही किया। परेशान होकर वह सीएचसी प्रभारी के पास गया तो उन्होंने ज्योति का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिसकी कुछ देर बाद सीएचसी में ही मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी अमित बाजपेई ने बताया कि पैसा मांगने की बात जानकारी में नहीं है। उन्होंने जब ज्योति को रेफर किया था तब वह सीरियस थी।
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