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पीड़ित को हवालात में डाल किया शांतिभंग में चालान
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:19 PM IST
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पीड़ित बेवा ने एसपी से मिलकर लगाई न्याय की गुहार
कोतवाली गोला गोकर्णनाथ का मामला
गोला कोतवाली पुलिस के लिए एसपी का आदेश कोई मायने नहीं रखता है। इस बात का खुलासा आज एसपी दफ्तर पर हुआ। मारपीट और आगजनी से पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि उनके आदेश के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी और उल्टे ही उसके पुत्र को हवालात में बंद कर दिया। बाद में शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया। एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जहां कोतवाल को दिए हैं, वहीं पुलिस पर लगे आरोपों की जांच सीओ को सौंपी है।
कोतवाली गोला गोकर्णनाथ के गांव रामपुर गोकुल निवासी बेवा रामदुलारी एसपी से मिली। बेवा ने एसपी को बताया कि 18 फरवरी की शाम को पड़ोसियों ने घर में उसे, उसके पुत्र कृष्ण मोहन, पुत्रवधू और पुत्रियों की पिटाई कर दी थी और घर में आग लगा दी थी। हमलावरों की पिटाई से वह, उसका पुत्र और पुत्रवधू घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंची यूपी 100 डायल सरकारी अस्पताल ले गई और मरहम पट्टी कराई। उसने घटना की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने न मेडिकल परीक्षण कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। कई रोज की भागदौड़ के बाद जब पुलिस ने नहीं सुनी तो वह 15 मार्च को एसपी से मिली। एसपी ने कोतवाल को कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 31 अप्रैल और छह मार्च को भी वह पेश हुई। छह अप्रैल को एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई के आदेश कोतवाल को दिए। आरोप है कि जब वह कोतवाली गई और रिपोर्ट की नकल मांगी तो पुलिस ने उसके बेटे कृष्ण मोहन को हवालात में डाल दिया और मोबाइल भी छीन लिया। अगले दिन शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया। एसपी मनोज कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि आरोपों की जांच सीओ गोला को सौंपी गई है।
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कोतवाली गोला गोकर्णनाथ का मामला
गोला कोतवाली पुलिस के लिए एसपी का आदेश कोई मायने नहीं रखता है। इस बात का खुलासा आज एसपी दफ्तर पर हुआ। मारपीट और आगजनी से पीड़ित परिवार ने एसपी को बताया कि उनके आदेश के बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी और उल्टे ही उसके पुत्र को हवालात में बंद कर दिया। बाद में शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया। एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश जहां कोतवाल को दिए हैं, वहीं पुलिस पर लगे आरोपों की जांच सीओ को सौंपी है।
कोतवाली गोला गोकर्णनाथ के गांव रामपुर गोकुल निवासी बेवा रामदुलारी एसपी से मिली। बेवा ने एसपी को बताया कि 18 फरवरी की शाम को पड़ोसियों ने घर में उसे, उसके पुत्र कृष्ण मोहन, पुत्रवधू और पुत्रियों की पिटाई कर दी थी और घर में आग लगा दी थी। हमलावरों की पिटाई से वह, उसका पुत्र और पुत्रवधू घायल हो गए थे। सूचना पर पहुंची यूपी 100 डायल सरकारी अस्पताल ले गई और मरहम पट्टी कराई। उसने घटना की तहरीर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने न मेडिकल परीक्षण कराया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। कई रोज की भागदौड़ के बाद जब पुलिस ने नहीं सुनी तो वह 15 मार्च को एसपी से मिली। एसपी ने कोतवाल को कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 31 अप्रैल और छह मार्च को भी वह पेश हुई। छह अप्रैल को एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कार्रवाई के आदेश कोतवाल को दिए। आरोप है कि जब वह कोतवाली गई और रिपोर्ट की नकल मांगी तो पुलिस ने उसके बेटे कृष्ण मोहन को हवालात में डाल दिया और मोबाइल भी छीन लिया। अगले दिन शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया। एसपी मनोज कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कोतवाल को रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि आरोपों की जांच सीओ गोला को सौंपी गई है।
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