{"_id":"57b477ad4f1c1b77766ec02c","slug":"accused-of-crimes-have-the-right-to-arrest-the-revelations-was-booby-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराधों के खुलासे में ठीक तो अभियुक्तों की गिरफ्तारी में फिसड्डी रहा जिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपराधों के खुलासे में ठीक तो अभियुक्तों की गिरफ्तारी में फिसड्डी रहा जिला
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईजी जोन ए. सतीश गणेश की समीक्षा में अपराधों के खुलासे में जिले की स्थिति अच्छी पाई गई तो हत्याभियुक्तों की गिरफ्तारी में वह फिसड्डी मिला। साथ ही निरोधात्मक कार्रवाई में भी जिले की प्रगति शून्य रही। मसलन एक भी कार्रवाई नहीं हुई, जिस पर एसपी अखिलेश चौरसियों को व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कर सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
आईजी जोन ने बुधवार को लखनऊ में लखनऊ और फैजाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा गोष्ठी की। गोष्ठी में अपराध एवं अपराधियों की स्थिति, त्योहारों और कानून व्यवस्था की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। हत्या के मामलों में अमेठी, बाराबंकी और अंबेडकरनगर की स्थिति खराब रही तो डकैती की घटनाओं में रायबरेली, सीतापुर, लखनऊ की स्थिति असंतोषजनक रही। हत्या, डकैती और लूट के मामलों में ओवरऑल अनावरण का प्रतिशत सबसे कम लखनऊ में, दूसरे स्थान पर बाराबंकी और तीसरे स्थान पर उन्नाव रहा। अपराधों के अनावरण की दृष्टि से लखीमपुर खीरी अव्वल रहा, जबकि हरदोई और फैजाबाद की स्थिति अच्छी पाई गई, लेकिन जनपद खीरी में हत्या के 15 मामलों में गिरफ्तारी शेष होने और एनएसए, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट में निरोधात्मक कार्रवाई न करने पर एसपी को सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
आईजी जोन ने बुधवार को लखनऊ में लखनऊ और फैजाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा गोष्ठी की। गोष्ठी में अपराध एवं अपराधियों की स्थिति, त्योहारों और कानून व्यवस्था की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। हत्या के मामलों में अमेठी, बाराबंकी और अंबेडकरनगर की स्थिति खराब रही तो डकैती की घटनाओं में रायबरेली, सीतापुर, लखनऊ की स्थिति असंतोषजनक रही। हत्या, डकैती और लूट के मामलों में ओवरऑल अनावरण का प्रतिशत सबसे कम लखनऊ में, दूसरे स्थान पर बाराबंकी और तीसरे स्थान पर उन्नाव रहा। अपराधों के अनावरण की दृष्टि से लखीमपुर खीरी अव्वल रहा, जबकि हरदोई और फैजाबाद की स्थिति अच्छी पाई गई, लेकिन जनपद खीरी में हत्या के 15 मामलों में गिरफ्तारी शेष होने और एनएसए, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट में निरोधात्मक कार्रवाई न करने पर एसपी को सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन