{"_id":"59b92a534f1c1bf57f8b6940","slug":"51505307219-lakhimpur-kheri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झाले के पास दिखा बाघ, दहशत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
झाले के पास दिखा बाघ, दहशत
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:10 PM IST
विज्ञापन
tiger
लखीमपुर खीरी/ममरी। मंगलवार शाम गंगा घाट पर सरदार लाल सिंह के झाले के पास खूनी बाघ के पदचिन्ह दिखे, जिससे क्षेत्र में दहशत है। वन विभाग की टीम ने पदचिन्ह देखे जाने की पुष्टि की है। वहीं सुंदरपुर गांव के दक्षिण में बाइक के सामने अचानक तेंदुआ आ गया। इससे लोग भयभीत हैं।
सुंदरपुर के दयाशंकर वर्मा व सत्यपाल वर्मा का कहना है कि मंगलवार शाम वह बाइक से मझिगवां जा रहे थे तभी गांव के दक्षिण परबस्तनगर जाने वाले खड़ंजे पर अचानक तेंदुआ गन्ने से निकलकर बाइक के सामने आ गया। हड़बड़ाहट में बाइक गिर गई, तेंदुआ रोड पार कर दूसरे गन्ने के खेत में चला गया। मालूम हो कि बाघ ने 27 अगस्त को पसियापुर गांव के नारायणलाल को निवाला लिया था। बुधवार को फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, नेता रामप्रसाद आदि ने पदचिन्ह बाघ के होने की पुष्टि की और कहा कि बाघ की तस्वीर भी चारों कैमरों में कैद हुई होगी।
ग्रामीणों ने लगाया सीसीटीवी कैमरे खुलवाने का आरोप
वहीं रेंजर द्वारा घमहाघाट के इर्द गिर्द लगे चारों सीसीटीवी कैमरे खुलवा लिए। सुंदरपुर के प्रधान रामविलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, सुरेश, रामस्वरूप, बाबूराम, अनिल, लालसिंह, द्वारिका का कहना है कि रेंजर बाघ की तस्वीर को छुपाने और क्षेत्रवासियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कारण कैमरे खुलवा दिए गए हैं। उन्होंने कैमरे यथा स्थान लगाने की मांग रेंजर से की है। इधर रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ की निगरानी में लगी टीम को बाघ के पदचिन्ह मिले हैं, जिनका उन्होंने भी निरीक्षण किया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रेंजर ने बताया कि कैमरों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम खोलेगी, तभी बाघ की तस्वीरों की जानकारी होगी।
विज्ञापन
जंगल से निकलकर बाघ ने नहर पटरी को बनाया ठिकाना
युवक से आमना-सामना होने के बाद वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
बांकेगंज। मैलानी रेंज की पनसब्बी बीट में जंगल से निकले बाघ ने एक बार फिर डेरा जमा लिया है। मंगलवार को उधर से गुजर रहे एक युवक रामचंद्र के ठीक सामने आकर एक बाघ खड़ा हो गया, इससे क्षेत्र में दहशत है।
हाल ही में दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में शामिल हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के पनसब्बी कंपार्टमेंट जंगल से निकल कर आए बाघ ने (बड़ी नहर) पटरी के किनारे अपना ठिकाना बना लिया है। वन कर्मियों की मानें तो कि पिछले कई दिनों से यहां पर बाघ की मौजूदगी के संकेत मिल रहे है। वन कर्मियों ने इसी जगह पर कई बार बाघ के पद चिन्ह देखे और गश्त के दौरान बाघ की दहाड़ भी सुनी है। मंगलवार को कस्बे से सटे कोठीपुर गांव का निवासी रामचंद्र किसी काम से नहर पटरी किनारे जा रहा था, तभी झाड़ियों से निकला बाघ उसके सामने कुछ ही दूरी पर आकर खड़ा हो गया। युवक के मुुंह से चीख निकल गई, जिससे बाघ वहां से हटकर जंगल की ओर चला गया। किसी तरह वह घर पहुंचा और लोगों को आप बीती बताई। इधर फॉरेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां पर बाघ के ताजे पदचिन्ह दिखाई दिए।
चार माह पहले बाघ के दो हमलों में चार लोग हुए थे जख्मी
मंगलवार को (बड़ी नहर) पटरी पर बाघ को सामने खड़ा देखने वाले युवक रामचंद्र के भाई रमेश को पांच साल पहले मैलानी रेंज की पनसब्बी बीट में ही बाघ ने अपना निवाला बना लिया था। दूसरे दिन उसका कंकाल जंगल में मिला था। इसके अलावा इसी पनसब्बी बीट में चार माह पहले सात मई को नहर पटरी से गुजर रहे एक वृद्ध, मां और दो बेटियों पर आधे घंटे में बाघ ने दो हमले कर चारों को गंभीर घायल कर दिया था।
जटपुरा बीट की पनसब्बी बीट नहर पटरी किनारे बाघ के ताजे पदचिन्ह मिलने से यहां बाघ की मौजूदगी हो सकती है। इसकी निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले उस तरफ न जाएं, जाते समय सावधानी बरतें।
डीएस यादव, वनक्षेत्राधिकारी, मैलानी रेंज।
विज्ञापन
सुंदरपुर के दयाशंकर वर्मा व सत्यपाल वर्मा का कहना है कि मंगलवार शाम वह बाइक से मझिगवां जा रहे थे तभी गांव के दक्षिण परबस्तनगर जाने वाले खड़ंजे पर अचानक तेंदुआ गन्ने से निकलकर बाइक के सामने आ गया। हड़बड़ाहट में बाइक गिर गई, तेंदुआ रोड पार कर दूसरे गन्ने के खेत में चला गया। मालूम हो कि बाघ ने 27 अगस्त को पसियापुर गांव के नारायणलाल को निवाला लिया था। बुधवार को फॉरेस्टर रामनरेश वर्मा, नेता रामप्रसाद आदि ने पदचिन्ह बाघ के होने की पुष्टि की और कहा कि बाघ की तस्वीर भी चारों कैमरों में कैद हुई होगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने लगाया सीसीटीवी कैमरे खुलवाने का आरोप
वहीं रेंजर द्वारा घमहाघाट के इर्द गिर्द लगे चारों सीसीटीवी कैमरे खुलवा लिए। सुंदरपुर के प्रधान रामविलास चौधरी, बीडीसी रामकुमार वर्मा, सुरेश, रामस्वरूप, बाबूराम, अनिल, लालसिंह, द्वारिका का कहना है कि रेंजर बाघ की तस्वीर को छुपाने और क्षेत्रवासियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कारण कैमरे खुलवा दिए गए हैं। उन्होंने कैमरे यथा स्थान लगाने की मांग रेंजर से की है। इधर रेंजर एसएन यादव का कहना है कि बाघ की निगरानी में लगी टीम को बाघ के पदचिन्ह मिले हैं, जिनका उन्होंने भी निरीक्षण किया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रेंजर ने बताया कि कैमरों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ टीम खोलेगी, तभी बाघ की तस्वीरों की जानकारी होगी।
विज्ञापन
जंगल से निकलकर बाघ ने नहर पटरी को बनाया ठिकाना
युवक से आमना-सामना होने के बाद वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
बांकेगंज। मैलानी रेंज की पनसब्बी बीट में जंगल से निकले बाघ ने एक बार फिर डेरा जमा लिया है। मंगलवार को उधर से गुजर रहे एक युवक रामचंद्र के ठीक सामने आकर एक बाघ खड़ा हो गया, इससे क्षेत्र में दहशत है।
हाल ही में दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन में शामिल हुए दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट के पनसब्बी कंपार्टमेंट जंगल से निकल कर आए बाघ ने (बड़ी नहर) पटरी के किनारे अपना ठिकाना बना लिया है। वन कर्मियों की मानें तो कि पिछले कई दिनों से यहां पर बाघ की मौजूदगी के संकेत मिल रहे है। वन कर्मियों ने इसी जगह पर कई बार बाघ के पद चिन्ह देखे और गश्त के दौरान बाघ की दहाड़ भी सुनी है। मंगलवार को कस्बे से सटे कोठीपुर गांव का निवासी रामचंद्र किसी काम से नहर पटरी किनारे जा रहा था, तभी झाड़ियों से निकला बाघ उसके सामने कुछ ही दूरी पर आकर खड़ा हो गया। युवक के मुुंह से चीख निकल गई, जिससे बाघ वहां से हटकर जंगल की ओर चला गया। किसी तरह वह घर पहुंचा और लोगों को आप बीती बताई। इधर फॉरेस्ट गार्ड सुखपाल सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्हें वहां पर बाघ के ताजे पदचिन्ह दिखाई दिए।
चार माह पहले बाघ के दो हमलों में चार लोग हुए थे जख्मी
मंगलवार को (बड़ी नहर) पटरी पर बाघ को सामने खड़ा देखने वाले युवक रामचंद्र के भाई रमेश को पांच साल पहले मैलानी रेंज की पनसब्बी बीट में ही बाघ ने अपना निवाला बना लिया था। दूसरे दिन उसका कंकाल जंगल में मिला था। इसके अलावा इसी पनसब्बी बीट में चार माह पहले सात मई को नहर पटरी से गुजर रहे एक वृद्ध, मां और दो बेटियों पर आधे घंटे में बाघ ने दो हमले कर चारों को गंभीर घायल कर दिया था।
जटपुरा बीट की पनसब्बी बीट नहर पटरी किनारे बाघ के ताजे पदचिन्ह मिलने से यहां बाघ की मौजूदगी हो सकती है। इसकी निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे अकेले उस तरफ न जाएं, जाते समय सावधानी बरतें।
डीएस यादव, वनक्षेत्राधिकारी, मैलानी रेंज।