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डॉक्टर पर तीन लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:51 PM IST
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- फोटो : Getty Images
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- उप्र राज्य उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
उप्र राज्य उपभोक्ता आयोग लखनऊ ने लखीमपुर शहर की डॉ. इंद्रा चोपड़ा पर तीन लाख पंद्रह हजार क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। डॉक्टर पर रश्मि सक्सेना के इलाज में लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत और रश्मि की मूत्र नली कटने के मामले में कोर्ट ने जुर्माना लगाया है।
नगर के अधिवक्ता मनोज कुमार सक्सेना ने अपनी पत्नी रश्मि सक्सेना की ओर से न्यायालय जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम लखीमपुर में परिवाद दायर किया था। परिवाद में लखीमपुर के चोपड़ा नर्सिंगहोम की डॉ. इंद्रा चोपड़ा पर रश्मि के इलाज में लापरवाही और देरी से ऑपरेशन होने के कारण गर्भस्थ शिशु की मौत और रश्मि की मूत्र नलिका कटने के कारण संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में पुन: आपरेशन कराना बताया गया था।
जिला फोरम ने वर्ष 2008 में अपने आदेश में डॉ. इंद्रा चोपड़ा को दोषी मानकर तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति एवं 15 हजार रुपये वाद व्यय एक माह में अदा करने और निश्चित अवधि के बाद धन जमा करने में नौ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज लगाने का आदेश दिया था। जिला फोरम के आदेश के विरुद्घ डॉ. इंद्रा चोपड़ा ने उप्र राज्य उपभोक्ता आयोग लखनऊ में अपील प्रस्तुत की, दोनो पक्षों की सुनवाई कर आयोग ने न्यायालय जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम का फैसला बरकरार रखकर अपील खारिज कर दी है।
उप्र राज्य उपभोक्ता आयोग लखनऊ ने लखीमपुर शहर की डॉ. इंद्रा चोपड़ा पर तीन लाख पंद्रह हजार क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। डॉक्टर पर रश्मि सक्सेना के इलाज में लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत और रश्मि की मूत्र नली कटने के मामले में कोर्ट ने जुर्माना लगाया है।
नगर के अधिवक्ता मनोज कुमार सक्सेना ने अपनी पत्नी रश्मि सक्सेना की ओर से न्यायालय जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम लखीमपुर में परिवाद दायर किया था। परिवाद में लखीमपुर के चोपड़ा नर्सिंगहोम की डॉ. इंद्रा चोपड़ा पर रश्मि के इलाज में लापरवाही और देरी से ऑपरेशन होने के कारण गर्भस्थ शिशु की मौत और रश्मि की मूत्र नलिका कटने के कारण संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में पुन: आपरेशन कराना बताया गया था।
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जिला फोरम ने वर्ष 2008 में अपने आदेश में डॉ. इंद्रा चोपड़ा को दोषी मानकर तीन लाख रुपये क्षतिपूर्ति एवं 15 हजार रुपये वाद व्यय एक माह में अदा करने और निश्चित अवधि के बाद धन जमा करने में नौ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज लगाने का आदेश दिया था। जिला फोरम के आदेश के विरुद्घ डॉ. इंद्रा चोपड़ा ने उप्र राज्य उपभोक्ता आयोग लखनऊ में अपील प्रस्तुत की, दोनो पक्षों की सुनवाई कर आयोग ने न्यायालय जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम का फैसला बरकरार रखकर अपील खारिज कर दी है।
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